सुप्रीम कोर्ट का फैसला: ओडिशा हाईकोर्ट का आदेश रद्द, कहा—जब मध्यस्थता समझौता मौजूद हो तो कोर्ट को मामले के गुण-दोष में नहीं जाना चाहिए

supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा हाईकोर्ट का आदेश रद्द करते हुए कहा कि जब मध्यस्थता समझौता मौजूद हो, तो कोर्ट को दावे की मेरिट पर नहीं जाना चाहिए। हिंदुस्तान प्रीफैब लिमिटेड और एनएलयू ओडिशा विवाद में न्यायमूर्ति भास्कर भट्टाचार्य को एकल मध्यस्थ नियुक्त किया गया। 📰 सुप्रीम कोर्ट का फैसला: ओडिशा हाईकोर्ट का आदेश रद्द, कहा—जब … Read more

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मजिस्ट्रेट द्वारा 156(3) CrPC के तहत जांच का आदेश केवल तकनीकी त्रुटि से अमान्य नहीं हो सकता — कोर्ट ने FIR बहाल कर पुलिस जांच के निर्देश दिए

सुप्रीम कोर्ट

📰 सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मजिस्ट्रेट द्वारा 156(3) CrPC के तहत जांच का आदेश केवल तकनीकी त्रुटि से अमान्य नहीं हो सकता — कोर्ट ने FIR बहाल कर पुलिस जांच के निर्देश दिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट द्वारा CrPC की धारा 156(3) के तहत पुलिस जांच का आदेश केवल तकनीकी या भाषाई … Read more

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मृत व्यक्तियों के पक्ष में पारित डिक्री ‘शून्य’, ट्रायल कोर्ट की डिक्री लागू होगी

सुप्रीम कोर्ट

🏛️ सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मृत व्यक्तियों के पक्ष में पारित डिक्री ‘शून्य’, ट्रायल कोर्ट की डिक्री लागू होगी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मृत व्यक्तियों के पक्ष में पारित डिक्री शून्य मानी जाएगी। अदालत ने ट्रायल कोर्ट की डिक्री को वैध ठहराते हुए एक्सीक्यूशन बहाल की। यह फैसला संपत्ति विवादों में कानूनी प्रक्रिया … Read more

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: संपत्ति विवादों में केवल निषेधाज्ञा (Injunction) नहीं, स्वामित्व की घोषणा (Declaration of Title) भी जरूरी

supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर संपत्ति का कब्ज़ा प्रतिवादी के पास है और स्वामित्व विवादित है, तो वादी को केवल निषेधाज्ञा (Injunction) नहीं बल्कि स्वामित्व की घोषणा (Declaration of Title) की भी मांग करनी होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रक्रिया संबंधी त्रुटियाँ संपत्ति विवादों को जटिल बनाती हैं। ⚖️ सुप्रीम कोर्ट का बड़ा … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने दी महत्वपूर्ण व्याख्या: ‘CPC धारा 47 की आपत्ति नया ट्रायल नहीं’

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) की धारा 47 के तहत दायर आपत्तियों को नए ट्रायल की तरह नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने MMTC लिमिटेड की अपील खारिज करते हुए कहा कि ऐसी आपत्तियों का उद्देश्य मुकदमे को लंबा करना नहीं बल्कि निष्पादन को तेज करना है। Supreme Court: Section 47 … Read more

‘सिस्टम का मजाक’: सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट जज बनने की मांग वाली याचिका खारिज की, चेताया – वकालत का लाइसेंस रद्द कर देंगे

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक वकील द्वारा खुद को हाई कोर्ट जज नियुक्त करने की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए कड़ी फटकार लगाई। सीजेआई बी.आर. गवई ने कहा, “आप सिस्टम का मजाक बना रहे हैं।” कोर्ट ने चेतावनी दी कि ऐसी याचिकाएं दायर करने वालों का वकालत लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। ‘सिस्टम … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने पोर्न पर प्रतिबंध की मांग पर सुनवाई टाली, नेपाल में सोशल मीडिया बैन का दिया उदाहरण

supreme court

🧾 सुप्रीम कोर्ट ने पोर्नोग्राफी पर प्रतिबंध और सख्त कानून की मांग वाली याचिका पर फिलहाल हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि बैन लगाने से उलटे नतीजे हो सकते हैं। कोर्ट ने नेपाल में सोशल मीडिया बैन पर हुए जन विरोध का हवाला दिया और कहा कि ऐसी नीतियों पर सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: मुस्लिम विधवा को पति की संपत्ति में केवल ¼ हिस्सा मिलेगा, संतान न होने पर भी नहीं बढ़ेगा अधिकार

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि मुस्लिम विधवा अपने पति की संपत्ति में केवल एक-चौथाई (¼) हिस्से की हकदार है यदि उसकी कोई संतान नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिक्री समझौते से मालिकाना हक नहीं बदलता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा: मुस्लिम विधवा को पति की … Read more

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कानूनी सलाह पर वकीलों को समन नहीं भेजा जा सकता — Section 132 BSA के तहत संरक्षण

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी वकील को उसके मुवक्किल को दी गई कानूनी सलाह के लिए समन नहीं भेजा जा सकता, जब तक कि वह मामला Section 132 Bhartiya Sakshya Adhiniyam के अपवादों में न आता हो। यह फैसला वकीलों की स्वतंत्रता और गोपनीयता की रक्षा के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। … Read more

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: अब गवाह को धमकाने पर पुलिस सीधे दर्ज कर सकेगी FIR

supreme-court_

सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक निर्णय में कहा कि IPC की धारा 195A के तहत गवाह को धमकाना संज्ञेय अपराध है। पुलिस को FIR दर्ज करने और जांच करने का पूरा अधिकार है, कोर्ट की अनुमति की आवश्यकता नहीं। ⚖️ सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: अब गवाह को धमकाने पर पुलिस सीधे दर्ज कर सकेगी FIR … Read more