सेंट्रल बार एसोसिएशन, लखनऊ के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महामंत्री अवनीश दीक्षित के अधिवक्ता पंजीकरण लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित

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यूपी बार काउंसिल ने सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ के अध्यक्ष और महामंत्री का लाइसेंस निलंबित किया, 11 अक्टूबर को अगली सुनवाई

उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महामंत्री अवनीश दीक्षित का अधिवक्ता पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। संस्थागत प्रस्ताव को कथित तौर पर अवैध तरीके से खारिज करने और समाचार पत्रों में प्रकाशित कराने के मामले में अनुशासन समिति ने 11 अक्टूबर को अगली सुनवाई तय की है।

यूपी बार काउंसिल की बड़ी कार्रवाई, दो पदाधिकारियों के लाइसेंस निलंबित

उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने सेंट्रल बार एसोसिएशन, लखनऊ के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महामंत्री अवनीश दीक्षित के अधिवक्ता पंजीकरण लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। बार काउंसिल की अनुशासन समिति ने शनिवार को आयोजित विशेष बैठक में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश जारी किया।

दी गई जानकारी के अनुसार, निलंबन अवधि में दोनों पदाधिकारी अदालतों में अधिवक्ता के रूप में पेश नहीं हो सकेंगे। यह कार्रवाई बार काउंसिल के एक प्रस्ताव को कथित तौर पर अवैधानिक तरीके से खारिज करने और उसे समाचार पत्रों में प्रकाशित कराने से जुड़े विवाद में की गई है।

संस्थागत प्रस्ताव को खारिज करने और सार्वजनिक करने का आरोप

मामले का मुख्य आधार बार काउंसिल के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को कथित रूप से अवैध तरीके से निरस्त करना और उसके संबंध में समाचार पत्रों में जानकारी प्रकाशित कराना है।

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अनुशासन समिति ने उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस आचरण को संस्थागत नियमों का गंभीर उल्लंघन माना। इससे पहले बार काउंसिल ने आपातकालीन बैठक बुलाकर दोनों पदाधिकारियों को नोटिस जारी किए थे और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया था।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देश के बाद हुई सुनवाई

दोनों पदाधिकारियों ने प्रदेश बार काउंसिल के निलंबन आदेश को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के समक्ष चुनौती दी थी।

बताया गया है कि BCI ने प्रारंभिक स्तर पर दोनों को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर देने का निर्देश दिया था। इसके अनुपालन में यूपी बार काउंसिल की अनुशासन समिति ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।

इसके बाद आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए समिति ने दोनों अधिवक्ताओं के पंजीकरण लाइसेंस निलंबित करने का आदेश जारी किया।

11 अक्टूबर को अगली सुनवाई

अनुशासन समिति ने मामले में आगे की जांच और सुनवाई के लिए 11 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है। अगली सुनवाई में मामले से संबंधित तथ्यों और आरोपों पर विस्तृत विचार किया जाएगा।

बार काउंसिल की कार्रवाई का कानूनी महत्व

बार काउंसिल की यह कार्रवाई अधिवक्ताओं के पेशेवर आचरण और बार संस्थाओं के नियमों के अनुपालन से जुड़े अनुशासनात्मक अधिकारों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। हालांकि, निलंबन का आदेश अपने आप में आरोपों पर अंतिम निर्णय नहीं है। मामले में आगे की सुनवाई और अनुशासनात्मक प्रक्रिया के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे।

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