यदि हमें सभी जनहित याचिकाएं ही सुननी है, तो हमने सरकारें क्यों चुनी: चीफ जस्टिस

अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को खदेड़ने की याचिका की जल्द सुनवाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने याची को निर्वाचित सरकार के पास जाने की नसीहत दी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को शासन से संबंधित मामलों पर जनहित याचिका (PIL) याचिकाओं पर विचार करने के संबंध में अपनी आपत्ति व्यक्त की। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति … Read more

छापा न पड़े इसलिए कलकत्ता की कंपनी ने दिया 40 करोड़ का चंदा ! सुप्रीम कोर्ट ‘चुनावी बांड’ पर शीघ्र सुनवाई को सहमत-

शीर्ष न्यायालय Supreme Court चुनावी बांड Electoral Bond से राजनीतिक दलों Political Parties को चंदा Donation दिए जाने के कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को शीघ्र सुनवाई के लिए सहमत हो गया। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के इस कथन व दावे पर प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण, जस्टिस कृष्ण मुरारी व जस्टिस हिमा … Read more

Supreme Court Collegium: देश के छह उच्च न्यायालयों में 14 जज और 6 अतिरिक्त जजों की नियुक्ति-

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सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम Supreme Court Collegium की सिफारिशों में से केंद्र सरकार Government of India ने देश के छह उच्च न्यायालयों में 14 जज और छह अतिरिक्त जजों की नियुक्ति की है. सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम Supreme Court Collegium ने तेलंगाना को सबसे ज्यादा 10 जज मिले हैं जबकि दिल्ली हाईकोर्ट को 2 और इलाहाबाद हाईकोर्ट … Read more

सुप्रीम कोर्ट: मध्यस्थता- किसी पक्ष को धारा 37 के तहत मध्यस्थता अवार्ड को रद्द करने के लिए अतिरिक्त आधार उठाने से प्रतिबंधित नहीं किया गया है-

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 37 के तहत मध्यस्थता अपील में किसी पक्ष को एक मध्यस्थता अवार्ड को रद्द करने के लिए एक अतिरिक्त आधार उठाने से केवल इसलिए प्रतिबंधित नहीं किया गया है कि उक्त आधार को धारा 34 के तहत मध्यस्थता अवार्ड रद्द करने की … Read more

देश की न्यायप्रणाली पर हावी हो रही ट्रोल आर्मी ? न्यायाधीशों को सता रहा बदनामी व् ट्रोल होने का डर-

एक लाइन में कहें तो ये घटना भारत की न्यायिक व्यवस्था और लोकतंत्र के लिए बहुत ही खतरनाक ट्रेंड की शुरुआत है. क्योंकि अगर ट्रोल आर्मी हमारे देश की अदालतों और जजों पर हावी हो जाएगी, उन्हें बदनामी और अपमान का डर दिखाएगी, तो न्याय बचेगा ही नहीं. जब कोई विवाद तमाम कोशिशों के बाद … Read more

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि हमें अपनी मां, मातृभूमि और मातृभाषा पर सदैव अभिमान करना चाहिए-

भारत के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए कहा कि इतने वेरिएंट आए पर भारतीय वैक्सीन सबसे निपटने में कारगर रही है, हमें अपनी मां, मातृभूमि और मातृभाषा पर सदैव अभिमान करना चाहिए CJI NV.Ramana भारत के प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमणा ने बृहस्पतिवार को टीका निर्माता कंपनी भारत बायोटेक … Read more

जमानत देते समय अदालत के लिए विस्तृत कारण बताना जरूरी नहीं-

पीठ ने कहा हमें अधिवक्ताओं की भी रक्षा करनी है- Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि जमानत देते समय कोर्ट के लिए विस्तृत कारण बताना जरूरी नहीं है, खासकर तब जब मामला प्रारंभिक चरण में हो और आरोपित द्वारा किए गए अपराध को स्पष्ट नहीं किया गया हो। सुप्रीम कोर्ट ने उक्त टिप्पणी … Read more

सीजेआई एनवी रमना ने कहा की आधुनिक शिक्षा उपयोगितावादी परंतु चारित्रिक एवं नैतिक मूल्यों के निर्माण में सहायक नहीं-

भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सच्ची शिक्षा में नैतिक और नैतिक मूल्यों के विकास सहित व्यक्ति का समग्र विकास शामिल होना चाहिए। भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) एनवी रमना ने सोमवार को कहा कि आधुनिक शिक्षा प्रकृति में उपयोगितावादी है और छात्र के चरित्र के निर्माण या नैतिक मूल्यों के … Read more

न्यायमूर्ति जगमोहनलाल सिन्हा द्वारा इंदिरा गांधी पर दिया फैसला अत्यंत साहसी था-सीजेआई

प्रयागराज : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, कानून मंत्री किरेन रिजिजू के साथ प्रयागराज में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के नए अधिवक्ता भवन का नींव रखने के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन वी रमना भी पहुंचे थे। इस अवसर पर चीफ जस्टिस ने भारत वर्ष के सबसे पुराने हाई कोर्ट में … Read more

कानूनी पेशा अभी भी मुख्य रूप से एक शहरी पेशा है, कानून को अक्सर एक अमीर आदमी के पेशे के रूप में देखा गया है – सीजेआई

कानून बिरादरी में महिलाओं की भागीदारी की कमी- देश के मुख्य न्यायाधीश Chief Justice of India Justice एनवी रमन्ना ने कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कानून को अक्सर अमीर लोगों Rich People का पेशा माना जाता रहा है, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। उन्होंने न्यायालयों में जजों की कमी … Read more