सुप्रीम कोर्ट से Amazon को बड़ी राहत, ₹202 करोड़ का CCI जुर्माना रद्द

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Amazon द्वारा जमा की गई कोई भी राशि आठ सप्ताह के भीतर 6% वार्षिक ब्याज के साथ वापस की जाए

सुप्रीम कोर्ट ने अमेज़न पर CCI द्वारा लगाया गया ₹202 करोड़ का जुर्माना रद्द कर दिया। अदालत ने जमा राशि 6% ब्याज सहित लौटाने का आदेश भी दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ई-कॉमर्स कंपनी Amazon को बड़ी राहत देते हुए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा लगाए गए ₹202 करोड़ के जुर्माने को रद्द कर दिया।

न्यायमूर्ति Vikram Nath और न्यायमूर्ति Sandeep Mehta की पीठ ने यह आदेश पारित किया। अदालत ने साथ ही निर्देश दिया कि Amazon द्वारा जमा की गई कोई भी राशि आठ सप्ताह के भीतर 6% वार्षिक ब्याज के साथ वापस की जाए।

देरी होने पर 9% ब्याज देना होगा

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित आठ सप्ताह की अवधि में भुगतान नहीं किया गया तो ब्याज दर 6% से बढ़ाकर 9% प्रतिवर्ष कर दी जाएगी।

अदालत ने यह भी कहा कि तय समयसीमा के बाद बची हुई किसी भी राशि पर भुगतान होने तक 9% साधारण वार्षिक ब्याज लागू रहेगा।

2019 की Future Coupons डील से जुड़ा मामला

पूरा विवाद वर्ष 2019 में Amazon द्वारा Future Coupons Pvt. Ltd. में 49% हिस्सेदारी खरीदने से जुड़ा था। इस निवेश की कुल कीमत लगभग ₹1,431 करोड़ थी।

Future Coupons के पास आगे Future Retail के शेयर थे, जिसके कारण यह सौदा भारतीय रिटेल सेक्टर में काफी चर्चित रहा।

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CCI ने लगाए थे गंभीर आरोप

दिसंबर 2021 में Competition Commission of India (CCI) ने इस सौदे को दी गई अपनी पूर्व मंजूरी निलंबित कर दी थी।

CCI का आरोप था कि Amazon ने यह खुलासा नहीं किया कि Future Coupons सौदा और उससे जुड़े अन्य समझौते वास्तव में एक “एकीकृत लेनदेन” (Integrated Transaction) का हिस्सा थे।

नियामक ने यह भी आरोप लगाया कि Amazon ने भारतीय नियामक संस्थाओं और सिंगापुर मध्यस्थता न्यायाधिकरण के समक्ष इस सौदे की संरचना और उद्देश्य को लेकर अलग-अलग और विरोधाभासी बयान दिए।

₹200 करोड़ और ₹2 करोड़ का अलग-अलग जुर्माना

CCI ने Amazon पर दो अलग-अलग दंड लगाए थे।

  • ₹200 करोड़ का जुर्माना कथित तौर पर सौदे की सही जानकारी और नोटिफिकेशन न देने के लिए लगाया गया था।
  • अतिरिक्त ₹2 करोड़ का दंड महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने के आरोप में लगाया गया था।

इसके साथ ही आयोग ने Future Coupons में Amazon की हिस्सेदारी को भी प्रभावहीन (in abeyance) कर दिया था।

NCLT से नहीं मिली थी राहत

Amazon ने CCI के आदेश को National Company Law Tribunal (NCLT) में चुनौती दी थी। हालांकि, वर्ष 2022 में NCLT ने CCI के फैसले को बरकरार रखा।

इसके बाद कंपनी सुप्रीम कोर्ट पहुंची, जहां 2023 में उसे अंतरिम राहत मिली थी। उस समय सर्वोच्च अदालत ने CCI द्वारा लगाए गए जुर्माने पर रोक लगा दी थी।

कॉर्पोरेट रेगुलेशन पर असर डाल सकता है फैसला

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारत में कॉर्पोरेट निवेश, प्रतिस्पर्धा कानून और नियामकीय पारदर्शिता से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय भविष्य में बड़े निवेश सौदों में सूचना प्रकटीकरण (Disclosure) और नियामकीय प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल बन सकता है।

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