इलाहाबाद हाईकोर्ट: Sec 202 CrPC कोई आरोपी यदि मजिस्ट्रेट के क्षेत्राधिकार से बाहर है तो, प्रक्रिया जारी करने से पहले जांच आवश्यक-

Allahabad High Court इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि, धारा 202 (1) सीआरपीसी Cr PC के तहत, यदि कोई आरोपी मजिस्ट्रेट के क्षेत्राधिकार से बाहर रहता है, तो मजिस्ट्रेट को या तो स्वयं मामले की जांच करनी चाहिए या धारा 204 सीआरपीसी के तहत प्रक्रिया जारी करने से पहले जांच का निर्देश देना … Read more

वकीलो ने लिखा चीफ जस्टिस को पत्र, कहा कोर्ट परिसर में हेडस्कार्फ पहनकर न आये वकील, पालन हो ड्रेस कोड का-

एक वकील ने Calcutta High Court कलकत्ता उच्च न्यायालय के Chief Justice मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव को पत्र लिखकर वकीलों को उच्च न्यायालय परिसर में हेडस्कार्फ , घूंघट या आस्था के अन्य चीज़े पहनने से रोकने के लिए प्रशासनिक निर्देशों का अनुरोध किया है। । वकील शक्ति खेतान के पत्र के अनुसार, कोर्ट में हेडस्कार्फ … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: नाजायज बच्चा होने के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता-

शीर्ष अदालत ने गुरुवार को कहा है कि किसी मृत कर्मचारी की दूसरी पत्नी का बेटा होने के आधार पर उसे अनुकंपा नियुक्ति देने से इनकार नहीं किया जा सकता। शीर्ष अदालत ने कहा है कि ऐसा करना आवेदक के मौलिक अधिकारों का हनन होगा और उसके परिवार की गरिमा के खिलाफ होगा। न्यायमूर्ति यूयू … Read more

सुप्रीम कोर्ट: फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ का नाम बदलने पर सुनवाई, कल फिर से होगी सुनवाई-

न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी ने कहा, ‘क्या फिल्म का शीर्षक बदलना संभव है?’ लेकिन याचिकाकर्ता के वकील ने फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने पर जोर दिया। वहीं प्रतिवादियों की ओर से कहा गया कि फिल्म रिलीज होने से एक दिन पहले नाम परिवर्तन संभव नहीं होगा। Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुझाव … Read more

PIL in Rape Case: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस वीएस सिरपुरकर की अध्यक्षता वाले आयोग ने एनकाउंटर की जांच रिपोर्ट में पाया, संदेह के घेरे में आई पुलिस-

हैदराबाद में पिछले साल एक पशु चिकित्सक की सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी. मामले के चार आरोपी कथित तौर पर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे. घटना एक साल बाद हुए एक कार्यक्रम में बोलते हुए जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि एनकाउंटर की ख़बर को सिविल सोसाइटी द्वारा जश्न के रूप … Read more

‘मैरिटल बलात्कार’ धारा 376 और ‘दहेज प्रताड़ना कानून’ धारा 498A का इस्तेमाल हिसाब चुकता करने के लिए हो रहा है, सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई-

Misuse of IPC SEC 376 & 498A – भारतीय दंड संहिता की धारा 498 A विवाहिता स्त्रियों के साथ ससुराल में क्रूरता के मामले में लगाई जाती है। दहेज उत्पीड़न और दहेज के लिए हत्याओं के मामलों को देखते हुए 1983 में आईपीसी में धारा 498A शामिल की गई थी। विगत दिनों न्यायमूर्ति एस. अब्दुल … Read more

Supreme Court में याचिका, पूछा क्या हिंदी राष्ट्रीय भाषा है? बॉम्बे हाईकोर्ट ने NDPS Act में गिरफ्तार याची से कहा “हां” और खारिज की जमानत अर्जी-

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले में कहा था कि Article 22(5) अनुच्छेद 22(5) के तहत जरूरी है कि व्यक्ति को उसके Constitutional Rights मौलिक अधिकारों के बारे में उसी भाषा में जानकारी दी जाए वह उसके द्वारा अच्छी तरह समझी जाती हो। Supreme Court सर्वोच्च न्यायालय में हैदराबाद के एक तेलुगु भाषी … Read more

हिजाब पर क्यों मचा है बवाल, जाने विस्तार से संविधान प्रदत्त अधिकारों, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के लैंडमार्क फैसलों के माध्यम से, विस्तार में-

नियम अलग हैं और धर्म अलग। दोनों एक-दूसरे में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। कर्नाटक में हिजाब को लेकर आखिर घमासान क्यों- ताजा विवाद की शुरुआत इस साल की शुरुआत में हुई जब कुछ सरकारी शिक्षण संस्थाओं में कुछ छात्राएं हिजाब पहनकर आने लगीं। संस्था ने जब इसकी अनुमति नहीं दी तो हिजाब के समर्थन में … Read more

सुप्रीम कोर्ट: अगर शिकायत के साथ हलफनामा नहीं, तो मजिस्ट्रेट सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत आवेदन पर सुनवाई नहीं कर सकता-

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अगर शिकायत के साथ हलफनामा नहीं है तो मजिस्ट्रेट दंड प्रक्रिया संहिता Criminal Procedure Code की धारा 156 (3) के तहत एक आवेदन पर सुनवाई नहीं कर सकता है। इस तरह की आवश्यकता के साथ, लोगों को पहली बार में मजिस्ट्रेट के अधिकार को लागू करने से … Read more

जो इस्लाम को नहीं मानते, उन्हें मस्जिदों के लाउडस्पीकरों के शोर सुनने को नहीं करें मजबूर, हाईकोर्ट ने गुजरात सरकार से मांगा जवाब-

Gujrat High Court गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को एक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस एक जनहित याचिका के आधार पर जारी किया गया है जिसमें पूरे गुजरात के मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के बजने पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसके लिए कोर्ट ने सरकार से 10 मार्च 2022 तक जवाब … Read more