विगत 45 वर्ष से मुआवजा नहीं दिया, मध्य हाईकोर्ट ने रेलवे पर इस गलती के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया

हाई कोर्ट

मध्य हाई कोर्ट के जबलपुर खंडपीठ के एकलपीठ न्यायमूर्ति गुरपाल सिंह अहलूवालिया ने रेलवे के उस रवैये को आड़े हाथों लिया, जिसके अंतर्गत जमीन लेकर विगत 45 वर्ष से मुआवजा नहीं दिया गया। कोर्ट ने रेलवे पर इस गलती के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। इतने वर्षों का ब्याज सहित किराया भी … Read more

94 वर्षीय सेवानिवृत्त डाक्टर को अतिरिक्त पेंशन के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता, 80 वर्ष से लेकर वर्तमान समय तक तीन बार पेंशन वृद्धि का हक़दार – HC

Gwalier Hc

मध्य प्रदेश उच्च न्यायलय ग्वालियर खंडपीठ ने 94 वर्षीय सेवानिवृत्त डाक्टर ने अतिरिक्त पेंशन के लाभ से वंचित होने पर हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर करते हुए अतिरिक्त पेंशन का भुगतान किए जाने की मांग की। जिस पर हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिका का निस्तारण करते हुए कहा कि 80 … Read more

क्षैतिज आरक्षण में विभिन्न श्रेणियों को अलग-अलग करना और मेधावी आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को अनारक्षित सीटों पर जाने से रोकना “पूरी तरह से अवैध है”: SC

Supreme Court Of India121

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि क्षैतिज आरक्षण में विभिन्न श्रेणियों को अलग-अलग करना और मेधावी आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को अनारक्षित सीटों पर जाने से रोकना “पूरी तरह से अस्थिर है।” 2023 में आयोजित NEET (UG) परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों (अपीलकर्ताओं) ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी … Read more

अतिरिक्त पेंशन के लाभ के लिए 80 वर्ष की आयु की गणना उस तिथि से की जाएगी जब व्यक्ति 80 वर्ष की आयु में प्रवेश करता है न कि जब वह 80 वर्ष पूरा करता है : मध्य प्रदेश HC

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने कहा है कि मध्य प्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के तहत अतिरिक्त पेंशन के लाभ के लिए 80 वर्ष की आयु की गणना उस तिथि से की जानी चाहिए, जब व्यक्ति 80 वर्ष की आयु में प्रवेश करता है, न कि जब वह 80 वर्ष पूरा करता है। वर्तमान … Read more

जमानत देने के मामले में ‘स्टेनोग्राफर के सहयोग से भ्रष्टाचार की गतिविधियों में लिप्त’ और दोहरे मापदंड अपनाने के कारण एक ‘अतिरिक्त जिला न्यायाधीश’ को हटाने के फैसले को बरकरार रखा – HC

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने जमानत देने के मामले में दोहरे मापदंड अपनाने के कारण एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश को हटाने के फैसले को बरकरार रखा। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने कहा, “मौजूदा मामले में उपलब्ध सामग्री पर विचार करते हुए, यह स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता अतिरिक्त सत्र … Read more

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का शाहजहां की बहू के मकबरे पर बड़ा फैसला, ऐतिहासिक तीनो इमारतें वक्फ बोर्ड की संपत्ति का हिस्सा नहीं

Jabalpur Mphigh Court

“विचाराधीन संपत्ति प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम, 1904 के तहत विधिवत अधिसूचित एक प्राचीन और संरक्षित स्मारक है और इसलिए, सीईओ, एमपी वक्फ बोर्ड ने याचिकाकर्ता को इसे खाली करने का निर्देश देकर एक भौतिक अवैधता की है।” मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मुगल सम्राट शाहजहां की बहू के मकबरे पर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट … Read more

यदि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए नीतिगत निर्णय लिया जाता है, तो इसका लाभ सभी को मिलना चाहिए; अधिकारियों को चयन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती – सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि यदि सक्षम प्राधिकारी अनुमेय ढांचे के भीतर कोई नीतिगत निर्णय लेता है, तो इसका लाभ उन सभी को मिलना चाहिए जो ऐसी नीति के मापदंडों के अंतर्गत आते हैं और ऐसी परिस्थितियों में अधिकारियों को चयन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान … Read more

भोजशाला विवाद में नया मोड़, हिंदू पक्ष ने फिर किया सुप्रीम कोर्ट का रुख, इस आदेश को वापस लेने की लगाई गुहार

Bhoj Sc 12

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 1 अप्रैल को जारी एएसआई रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई न करने के आदेश को वापस लेने की गुहार लगाई है। … Read more

’10 वर्षो से अधिक समय तक स्वेछा से बनाए शारीरिक संबंध’; MP हाईकोर्ट ने रेप केस रद्द कर महिला को दिया झटका

mp highcourt

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महिला की शिकायत पर एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज बलात्कार के मामले को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि दोनों अपनी सहमति और स्वेछा से 10 साल से अधिक समय से रिश्ते में थे। 2 जुलाई के अपने आदेश में जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने कहा कि यह … Read more

मध्य प्रदेश HC ने नए कानून ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ के तहत एक मामले पर जांच के लिए दिए आदेश, नए कानून लागू होने के बाद संभवत: यह पहला मामला

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता BNSS के तहत एक मामले पर जांच करने के आदेश दिए हैं. नए कानून लागू होने के बाद संभवत: यह पहला मामला है, जिसमें हाईकोर्ट ने कोई आदेश दिया है. देश में तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) … Read more