मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का शाहजहां की बहू के मकबरे पर बड़ा फैसला, ऐतिहासिक तीनो इमारतें वक्फ बोर्ड की संपत्ति का हिस्सा नहीं

Jabalpur Mphigh Court

“विचाराधीन संपत्ति प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम, 1904 के तहत विधिवत अधिसूचित एक प्राचीन और संरक्षित स्मारक है और इसलिए, सीईओ, एमपी वक्फ बोर्ड ने याचिकाकर्ता को इसे खाली करने का निर्देश देकर एक भौतिक अवैधता की है।” मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मुगल सम्राट शाहजहां की बहू के मकबरे पर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट … Read more

यदि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए नीतिगत निर्णय लिया जाता है, तो इसका लाभ सभी को मिलना चाहिए; अधिकारियों को चयन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती – सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि यदि सक्षम प्राधिकारी अनुमेय ढांचे के भीतर कोई नीतिगत निर्णय लेता है, तो इसका लाभ उन सभी को मिलना चाहिए जो ऐसी नीति के मापदंडों के अंतर्गत आते हैं और ऐसी परिस्थितियों में अधिकारियों को चयन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान … Read more

भोजशाला विवाद में नया मोड़, हिंदू पक्ष ने फिर किया सुप्रीम कोर्ट का रुख, इस आदेश को वापस लेने की लगाई गुहार

Bhoj Sc 12

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 1 अप्रैल को जारी एएसआई रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई न करने के आदेश को वापस लेने की गुहार लगाई है। … Read more

’10 वर्षो से अधिक समय तक स्वेछा से बनाए शारीरिक संबंध’; MP हाईकोर्ट ने रेप केस रद्द कर महिला को दिया झटका

mp highcourt

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महिला की शिकायत पर एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज बलात्कार के मामले को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि दोनों अपनी सहमति और स्वेछा से 10 साल से अधिक समय से रिश्ते में थे। 2 जुलाई के अपने आदेश में जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने कहा कि यह … Read more

मध्य प्रदेश HC ने नए कानून ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ के तहत एक मामले पर जांच के लिए दिए आदेश, नए कानून लागू होने के बाद संभवत: यह पहला मामला

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता BNSS के तहत एक मामले पर जांच करने के आदेश दिए हैं. नए कानून लागू होने के बाद संभवत: यह पहला मामला है, जिसमें हाईकोर्ट ने कोई आदेश दिया है. देश में तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) … Read more

SC कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिश के बाद केंद्र ने पंजाब और हरियाणा HC के मुख्य न्यायाधीश और मध्य प्रदेश HC के एसीजे की नियुक्ति को अधिसूचित किया

उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों

विधि एवं न्याय मंत्रालय ने 27 दिसंबर, 2023 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिश के बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शील नागू को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की है। 04 जुलाई, 2024 की अधिसूचना में कहा गया है, “भारत के संविधान के … Read more

वक्फ अधिनियम लागू होने से पहले सिविल कोर्ट में दायर मुकदमों पर वक्फ न्यायाधिकरण का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं : HC

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने पाया कि वक्फ अधिनियम, 1995 (अधिनियम) की धारा 7(5) के तहत, वक्फ न्यायाधिकरण के पास ऐसे मामलों पर अधिकार क्षेत्र नहीं है जो अधिनियम के लागू होने से पहले किसी सिविल न्यायालय में शुरू किए गए किसी मुकदमे या कार्यवाही का विषय हों। न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकल पीठ ने … Read more

IPC Sec 302 के तहत पति की सजा पत्नी के प्रति मानसिक क्रूरता के बराबर, महिला को तलाक की अनुमति – मध्य प्रदेश HC

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक महिला को तलाक की अनुमति दे दी है, जिसके पति को संपत्ति विवाद में अपने ही पिता की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार वाणी की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि आईपीसी की … Read more

जज पर जूता फेंकने वाले अधिवक्ता को नहीं मिली सर्वोच्च अदालत से कोई राहत, अब जाना होगा जेल

दिनांक 22 जनवरी को अदालती कार्यवाही के दौरान जज पर जूता फेंकने वाले निलंबित वकील को देश के सर्वोच्च अदालत ने भी राहत देने से इनकार कर दिया है. वकील को पहले इंदौर हाईकोर्ट से कड़ी फटकार का सामना करना पड़ा था. ज्ञात हो की वकील को पहले इंदौर हाईकोर्ट से कड़ी फटकार का सामना … Read more

Unique Order On Breakup After A Live-In Relationship: ‘लंबे समय तक ‘Live-In Relationship’ में रहने वाली महिला भरण-पोषण की हकदार’

Unique Order On Breakup After A Live-In Relationship: मध्‍य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि किसी व्यक्ति के साथ लंबे समय तक लिव-इन-रिलेशन में रहने वाली महिला को भी अलग होने पर भरण-पोषण लेने का हक है, भले ही वे कानूनी रूप से विवाहित न हों। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी शैलेश … Read more