किसी चेक पर स्वामी के साइन होने से वह एन आई एक्ट धारा 138 के तहत अपराध का दोषी नहीं माना जायेगा : हाई कोर्ट
दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया किसी चेक पर केवल हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर होना किसी व्यक्ति को निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट NI Act की धारा 138 के तहत अपराध का दोषी नहीं बनाता है। यह देखते हुए कि अपराध उस चरण में शुरू होता है, जब बैंक द्वारा … Read more