कचरे वाले ने हैवानियत की सारी हदें पार कर 7 साल की बच्ची से किया दुष्कर्म, कोर्ट ने हैवान मान दिया तीन बार मृत्यदंड की सजा

कचरे वाले ने हैवानियत की सारी हदें पार कर 7 साल की बच्ची से किया दुष्कर्म, कोर्ट ने हैवान मान दिया तीन बार मृत्यदंड की सजा

आज के समय में अपराधी मानसिकता वाले व्यक्तियों ने अमानवीयता की सभी सीमाएँ लांघ दी हैं। पहले भी यौन उत्पीड़न जैसे अपराध होते थे, लेकिन समाज के भय के कारण लोग अपनी पीड़ा को छुपा लेते थे। अब लोगों का न्याय प्रणाली में विश्वास जागृत हो चुका है। न्यायालय भी प्रयासरत है कि ऐसे अपराधियों … Read more

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 11 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार के आरोपी व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज की, कहा- “भारत में नाबालिग लड़की, यौन हिंसा की शिकार, किसी को झूठे फंसाने के बजाय चुपचाप सहन करेगी”

इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक आरोपी व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज कर दी, जिस पर 11 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हमारे देश में, यौन हिंसा की शिकार नाबालिग लड़की किसी को झूठे फंसाने के बजाय चुपचाप सहन करेगी। हाई कोर्ट बीएनएस (भारतीय … Read more

सुप्रीम कोर्ट का सख्त दिशानिर्देश : आपराधिक मामलों में न्यायालयों को न्यायेतर स्वीकारोक्ति का किस प्रकार से मूल्यांकन करना चाहिए

INDIAN_SUPREME_COURT

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने रामू अप्पा महापात्र बनाम महाराष्ट्र राज्य (2025 INSC 147) मामले में यह स्पष्ट किया है कि आपराधिक मामलों में अदालतों को अतिरिक्त-न्यायिक स्वीकारोक्तियों (Extra-Judicial Confessions) का मूल्यांकन किस प्रकार करना चाहिए। यह मामला क्रिमिनल अपील नंबर 608/2013 से उत्पन्न हुआ, जिसमें सेशंस कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा दोषसिद्धि को चुनौती … Read more

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: आपराधिक मुकदमे में “बेनिफिट ऑफ डाउट” पर बरी होने का अर्थ यह नहीं कि विभागीय जांच में भी कर्मचारी दोष मुक्त पाया जाए

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: आपराधिक मुकदमे में "बेनिफिट ऑफ डाउट" पर बरी होने का अर्थ यह नहीं कि विभागीय जांच में भी कर्मचारी दोष मुक्त पाया जाए

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: “बेनिफिट ऑफ डाउट” से लेकर विभागीय जांच तक – प्रमाण मानक में नयी दिशा सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में यह स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के आरोप में अभियुक्त कर्मचारी को दंड प्रक्रिया में “बेनिफिट ऑफ डाउट” पर यदि बरी कर दिया जाता है, तो उसका यह नतीजा विभागीय … Read more

“सुप्रीम कोर्ट का असम सरकार को निर्देश: 63 विदेशी घोषित व्यक्तियों को तत्काल निर्वासित करें”

"सुप्रीम कोर्ट का असम सरकार को निर्देश: 63 विदेशी घोषित व्यक्तियों को तत्काल निर्वासित करें"

“मान लीजिए वह व्यक्ति पाकिस्तान से है, तो क्या आपको पाकिस्तान की राजधानी पता नहीं है? सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह विदेशी घोषित व्यक्तियों की निरंतर हिरासत रखने के मामले में “तथ्यों को दबाने में संलिप्त” है। कोर्ट ने असम सरकार को निर्देश दिया कि वह 63 ऐसे … Read more

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद बार एसोसिएशन के चुनाव 07-02-2025 से 28-02-2025 के लिए पुनर्निर्धारित किए

दिल्ली कड़कड़डूमा कोर्ट में वकील की पेशेवर आचरणहीनता का मामला हाईकोर्ट और बार काउंसिल के पास भेजा गया

सुप्रीम कोर्ट ने 19-12-2024 के अपने आदेश में महिलाओं के लिए पदों के आरक्षण और चुनाव प्रक्रिया के संबंध में विशिष्ट दिशा-निर्देश दिए। इन निर्देशों के कारण दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा मौजूदा चुनाव ढांचे की समीक्षा करना आवश्यक हो गया, जिसने पहले 07-02-2025 के लिए चुनाव निर्धारित किए थे। दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन Delhi … Read more

गुजरात हाईकोर्ट: अदालती कार्यवाही के लाइव स्ट्रीम किए गए वीडियो को एक अवधि के बाद हटाना अनिवार्य

गुजरात हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने मंगलवार (5 फरवरी 2025) को यह निर्णय दिया कि अदालती कार्यवाही के लाइव स्ट्रीम किए गए वीडियो को एक निश्चित अवधि के बाद यूट्यूब से हटाना आवश्यक होगा। न्यायमूर्ति ए.एस. सुपेहिया और न्यायमूर्ति गीता गोपी की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि इस संबंध में निर्णय लेने का … Read more

शीर्ष अदालत ने अपने ऐतिहासिक फैसले में बताया कि किसानों को किस प्रकार और तिथि से मिलेगा मुआवजा और ब्याज

शीर्ष अदालत

NHAI Land Acquisition | Compensation & Interest | Supreme Court Judgment सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा अधिग्रहित भूमि के मुआवजे को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि किसानों को उनके मुआवजे और ब्याज का लाभ अधिग्रहण की पूर्व-तिथि से मिलेगा। यह निर्णय 2019 में दिए गए सुप्रीम … Read more

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय: पहली शादी जारी रहने के बावजूद पत्नी को मिला भरण-पोषण का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय: पहली शादी जारी रहने के बावजूद पत्नी को मिला भरण-पोषण का अधिकार

यह निर्णय उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण नज़ीर है, जो विवाह विवादों में फंसकर आर्थिक रूप से असहाय हो जाती हैं। न्यायालय ने कहा की – यह मामला लिव-इन रिलेशनशिप का नहीं है CrPC 125 | Maintenance Rights | Supreme Court Judgment सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महिला को भरण-पोषण का अधिकार दिया, … Read more

यदि अभियुक्त का पीड़ित की हत्या करने का कोई इरादा नहीं, तब भी IPC Sec 301 के तहत द्वेष के हस्तांतरण का सिद्धांत लागू होता है: सुप्रीम कोर्ट

यदि अभियुक्त का पीड़ित की हत्या करने का कोई इरादा नहीं, तब भी IPC Sec 301 के तहत द्वेष के हस्तांतरण का सिद्धांत लागू होता है: सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि अभियुक्त का पीड़ित की हत्या करने का कोई इरादा नहीं है, तो भारतीय दंड संहिता की धारा 301 के तहत द्वेष के हस्तांतरण का सिद्धांत लागू होता है। प्रस्तुत अपीलें उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल द्वारा दिनांक 20-01-2015 को पारित निर्णय और आदेश से उत्पन्न हुई हैं, जिसके … Read more