भारत के बाहर तीन कंपनियों को रॉयल्टी की आड़ में पैसे ट्रांसफर करने के लिए Xiaomi के खातों में 5,551.27 करोड़ रुपये की जब्ती का आदेश, कंपनी ने कर्नाटक HC के समक्ष याचिका प्रस्तुत किया-

चीनी उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी Xiaomi Technology India Private Limited ने एक बार फिर कर्नाटक उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। 3 अक्टूबर को दायर एक याचिका में, कंपनी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) सक्षम प्राधिकारी के 29 सितंबर, 2022 के आदेश को चुनौती दी है, जिसने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के 29 अप्रैल के जब्ती … Read more

अनुकूल आदेश नहीं मिलने पर धोखाधड़ी के लिए वकील पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता: कर्नाटक उच्च न्यायालय

कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की एकल पीठ ने एक रिट याचिका की अनुमति देते हुए एक मुवक्किल द्वारा अपने वकील के खिलाफ आईपीसी की धारा 406 और 420 के तहत अपराधों के लिए दायर एक शिकायत को इस आरोप पर खारिज कर दिया है कि उसका वकील एक अनुकूल आदेश प्राप्त करने … Read more

SC ने हत्या के दो आरोपियों की जमानत रद्द करते हुए कहा उच्च न्यायालय ने अपराधों की गंभीरता पर विचार नहीं किया-

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की बेंच ने हत्या के दो आरोपियों को दी गई जमानत को यह कहते हुए रद्द कर दिया है कि कर्नाटक उच्च न्यायालय ने अपराधों की गंभीरता पर विचार नहीं किया है। इस मामले में, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने आरोपी-सुब्रह्मण्य और राजेश को जमानत दे … Read more

सीआरपीसी धारा 482 के तहत अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने वाले न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि के बाद समझौते को दर्ज करने की अनुमति है – HC

माना गया था कि गैर-जघन्य अपराधों से संबंधित आपराधिक कार्यवाही या जहां अपराध मुख्य रूप से निजी प्रकृति के हैं, इस तथ्य के बावजूद कि मुकदमा पहले ही समाप्त हो चुका है या सजा के खिलाफ अपील रद्द रहती है, उसे रद्द किया जा सकता है। कर्नाटक उच्च न्यायालय Karnataka High Court ने दोषसिद्धि के … Read more

SC ने हाई कोर्ट के निष्कर्षों को माना अतार्किक, कहा ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए HC को मजबूत और ठोस कारण बताना चाहिए-

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऐसे मामले में जहां अभियोजन पक्ष के गवाहों की गवाही के बीच स्पष्ट विरोधाभासों के कारण बरी कर दिया गया है, ऐसे फैसले को पलटने के लिए कोर्ट को मजबूत और ठोस कारण बताना चाहिए। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम की खंडपीठ ने इस प्रकार कहा, “पीडब्ल्यू1 … Read more

इलाहाबाद, उड़ीसा, गौहाटी, तेलंगाना, हिमांचल प्रदेश, कर्नाटक समेत देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में 8 न्यायाधीशों और 18 अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति-

कानून और न्याय मंत्रालय ने विभिन्न उच्च न्यायालयों में 18 अतिरिक्त न्यायाधीशों और 8 न्यायाधीशों की नियुक्ति को अधिसूचित किया है। नियुक्तियों का विवरण उच्च न्यायलय वार निम्न है- हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय- • न्यायिक अधिकारी सुशील कुकरेजा हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त• न्यायिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह हिमाचल प्रदेश उच्च … Read more

उच्च न्यायालयों द्वारा शीर्ष न्यायलय के बाध्यकारी दृष्टांतों का पालन नहीं करना ‘संविधान के अनुच्छेद 141’ के विपरीत – SC

उच्चतम न्यायलय Supreme Court ने कहा है कि पूर्व निर्णीत फैसले पर विचारोपरांत उसके पृथक फैसले हाईकोर्ट High Court पर बाध्यकारी होते हैं। न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना के बेंच ने कहा कि देश में उच्च न्यायालयों द्वारा इस शीर्ष न्यायलय के बाध्यकारी दृष्टांतों का पालन नहीं करना ‘संविधान के अनुच्छेद 141’ के … Read more

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कर्नाटक हाईकोर्ट के 5 न्यायिक अधिकारियों को जज के रूप में अनुमोदन किया-

The Supreme Court Collegium in its meeting held on 19 th July, 2022 has approved the proposal for elevation of the following Judicial Officers as Judges in the Karnataka High Court- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 19 जुलाई, 2022 को हुई अपनी बैठक में कर्नाटक उच्च न्यायालय में निम्नलिखित न्यायिक अधिकारियों को जज के रूप में … Read more

हाई कोर्ट ने चेक बाउंसिंग मामले में अवैध रूप से हथकड़ी लगाने के लिए विधि छात्र को ₹2 लाख का मुआवजा देने का दिया निर्देश-

आरोपी विधि छात्र ने पुलिस की इस हरकत के लिए 25 लाख रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था- कर्नाटक हाई कोर्ट धारवाड़ पीठ Karnataka High Court Dharwad Bench ने पुलिस द्वारा एक आरोपी विधि छात्र Accused Law Student को हथकड़ी लगाने और कथित तौर से सार्वजनिक रूप से … Read more

अगर गाली गलौज एकांत में हुआ हो तो एस सी एस टी एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही नहीं बनती है – हाई कोर्ट

कर्नाटक उच्च न्यायलय Karnataka High Court ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत एक आरोपी के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही को यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि शिकायतकर्ता के साथ उसने कथित दुर्व्यवहार एक अपार्टमेंट के बेसमेंट तल में किया गया था, जो सार्वजनिक रूप … Read more