सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: हत्या के मामले में उच्च न्यायलय के फैसले को पलट, आजीवन कारावास सजा को किया बरकरार-

Supreme Court सर्वोच्च अदालत ने कहा कि गवाहों के सबूतों को केवल इस आधार पर नकारा नहीं किया जा सकता है कि वे मृतक के रिश्तेदार थे। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तेलंगाना & आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया, जिसने 2007 की हत्या के एक मामले में तीन लोगों को … Read more

सुप्रीम कोर्ट: इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि सिविल मामले को आपराधिक रंग देना प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा-

SUPREME COURT सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुकदमे के लंबित रहने के दौरान बिक्री विलेख का निष्पादन ‘लिस पेंडेंस’ के सिद्धांत ( Sale of the property is hit by the Doctrine of ‘Lis Pendens’ ) को आकर्षित कर सकता है। SUPREME COURT शीर्ष अदालत ने ALLAHABAD HIGH COURT इलाहाबाद उच्च न्यायलय के आदेश को पलटते … Read more

सुप्रीम कोर्ट : सजा की मात्रा तय करना अपीलीय अथॉरिटी के विवेकाधीन कार्य क्षेत्राधिकार के भीतर-

Supreme Court सर्वोच्च न्यायलय की पीठ ने कहा कि नियम-52 अपीलीय अथॉरिटी को यह जांचने का अधिकार देता है कि क्या लगाया गया जुर्माना अत्यधिक, पर्याप्त या अपर्याप्त है और उसके अनुरूप दंड की बढ़ाने, घटाने या खत्म करने का अधिकार देता है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार की अपील … Read more

वकील ने OLA CABS पर रु 62/- ज़्यादा लेने के लिए किया मुकदमा, केस जीत मिले रु 15,000/-, जानिए विस्तार से-

OLA CABS

OLA CAB ओला कैब की पेमेंट चार्जिंग नीतियों को लेकर केस करने वाले एक वकील को रु 15,000/- का मुआवजा मिला है. ज्ञात हो की मुंबई न्यायालय के एक वकील श्रेयंस ममानिया ने पिछले साल 19 जून को अपने परिवार के साथ कांदिवली से कालाचौकी की सवारी की थी. जब उन्होंने यात्रा की बुकिंग की, … Read more

Allahabad High Court: Firearms रखने का अधिकार वैधानिक और Article 21 के अनुसार ‘Right to Life’ है, शस्त्र निरसन आदेश रद्द किया जाता है-

Allahabad High Court Lucknow Bench लखनऊ बेंच इलाहाबाद हाई कोर्ट ने Arms License आग्नेयास्त्र लाइसेंस रद्द दिनांक 30.08.2019 करने के आदेश को रद्द कर दिया और कहा कि इस तरह के आदेश को प्राधिकरण की व्यक्तिपरक संतुष्टि दर्ज किए बिना आकस्मिक तरीके से पारित नहीं किया जा सकता है। न्यायमूर्ति मनीष माथुर ने सुधीर केसरवानी … Read more

हाईकोर्ट का आदेश देख सुप्रीम कोर्ट ‘चीफ जस्टिस’ भी हुए हैरान, कहा ऐसा आदेश ‘अभूतपूर्व’ है- जाने विस्तार से

SUPREME COURT OF INDIA सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को PUNJAB & HARIYANA HIGH COURT पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी को भविष्य के सभी मामलों में सुरक्षा देने के “अभूतपूर्व” आदेश पर “हैरानी” व्यक्त की है। सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को दो सप्ताह के … Read more

उच्च न्यायलय का बड़ा निर्णय: चौराहों पर लगी नेताओं, मशहूर लोगों की हटेंगी मूर्तियां-

Madhya Pradesh High Court मध्य प्रदेश उच्च न्यायलय ने मध्य प्रदेश में चौराहों पर लगी मूर्तियों के संबंध में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि प्रदेश में 18 जनवरी 2013 के बाद चौराहों पर लगी सभी मूर्तियां हटाई जाएंगी। MP High Court हाई कोर्ट ने यह फैसला गुरुवार को भोपाल के टीटी … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा प्रत्यावेदन देने से परिसीमा अवधि नहीं बढ़ती-

Supreme Court शीर्ष अदालत ने कहा कि केवल अधिकारियों के पास एक प्रत्यावेदन दाखिल करने से परिसीमा अवधि नहीं बढ़ जाती है। न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की बेंच ने कहा कि यदि रिट याचिकाकर्ता को देरी का दोषी पाया जाता है, तो उच्च न्यायालय को रिट याचिकाकर्ता को एक प्रत्यावेदन दायर करने … Read more

केरल हाईकोर्ट: मीडिया वन पर पाबंदी का फैसला बरकरार, न्यायालय का कथन – देश के सुरक्षा से जुड़े हुए है मुद्दे

Kerala High Court उच्च न्यायलय ने कहा कि भले ही उसके सामने पेश की गई फाइलों में बहुत अधिक विवरण उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन उसका विचार है कि इसमें सार्वजनिक व्यवस्था या राज्य की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले कुछ पहलू हैं। केरल हाई कोर्ट ने बुधवार को मलयालम समाचार चैनल मीडिया वन को सुरक्षा … Read more

सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्णय कहा कि प्रेगनेंसी के दौरान माता-पिता के साथ मायके में रहना तलाक का नहीं हो सकता कारण-

Madras High Court मामला तमिलनाडु का है, जिसमें याचिकाकर्ता ने 1999 में शादी कर ली। इसके कुछ समय बाद ही उसकी पत्नी गर्भवती होने पर अपने माता-पिता के यहाँ मायके चली गई। प्रेगनेंसी के दौरान माता-पिता के साथ रहना तलाक का कारण नहीं हो सकता। पति ऐसे केस को ‘क्रूरता’ की श्रेणी में नहीं डाल … Read more