हाई कोर्ट का भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा ऐक्शन, एडीजे को किया सस्पेंड, साथ ही हाई कोर्ट का एक अधिकारी बर्खास्त-

Like to Share

इलाहाबाद उच्च न्यायलय Allahabad High Court ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए दो ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। पहले मामले में हाईकोर्ट के एडीजे फर्स्ट राम किशोर शुक्ला को सस्पेंड कर दिया गया है। भ्रष्टाचार के आरोप में हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने यह फैसला सुनाया है। वहीं, एक अन्य मामले में जिला अदालत में नौकरी लगवाने के नाम पर भ्रष्टाचार के आरोप में हाई कोर्ट की अनुभाग अधिकारी कुसुम मिश्रा को मुख्य न्यायधीश के आदेश के बाद बर्खास्त कर दिया गया है।

इलाहाबाद उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति राजेश बिंदल ने हाईकोर्ट की अनुभाग अधिकारी कुसुम मिश्रा को भ्रष्टाचार की दोषी मानते हुए बर्खास्त कर दिया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रशासनिक कमेटी Administrative Committee ने भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने के बाद इलाहाबाद जिला न्यायालय के एडीजे प्रथम राम किशोर शुक्ल को निलंबित कर सोनभद्र जिला न्यायालय से संबंद्ध कर दिया है। साथ ही उनके कोर्ट रूम और चैंबर को भी सील कर दिया है। इस कार्रवाई से बुधवार को जिला न्यायालय में खलबली मची रही। जिला जज की कोर्ट में भी सुनवाई नहीं हो सकी।

मामले में जांच कर रही टीम ने जिला न्यायालय पहुंचकर दिन भर पत्रावलियों की जांच की। इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रशासनिक कमेटी की अब तक यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। यह कार्रवाई पूरे दिन अधिवक्ताओं के बीच चर्चा का विषय बनी रही। पत्रावलियों की जांच के बाद देर शाम सील तोड़कर एडीजे प्रथम के कोर्ट रूम और चैंबर को खोल दिया गया।

Must Read -  NEET-UG पेपर लीक: सुप्रीम कोर्ट के वकीलों का 'Save Democracy, Save Constitution' प्रदर्शन, छात्रों के समर्थन में पढ़ी संविधान की प्रस्तावना

इसके पहले मंगलवार की रात तकरीबन एक बजे जिला न्यायालय पहुंचकर जिला जज संतोष कुमार राय ने एडीजे प्रथम के चैंबर और कोर्ट रूम को सील कर दिया। इसके बाद सुबह पहुंची हाईकोर्ट की टीम ने पत्रावलियों की जांच शुरू कर दी। यह जांच दिन भर चली। जिला जज ने पत्रावलियों को उपलब्ध कराया। इस वजह से जिला जज की कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। केसों को दूसरी कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। कहा जा रहा है कि एडीजे प्रथम के खिलाफ यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के मामले को लेकर हुई है। कहा जा रहा है कि उनके खिलाफ कई शिकायतें मिलीं थी। इस वजह से हाईकोर्ट की प्रशासनिक कमेटी ने यह कार्रवाई की है।
विज्ञापन

जुडिशरी में न्यायिक अधिकारियों के क्षेत्राधिकार में उलट फेर-

जिला न्यायालय में हाईकोर्ट के महानिबंधक आशीष गर्ग की ओर से जारी अधिसूचना पर बुधवार को न्यायिक अधिकारियों Judicial Officers के क्षेत्राधिकार Jurisdiction में फेरबदल किया गया। अनिरुद्ध कुमार तिवारी को अपर जिला जज प्रथम, रत्नेश कुमार श्रीवास्तव विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट, चंद्रपाल द्वितीय अपर जिला जज कक्ष संख्या दो व विकास श्रीवास्तव को विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट EC Act बनाया गया।