POCSO आरोपी मुवक्किलों को झूठे बयान देने की सलाह पर आरोपी ‘वकील’ के खिलाफ केस रद्द करने से हाई कोर्ट का इनकार, छह महीने कारावास की सजा बरकरार-

जबलपुर बेंच – मध्य प्रदेश हाई कोर्ट Jabalpur Bench Madhya Pradesh High Court ने हाल ही में एक वकील द्वारा दायर एक पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया, जिस पर बलात्कार के आरोपी मुवक्किलों और अभियोक्ता को पुलिस और अदालतों से भौतिक तथ्यों को छिपाने की सलाह देने का आरोप लगाया गया था। विशेष न्यायाधीश … Read more

सुप्रीम कोर्ट: कोर्ट द्वारा आरोपी के बरी होने का ये अर्थ नहीं कि नियोक्ता आप पर अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं कर सकता-

शीर्ष अदालत ने 29 नवंबर, 2017 को कर्नाटक उच्च न्यायलय की कलबुर्गी पीठ के एक फैसले के खिलाफ कर्नाटक सरकार द्वारा अपील को स्वीकार करते हुए यह टिप्पणी की। कर्नाटक उच्च न्यायलय ने बीजापुर जिले के एक ग्राम लेखाकार उमेश की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के फैसले को रद्द कर दिया था। उस पर रिश्वत लेने का … Read more

एक गलत आदेश देने मात्रा से न्यायिक अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं, केवल संदेह “कदाचार” का गठन नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट

राजस्थान उच्च न्यायालय ने घूसखोरी के मामले में एक अभियुक्त को जमानत मंजूर करने के लिए एक न्यायिक अधिकारी (Judicial officer) को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। शीर्ष न्यायालय (Supreme Court) ने अपने फैसले में कहा कि महज संदेह के आधार पर कदाचार स्थापित नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही इसने राजस्थान हाई … Read more

काम करने के दौरान तनाव के कारण हुई मौत पर एम्लॉयर को मुआयजा देना ही पड़ेगा: बॉम्बे हाईकोर्ट

Bombay High Court बॉम्बे उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक नियोक्ता (Employer) को एक ट्रक ड्राइवर के परिजनों को Compensation मुआवजा देने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि काम करने के दौरान तनाव के कारण अंततः ट्रक ड्राइवर की मृत्यु हो गई। न्यायमूर्ति एनजे जमादार ने कहा कि मृतक ड्राइवर को पड़े दिल … Read more

महिला के अंडरपैंट पर पुरुष अंग को रगड़ना भी रेप के समान, हाई कोर्ट ने दिया फैसला-

मेघालय हाई कोर्ट (Meghalaya High Court) की बेंच ने कहा कि अंडरपैंट पहनी महिला के प्राइवेट पार्ट के ऊपर पुरुष के अंग की कोई भी हरकत उसे सजा दिलाने के लिए काफी है। खासकर महिला के प्राइवेट पार्ट पर कुछ भी रगड़ना आईपीसी की धारा 375 (बी) के तहत पेनिट्रेशन के समान माना जाएगा। भले … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि: आप के साथ गलत होता रहा और आप दो वर्षो तक चुप्प रही, बलात्कारी के अग्रिम जमानत के खिलाफ शिकायतकर्ता की चुनौती खारिज की-

supreme court शीर्ष अदालत ने 23 वर्षीय महिला से बलात्कार के आरोपी व्यक्ति को अग्रिम जमानत देने के मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी। मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति एनवी रमाना, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ के समक्ष अधिवक्ता प्रशांत शुक्ला ने सुनवाई के दौरान … Read more

आपका राज्य ऐसा है जहां मंत्री द्वारा लोगों को केवल 2 साल के लिए नियुक्त किया जाता है और उन्हें आजीवन पेंशन देते है, सुप्रीम कोर्ट ने ईंधन कीमतों में वृद्धि के खिलाफ याचिका सुनवाई पर कहा-

उच्चतम अदालत ने थोक खरीदारों को बेचे जाने वाले ईंधन की कीमतों में वृद्धि से संबंधित राज्य के स्वामित्व वाली तेल विपणन कंपनियों द्वारा लिए गए निर्णयों को चुनौती देने वाली केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (“केएसआरटीसी”) द्वारा एक रिट याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए मौखिक रूप से कहा, “आप एकमात्र राज्य … Read more

सुप्रीम कोर्ट: दो वकीलों को सुनाई गई कर्नाटक हाई कोर्ट की दो माह कारावास की सजा रद्द, अजीम प्रेमजी के खिलाफ दायर किए थे 70 से अधिक मुकदमें

कर्नाटक उच्च न्यायलय ने दो वकीलों को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया और सजा सुनाई थी क्योकि उनके द्वारा विप्रो के पूर्व चेयरमैन अजीम प्रेमजी के खिलाफ कई याचिकाएं दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट की ओर से दो वकीलों को सुनाई गई दो माह की जेल की सजा … Read more

Hijab Controversy Verdict : कर्नाटक उच्च न्यायलय का बड़ा फैसला, हिजाब पहनना इस्लामी आस्था में अनिवार्य धार्मिक प्रथा का हिस्सा नहीं-

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा- हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं; स्कूल यूनिफॉर्म पहननी ही होगी- Hijab Controversy Verdict – कर्नाटक उच्च न्यायलय ने कॉलेजों में हिजाब प्रतिबंध के मामले में अपना निर्णय आज सुनाया। उच्च न्यायलय ने अपने दिए गए निर्णय में ये स्पष्ट रूप से कहा कि हिजाब पहनना इस्लामी आस्था में अनिवार्य धार्मिक … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रवैये पर खेद जताते हुए कहा कि, वकील की गलती के कारण जमानत न देना ‘न्याय का मजाक’-

Supreme Court शीर्ष अदालत ने पहले इन जमानत मामलों को हाईकोर्ट के समक्ष रखने का निर्देश दिया था। High Court हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को ऐसे मामलों को स्वत: संज्ञान मामले के तौर पर पंजीकृत करना चाहिए।  उच्चतम न्यायलय ने वकीलों की गलती के कारण लंबे समय से जेल में बंद लोगों को जमानत नहीं देने … Read more