कर्नाटक लोक सेवा आयोग में कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच के लिए SIT गठित, कर्नाटक हाईकोर्ट ने 100 दिन में रिपोर्ट मांगी

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SIT का नेतृत्व IPS अधिकारी आलोक कुमार करेंगे नेतृत्व

कर्नाटक हाईकोर्ट ने KPSC में कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच के लिए IPS अधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में SIT गठित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने 100 दिन में जांच रिपोर्ट और हर 30 दिन में प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।

कर्नाटक हाईकोर्ट Karnataka High Court ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच के लिए विशेष जांच दल (Special Investigation Team-SIT) गठित करने का निर्देश दिया है। SIT का नेतृत्व IPS अधिकारी आलोक कुमार करेंगे।

जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने मामले की सुनवाई करते हुए SIT के गठन का आदेश दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि आपराधिक जांच विभाग (CID) और संबंधित क्षेत्राधिकार वाली पुलिस द्वारा अब तक एकत्र किए गए सभी साक्ष्य और जांच सामग्री नई SIT को सौंपे जाएं।

सभी विभागों और जांच एजेंसियों को सहयोग का निर्देश

हाईकोर्ट ने राज्य के सभी संबंधित विभागों, जांच एजेंसियों और सार्वजनिक प्राधिकरणों को SIT के साथ पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान SIT को आवश्यक रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि मामले की जांच पूरी तरह से की जा सके।

100 दिन में जांच रिपोर्ट दाखिल करनी होगी

हाईकोर्ट ने SIT को जांच शुरू होने की तारीख से 100 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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इसके साथ ही SIT को प्रत्येक 30 दिन में प्रगति रिपोर्ट (Progress Report) भी अदालत के समक्ष पेश करनी होगी।

इस व्यवस्था के जरिए कोर्ट ने जांच की समयसीमा और उसकी प्रगति की नियमित न्यायिक निगरानी सुनिश्चित करने की दिशा में निर्देश जारी किए हैं।

SIT रिपोर्ट के बाद ही क्वैशिंग याचिकाओं पर सुनवाई

हाईकोर्ट ने KPSC भर्ती अनियमितता से जुड़े मामलों में दाखिल उन आपराधिक याचिकाओं पर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिया है, जिनमें आरोप/मामले को रद्द (Quashing) करने की मांग की गई है।

कोर्ट ने कहा कि इन सभी संबंधित आपराधिक याचिकाओं पर विचार SIT द्वारा अपनी जांच रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के बाद ही किया जाएगा।

इससे पहले की जांच में CID और संबंधित पुलिस द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों को भी अब नई SIT के समक्ष रखा जाएगा।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष

मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता गिरीश भारद्वाज और वेंकटेश दलवई पेश हुए।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच एक स्वतंत्र रूप से गठित विशेष जांच दल द्वारा की जाएगी।

विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

इसी बीच, कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सोमवार को राज्य की डी.के. शिवकुमार सरकार पर राजनीतिक हमला बोला।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने सरकार को “thick-skinned” बताते हुए कहा कि विपक्ष विधानसभा के आगामी सत्र में सरकार को अपने मुद्दों पर जवाब देने के लिए मजबूर करेगा।

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आर. अशोक ने पिछली विधानसभा बैठक का भी उल्लेख किया और दावा किया कि उस समय विपक्ष के विरोध के कारण सरकार पर दबाव बना था। उन्होंने कहा कि इस बार भी विपक्ष अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभाएगा।

हालांकि, KPSC भर्ती अनियमितता की SIT जांच से संबंधित हाईकोर्ट का आदेश न्यायिक कार्यवाही का हिस्सा है, जबकि विपक्ष की ओर से सरकार को लेकर की गई टिप्पणियां राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं।

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