आसाराम बापू मेडिकल बेल सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म के दोषी आसाराम बापू की मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत याचिका पर AIIMS को एक सप्ताह में स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की सुनवाई करेगी।
मामले की पृष्ठभूमि
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्वयंभू धर्मगुरु और दुष्कर्म के मामले में दोषी आसाराम बापू की स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत (Interim Bail) याचिका पर सुनवाई करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) को उनके स्वास्थ्य की विस्तृत चिकित्सीय जांच कर एक सप्ताह के भीतर मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
यह निर्देश न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने दिया।
क्या है मामला?
आसाराम बापू ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें जोधपुर में वर्ष 2013 में एक नाबालिग साधिका से दुष्कर्म के मामले में उनकी दोषसिद्धि (Conviction) को बरकरार रखा गया था।
मुख्य अपील लंबित रहने के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की भी मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि लगभग तीन महीने पहले आसाराम अयोध्या और काशी की यात्रा पर गए थे।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह नियमित जमानत (Regular Bail) देने पर विचार नहीं कर रहा है।
पीठ ने कहा—
“हम नियमित जमानत नहीं दे रहे हैं। यदि हम यह संतुष्ट होते हैं कि स्वास्थ्य कारणों से इसकी आवश्यकता है, तभी विचार करेंगे। पहले मेडिकल रिपोर्ट आने दीजिए।”
आसाराम की ओर से क्या दलील दी गई?
आसाराम की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि मामले को AIIMS के निदेशक के पास भेजा जाए।
उन्होंने कहा कि AIIMS के निदेशक विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम गठित करें, जो आसाराम की विस्तृत चिकित्सीय जांच करे और यह बताए कि—
- उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति क्या है।
- क्या उन्हें अस्पताल में भर्ती किए जाने की आवश्यकता है।
- क्या स्वास्थ्य कारणों से अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए।
AIIMS को क्या निर्देश दिए गए?
सुप्रीम कोर्ट ने AIIMS के मेडिकल बोर्ड को निर्देश दिया कि—
- आसाराम की स्वास्थ्य संबंधी जांच की जाए।
- विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट तैयार की जाए।
- रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जाए।
अदालत ने स्पष्ट किया कि आगे की सुनवाई इस रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला
मई 2026 में राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर की ट्रायल कोर्ट द्वारा आसाराम को दुष्कर्म और अन्य संबंधित अपराधों में दोषी ठहराए जाने के फैसले को बरकरार रखा था।
हालांकि, हाईकोर्ट ने यह माना कि मामले में—
- आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) तथा
- सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape)
के आरोप सिद्ध नहीं होते हैं। इसलिए इन आरोपों से आसाराम और सह-आरोपियों को बरी कर दिया गया था।
इसके बावजूद दुष्कर्म और अन्य संबंधित अपराधों में उनकी दोषसिद्धि कायम रखी गई।
अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट अब AIIMS की मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद—
- आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करेगा,
- और यह तय करेगा कि क्या उन्हें केवल स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत दी जा सकती है।
फिलहाल अदालत ने उनके मामले में कोई अंतरिम राहत प्रदान नहीं की है।
मामले का महत्व
यह मामला इस सिद्धांत को रेखांकित करता है कि दोषसिद्ध कैदियों द्वारा स्वास्थ्य आधार पर मांगी गई अंतरिम जमानत पर अदालतें स्वतंत्र चिकित्सीय मूल्यांकन को महत्वपूर्ण मानती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी भी राहत का निर्णय केवल मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर ही लिया जाएगा।
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