बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार की जांच के खिलाफ परमबीर सिंह की याचिका खारिज की-

मुंबई : बंबई उच्च न्यायालय ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा दायर उस याचिका को बृहस्पतिवार को सुनवाई के योग्य नहीं माना, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र सरकार द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गयी दो प्राथमिक जांच को रद्द करने का अनुरोध किया है। न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एन जे जामदार की … Read more

मा. न्यायमूर्ति प्रेम शंकर गुप्ता जी का उच्च न्यायालय में लगभग ४००० निर्णय हिन्दी में देकर हिन्दी भाषा के प्रति अभूतपूर्व योगदान रहा –

justice p s gupta

हिन्दी भाषा पखवाड़ा पर विशेष- न्यायमूर्ति श्री प्रेम शंकर गुप्त हिन्दी में निर्णय देने का प्रशंसनीय कार्य किया और इसके चलते बहुत प्रसिद्ध हुए। वे उच्च न्यायालय के अधिवक्ता, न्यायाधीश एवं हिन्दी के प्रबल पक्षधर व मनीषी के रूप में जाने जाते हैं। हिन्दी, अन्य भारतीय भाषायें व साहित्य उनके हृदय की धड़कन है। राष्ट्र … Read more

Evidence Act की धारा 106 उन मामलों पर लागू होगी जहां अभियोजन पक्ष उन तथ्यों को स्थापित करने में सफल रहा है – उच्चतम न्यायालय

सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 106 के तहत अभियुक्त के भार को निभा पाने में विफलता परिस्थितिजन्य साक्ष्य द्वारा संचालित मामले में प्रासंगिक नहीं है, यदि अभियोजन पक्ष परिस्थितियों की एक कड़ी स्थापित करने में असमर्थ है। मा न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और मा न्यायमूर्ति अभय एस. ओका की पीठ … Read more

सिर्फ माला पहनाने से नहीं होती शादी, पूरे विधि-विधान के साथ अग्नि के 7 फेरे लेने जरूरी – मध्यप्रदेश हाइकोर्ट

ग्वालियर. :  लव मैरिज पर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) हाई कोर्ट (High Court) ने बड़ा फैसला सुनाया है. ग्वालियर खंडपीठ ने कहा कि सिर्फ माला पहनने से शादी नहीं हो जाती. उसके लिए पूरे विधि-विधान के साथ अग्नि के 7 फेरे लेने जरूरी हैं. उच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी आर्य समाज मंदिर में शादी करने … Read more

वकीलों द्वारा ‘फर्जी’ जनहित याचिकाएं दायर करने की हरकत को प्रोत्साहित नहीं कर सकती है – सर्वोच्च न्यायालय

पीठ ने याचिका खारिज कर दी और याचिकाकर्ता पर दस हजार रूपये का जुर्माना लगाया- शीर्ष अदालत ने मंगलवार को वकीलों से जुड़ी एक याचिका पर अहम फैसला सुनाया। ज्ञात हो कि एक जनहित याचिका में सर्वोच्च न्यायालय से मांग की गई थी कि वह कोरोना वायरस या अन्य किसी कारण से जान गंवाने वाले … Read more

अविवाहित बेटी या विधवा बेटी को ही अनुकंपा नियुक्ति हेतु पात्र माना जायेगा-सर्वोच्च अदालत

शीर्ष न्यायालय ने सोमवार को व्यवस्था दी कि कर्नाटक के एक कानून के तहत किसी सरकारी सेवक की मृत्यु के समय उस पर आश्रित रही और उसके साथ रहने वाली ‘अविवाहित बेटी’ और ‘विधवा बेटी’ को ही उसकी मृत्यु के बाद अनुकंपा आधार पर नियुक्ति के लिए पात्र और आश्रित कहा जा सकता है. सर्वोच्च … Read more

न्यायमूर्ति जगमोहनलाल सिन्हा द्वारा इंदिरा गांधी पर दिया फैसला अत्यंत साहसी था-सीजेआई

प्रयागराज : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, कानून मंत्री किरेन रिजिजू के साथ प्रयागराज में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के नए अधिवक्ता भवन का नींव रखने के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन वी रमना भी पहुंचे थे। इस अवसर पर चीफ जस्टिस ने भारत वर्ष के सबसे पुराने हाई कोर्ट में … Read more

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा प्रकरण में अहम दस्तावेज कोर्ट में पेश, 15 सितंबर को अगली सुनवाई-

वाद संख्या 950 में अगली सुनवाई 15 सितंबर को होनी है- मथुरा : श्रीकृष्ण जन्म भूमि के मालिकाना हक को लेकर जनपद के सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में छह मामले अभी विचाराधीन है. वाद संख्या 950 के याचिकाकर्ता अधिवक्ता ने आज न्यायालय में अहम दस्तावेज पेश किए गए. श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के वाद … Read more

क्या राजस्व अभिलेख में संपत्ति के म्युटेशन से संपत्ति का मालिकाना हक मिलेगा ? शीर्ष अदालत का जवाब-

उच्चतम न्यायलय ने संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर बड़ा फैसला – शीर्ष अदालत ने गुरुवार को फिर एक बार कहा कि रेवेन्यू रिकॉर्ड में संपत्ति के दाखिल-खारिज (Mutation of Property) से न तो संपत्ति का मालिकाना हक मिल जाता है और न ही समाप्त होता है। संपत्ति का मालिकाना हक केवल एक सक्षम सिविल … Read more

जेल मैन्युल के अनुसार अगर बजा पचासा घंटा तो बंदियों समेत अधिकारियों में भी बढ़ जाती है दहशत, जाने क्या होता है पचासा-

पचासा घंटी या पगली घंटी बजने के दौरान कई चिह्नित बंदियों को एकत्रित किया जाता है- सुबह छह बजे जेल की सभी बैरकों से कैदी ग्राउंड में इकट्ठा होना शुरू हो गए हैं। लाउड स्पीकर पर दूर-दूर तक गूंज रहा है-ऐ मालिक तेरे बंदे है हम, ऐसे हो हमारे करम, नेकी पर चलें और बदी … Read more