धारा 142 के साथ धारा 138 NI Act के तहत आपराधिक मामले में Supreme Court ने कहा कि ‘शादी का झूठा वादा करके बलात्कार नहीं किया जा सकता’ फिर FIR समेत सभी कार्यवाहियों को रद्द किया
सर्वोच्च न्यायालय ने बलात्कार के एक मामले को यह देखते हुए खारिज कर दिया कि दोनों पक्ष वयस्क होने के नाते शिकायत दर्ज होने से पहले वर्षों तक सहमति से संबंध बनाए थे, जिसमें आरोप लगाया गया था कि शादी करने का वादा करने से मुकर गए थे। सर्वोच्च न्यायालय एक स्थानांतरण याचिका पर विचार … Read more