SC ने ट्रांस महिला कार्यकर्ता के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी को लेकर आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी, मणिपुर राज्य से एक बार की गलती को नजरअंदाज करने को कहा

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सुप्रीम कोर्ट ने एक ट्रांस महिला कार्यकर्ता के खिलाफ उसके सोशल मीडिया यानी फेसबुक पर की गई टिप्पणी के लिए आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है, जिसमें मणिपुर राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड द्वारा निर्णय लेने की प्रक्रिया में उसके शामिल न होने की शिकायत की गई थी। प्रस्तुत रिट याचिका आपराधिक कार्यवाही शुरू करने … Read more

बेअंत सिंह हत्याकांड: जगतार सिंह हवारा को दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब के किसी जेल में स्थानांतरित करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा

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सुप्रीम कोर्ट ने आज बब्बर खालसा के आतंकवादी जगतार सिंह हवारा की याचिका पर केंद्र और अन्य से जवाब मांगा है। हवारा 1995 में पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। हवारा ने दिल्ली की तिहाड़ जेल से उसे पंजाब की किसी जेल में स्थानांतरित … Read more

अभियोजन पक्ष का मामला केवल स्वतंत्र गवाह की अनुपस्थिति के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता, SC ने हत्या के मामले में दोषसिद्धि को बरकरार रखा

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सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि साझा इरादे के निर्माण के लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं हो सकती और यह आवश्यक नहीं है कि अपराधियों ने अपराध की साजिश रचने या अपराध की तैयारी करने के लिए पहले से बैठकें की हों। न्यायालय ने कहा कि साझा इरादे का अनुमान अपराधियों द्वारा अपराध करने से ठीक … Read more

विचाराधीन कैदी के रूप में लंबे समय तक कारावास में रहने के बाद अभियुक्त को ‘निर्दोष बरी’ किए जाने के मामलों में मुआवज़े के लिए दावे किए जा सकते हैं: SC

मंदिरों के गैर-वंशानुगत ट्रस्टियों के चयन में जाति बाधा नहीं बननी चाहिए: सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि भगवान ने जाति के आधार पर वर्गीकरण नहीं बनाया

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि विचाराधीन कैदी के रूप में लंबे समय तक कारावास में रहने के बाद अभियुक्त को निर्दोष बरी किए जाने के मामलों में मुआवज़े के लिए दावे किए जा सकते हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ‘निर्दोष बरी’ में वे मामले शामिल नहीं हैं, जिनमें गवाह मुकर गए हों या वास्तविक … Read more

अनुसूचित जातियों में उप-वर्गीकरण को लेकर अपने फैसले की समीक्षा को सहमत सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को अनुसूचित जातियों में उप-वर्गीकरण को लेकर दिए गए अपने फैसले की समीक्षा करने के लिए सहमत हो गया है। इस संबंध में कोर्ट में कई याचिकाएं डाली गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस निर्णय में कहा था कि राज्यों को आरक्षण देने के लिए अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण करने … Read more

‘जजों से भी हो सकती है गलती’, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश वापस लेने के ED के आवेदन को अनुमति प्रदान करते हुए कहा की आदेशों में त्रुटियों को मानने में और उन्हें सुधारने से पीछे नहीं हटना चाहिए

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सुप्रीम कोर्ट ने माना कि जज भी गलती कर सकते हैं। शीर्ष अदालत ने कहा है कि अदालतों को अपने आदेशों में गलतियों को स्वीकार करने और मामले के बंद होने के बाद भी उन्हें सुधारने से पीछे नहीं हटना चाहिए। यह मामला इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस और उसके अधिकारियों को अंतरिम सुरक्षा देने के सुप्रीम … Read more

कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक/आपराधिक कार्यवाही तभी शुरू की जा सकती है, जब अनुशासनात्मक कार्यवाही में कर्मचारी को आरोप-पत्र जारी किया गया हो – SC

भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सीजेआई के समक्ष सूचीबद्ध करने को कहा

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि आपराधिक जांच का सामना कर रहे सरकारी कर्मचारी की पदोन्नति पर विचार करते समय “सीलबंद लिफाफा प्रक्रिया” का पालन आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद ही किया जाना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि जांच लंबित होने के कारण अधिकारी इस प्रक्रिया को अपनाने में सक्षम नहीं हो सकते। न्यायमूर्ति संदीप मेहता … Read more

अपने ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने “पॉक्सो अधिनियम की धारा 30 के तहत दोषपूर्ण मानसिक स्थिति का अनुमान निरस्तीकरण कार्यवाही में लागू किया जा सकता है”

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सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में, स्पष्ट किया कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 30 के तहत वैधानिक अनुमान को उच्च न्यायालयों द्वारा आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 482 या भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) के संबंधित प्रावधान के तहत आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिए … Read more

14 वर्षीय लड़की के बलात्कार और हत्या के मामले में मृत्युदंड को 20 वर्ष की निश्चित कारावास में दिया बदल, SC ने कहा कि वह कोई “कठोर अपराधी नहीं है, जिसे सुधारा नहीं जा सकता”

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सर्वोच्च न्यायालय ने यह देखते हुए कि अभियुक्त कोई कठोर अपराधी नहीं है, जिसे सुधारा नहीं जा सकता, 14 वर्षीय लड़की के बलात्कार और हत्या के मामले में मृत्युदंड को 20 वर्ष की निश्चित कारावास में बदल दिया। तथ्य- प्रस्तुत अपीलें मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर की खंडपीठ द्वारा दिनांक 17.01.2019 को पारित निर्णय और … Read more

जब दो अभियुक्तों के विरुद्ध समान या एकसमान साक्ष्य हों, तो न्यायालय एक अभियुक्त को दोषी नहीं ठहरा सकता तथा दूसरे को बरी नहीं कर सकता – SC

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सर्वोच्च न्यायालय ने दोहराया है कि जब दो अभियुक्तों के विरुद्ध समान या एकसमान साक्ष्य हों, तो न्यायालय एक अभियुक्त को दोषी नहीं ठहरा सकता तथा दूसरे को बरी नहीं कर सकता। न्यायालय ने अपीलकर्ता को बरी कर दिया, जिसे आईपीसी की धारा 420 तथा पासपोर्ट अधिनियम, 1967 (अधिनियम) की धारा 12(2) के अंतर्गत एक … Read more