क्या अनुच्छेद 142 की शक्तियों का इस्तेमाल कर पारिवारिक न्यायलय जाने से पहले ही भंग की जा सकती है शादी? SC में सुनवाई-

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कहा की दो बहुत अच्छे लोग अच्छे साथी नहीं हो सकते हैं। कई बार हमारे सामने ऐसे मामले आते हैं जहां लोग काफी समय तक साथ रहते हैं और फिर शादी टूट जाती है। संविधान के अनुच्छेद 142 Article 142 of Indian Constitution के तहत शक्ति के … Read more

IPC धारा 409, 420 और 477 ए के तहत आरोप साबित करने के आवश्यक सामग्री की सुप्रीम कोर्ट ने की व्याख्या-

सर्वोच्च न्यायालय Supreme Court ने भारतीय दंड संहिता Indian Penal Code की धारा 409, 420 और 477 ए के तहत आरोप साबित करने के लिए आवश्यक सामग्री की व्याख्या की। अस्तु यह माना गया कि अभियुक्तों के खिलाफ साबित कोई भी कार्य ‘आपराधिक कदाचार’ नहीं है या धारा 409, 420 और 477-ए आईपीसी IPC के … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि: ट्रस्ट की संपत्ति को तब तक हस्तांतरित नहीं की जा सकता जब तक कि वह ट्रस्ट और/या उसके लाभार्थियों के फायदे के लिए न हो-

सर्वोच्च कोर्ट ने कहा है कि ट्रस्ट की संपत्ति को तब तक हस्तांतरित नहीं किया जा सकता जब तक कि वह ट्रस्ट और/या उसके लाभार्थियों के फायदे के लिए न हो। न्यायमूर्ति एएम खानविलकर, न्यायमूर्ति अभय एस ओक और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने खासगी (देवी अहिल्याबाई होल्कर चैरिटीज) ट्रस्ट के मामले में एक … Read more

वो राहत जिसके लिए न तो कोई प्रार्थना की गई न तो उसकी याचना की गई, उसे नहीं दिया जाना चाहिए – सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायलय ने कहा है कि वो राहत जिसके लिए न तो कोई प्रार्थना की गई है न तो उसकी याचना की गई थी, उसे नहीं दिया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की बेंच ने कहा कि यदि कोई न्यायालय प्रतिवादी को ऐसी राहत का विरोध करने के अवसर से वंचित … Read more

न्यायाधीशों की संख्या कम होने पर बड़ी बेंच का निर्णय प्रभावी होगा, चाहे न्यायाधीशों की संख्या कितनी भी हो : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट SUPREME COURT की संविधान पीठ constitutional bench ने माना है कि बड़ी बेंच का फैसला कम संख्या वाली बेंच के फैसले पर प्रभावी होगा, चाहे जजों की संख्या कितनी भी हो। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी, न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश, न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता शामिल बेंच ने कहा “भारत के संविधान … Read more

परिस्थितिजन्य साक्ष्य: परिस्थितियों की एक श्रृंखला बनानी चाहिए जो इंगित करती है कि अपराध अभियुक्त द्वारा किया गया था और कोई नहीं- SC

अपीलकर्ता-आरोपी की हत्या की सजा को खारिज करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने देखा है कि यह परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित मामला था, इस प्रकार परिस्थितियों को एक श्रृंखला बनानी चाहिए जो यह दर्शाती है कि सभी मानवीय संभावना में अपराध आरोपी द्वारा किया गया था। न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की खंडपीठ ने … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने ‘धीरज मोर’ निर्णय दृष्टान्त में बर्खास्त ‘न्यायिक अधिकारी’ को किया बहाल-

अजीबोगरीब तथ्यों और परिस्थितियों में सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय- शीर्ष न्यायालय ने बिहार के एक जुडिशल अफसर Judicial Officer को बहाल करने का निर्देश दिया है, जिसे धीरज मोर बनाम दिल्ली हाईकोर्ट (2020) 7 SCC 401 में फैसले का हवाला देते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति … Read more

अंतरिम राहत देने के लिए न्यायालय की शक्ति U/s. 9 मध्यस्थता अधिनियम, CPC में हर प्रक्रियात्मक प्रावधान की कठोरता से कम नहीं: SC

सुप्रीम कोर्ट ने देखा है कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 9 के तहत अंतरिम राहत देने की न्यायालय की शक्ति सिविल प्रक्रिया संहिता में प्रत्येक प्रक्रियात्मक प्रावधान की कठोरता से कम नहीं है। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की खंडपीठ ने कहा की “मध्यस्थता अधिनियम की धारा 9 के तहत … Read more

दो माननीय न्यायमूर्तियों ने उठाया सिस्टम पर सवाल, कुछ मुद्दों पर जताया एतराज, कॉलेजियम सिस्टम का भारत के संविधान में नहीं है कोई जिक्र-

देश के सर्वोच्च न्यायलय के दो माननीय न्यायमूर्तियों ने अपने ही सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कुछ मुद्दों पर एतराज जताया है। ज्ञात हो कि कॉलेजियम सिस्टम का भारत के संविधान में कोई जिक्र नही है। यह 1998 को सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के जरिए प्रभाव में आया था। देश के सर्वोच्च न्यायलय के दो … Read more

लखनऊ हाईकोर्ट के अधिवक्ता 16 और 17 सितम्बर 2022 को हड़ताल पर – सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को हाईकोर्ट में जज बनाने की सिफारिश का विरोध-

लखनऊ बेंच इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अवध बार एसोसिएशन ने कल यानी शुक्रवार दिनाँक 16/09/2022 से दो दिनों के लिए न्यायिक कार्य से दूर रहने का संकल्प लिया है। अवध बार एसोसिएशन का संकल्प इस प्रकार से है – “अवध बार एसोसिएशन के कार्यकारी निकाय की एक आकस्मिक बैठक आज दोपहर 1.30 बजे अध्यक्ष श्री … Read more