दिल्ली हाईकोर्ट: सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि, दोषी की सजा बरकरार

दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) की धारा 397 और 401 के तहत दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए, ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए दोषी की सजा की पुष्टि की। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में वास्तविक प्रगति करनी है, … Read more

नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वूमेन द्वारा दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज, यूपी, उत्तराखंड और राजस्थान में विध्वंस ड्राइव के लिए अवमानना ​​कार्रवाई कर रहा था मांग –

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सर्वोच्च न्यायालय ने आज, उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अधिकारियों द्वारा संपत्ति के विध्वंस के संबंध में अदालत की अवमानना ​​का आरोप लगाते हुए एक याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका को नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वूमेन (NFIW) द्वारा दायर किया गया था, जो इस मुद्दे के बारे में लंबित रिट याचिका में … Read more

वैवाहिक दुष्कर्म पर दिल्ली उच्च न्यायालय के खंडित फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर-

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वैवाहिक दुष्कर्म Marital Rape को अपराध घोषित करने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा सुनाए गए खंडित फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट Supreme Court में एक याचिका दायर की गई है. दिल्ली उच्च न्यायालय Delhi High Court में दायर याचिकाओं में कानून में मौजूद उस अपवाद को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत पत्नियों … Read more

बॉम्बे उच्च न्यायलय का फैसला बिना सहमति के महिला के पैर छूना उसकी शील भंग करने जैसा अपराध-

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औरंगाबाद बेंच – बॉम्बे हाईकोर्ट की ने रात में सोते समय एक महिला के पैर छूने के लिए एक पुरुष को दी गई सजा और एक साल की सजा को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा, “किसी महिला की सहमति के बिना उसके शरीर के किसी हिस्से को छूना वह भी रात के समय किसी अजनबी … Read more

Allahabad High Court: Domestic Violence Act धारा 12 के तहत आवेदन को केवल समय सीमा के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता-

Allahabad High Court Lucknow Bench

Allahabad High Court Lucknow Bench इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच ने माना है कि क्योंकि घरेलू हिंसा अधिनियम महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक लाभकारी कानून है इसलिए घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 की धारा 12 के तहत शिकायत दर्ज करने के लिए कोई सीमा अवधि नहीं है। न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति सरोज यादव की … Read more

जनता के रोष के कारण डाबर को करवा चौथ का विज्ञापन को लेना पड़ा वापस – ज‌स्टिस डीवाई चंद्रचूड़

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जस्टिस चंद्रचूड़ ने अपने भाषण में युवाओं को लैंगिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने की जरूरत को रेखांकित किया। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूण ने शनिवार को एक कार्यक्रम में डाबर के हालिया विज्ञापन विवाद पर टिप्पणी की। एक समारोह में उन्होंने कहा कि “जनता के रोष” के कारण विज्ञापन को हटाना पड़ा। जानकारी हो कि डाबर … Read more