अनिल अंबानी बैंक फ्रॉड केस: सुप्रीम कोर्ट बोला—फिलहाल जांच एजेंसियां अपनी “बुद्धिमत्ता” से कार्रवाई करें
सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी से जुड़े कथित हजारों करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में कहा कि फिलहाल जांच एजेंसियां अपनी “बुद्धिमत्ता” से कार्रवाई करें। ED-CBI ने कोर्ट को जांच की प्रगति बताई।
🔴 सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों पर जताया भरोसा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कारोबारी अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों से जुड़े कथित बहु-हजार करोड़ बैंक धोखाधड़ी मामले में फिलहाल कोई कठोर आदेश पारित करने से इनकार कर दिया।
अदालत ने कहा कि जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं, चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं और कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं, इसलिए अभी कार्रवाई को एजेंसियों की “बुद्धिमत्ता” पर छोड़ा जाता है।
⚖️ CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ में सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ मामले की सुनवाई कर रही थी।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से सीलबंद लिफाफे में स्थिति रिपोर्ट पेश की।
📂 “हमने खुद को सीमित रखा”
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि उसने जानबूझकर इस स्तर पर प्रतिकूल आदेश देने से खुद को रोके रखा है।
CJI ने कहा, “हमने पहले भी कोई प्रतिकूल आदेश नहीं दिया। हम पहले सभी पक्षों को सुनेंगे।”
🚨 CBI की 9 जांच, दो चार्जशीट दाखिल
तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि:
- रिलायंस टेलीकॉम (RTL) और रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) से जुड़े दो FIR दर्ज हुए हैं
- CBI कुल 9 मामलों की जांच कर रही है
- इनमें 7 मामलों में जांच जारी है
- 2 मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है
- अब तक दो गिरफ्तारियां हुई हैं
- आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं
📜 प्रशांत भूषण ने उठाए गंभीर आरोप
जनहित याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने अदालत में नया हलफनामा दाखिल कर कहा कि YES बैंक के संस्थापक राणा कपूर से जुड़ी कंपनियों और अनिल अंबानी समूह के बीच लेन-देन में गंभीर अनियमितताएं हैं।
भूषण ने कहा, “चार्जशीट में बेहद गंभीर तथ्य हैं, लेकिन अब तक अनिल अंबानी की गिरफ्तारी नहीं हुई।”
⚠️ “क्या वह होली काउ हैं?”
प्रशांत भूषण ने कोर्ट में टिप्पणी करते हुए कहा कि अनिल अंबानी कथित तौर पर पूरे मामले के “किंगपिन” हैं, फिर भी उनकी गिरफ्तारी नहीं होना हैरान करने वाला है।
उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है जैसे वह कोई होली काउ हों।”
🏛️ सुप्रीम कोर्ट बोला—चार्जशीट की जांच यहां संभव नहीं
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस स्तर पर चार्जशीट की मेरिट की जांच नहीं कर सकता।
CJI ने कहा, “हमारी भी सीमाएं हैं। यहां बैठकर चार्जशीट की जांच नहीं की जा सकती।”
🔍 “हमारे हस्तक्षेप के बाद जांच तेज हुई”
कोर्ट ने यह भी कहा कि उसके पहले के हस्तक्षेप के बाद ही जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हुई।
पीठ ने कहा, “हमारे हस्तक्षेप की जरूरत पड़ी। अब एजेंसियां चार्जशीट दाखिल कर रही हैं।”
🚔 गिरफ्तारी पर कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि कई मामलों में जांच के दौरान हिरासत में पूछताछ और गिरफ्तारी जरूरी हो सकती है।
हालांकि फिलहाल अदालत ने यह फैसला जांच एजेंसियों पर छोड़ दिया।
कोर्ट ने कहा, “अभी के लिए हम इसे जांच एजेंसियों की समझदारी पर छोड़ रहे हैं।”
📊 अप्रैल में कोर्ट ने दिए थे जांच के निर्देश
इससे पहले 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने ED और CBI को रिलायंस अनिल अंबानी समूह (RAAG) से जुड़े कथित वित्तीय घोटालों की समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने का निर्देश दिया था।
ED ने कोर्ट को बताया था कि 12 फरवरी 2026 को विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और बैंकिंग प्रतिनिधि शामिल हैं।
💰 2983 करोड़ के सेटलमेंट पर सवाल
ED ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान “Project Help” नामक संदिग्ध व्यवस्था सामने आई है।
एजेंसी के अनुसार, लगभग ₹2983 करोड़ के दावों का निपटारा केवल ₹26 करोड़ में किया गया, जिससे बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की आशंका पैदा हुई है।
🌐 देश के सबसे चर्चित कॉरपोरेट मामलों में शामिल
अनिल अंबानी समूह से जुड़ा यह मामला देश के सबसे चर्चित कॉरपोरेट और बैंकिंग जांच मामलों में शामिल हो गया है।
अब सुप्रीम कोर्ट की निगाह जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी पर बनी हुई है।
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