न्यायालय का कर्तव्य है कि वह अनुबंध की व्याख्या करते हुए पक्षों के वास्तविक और सही अर्थ को समझे और अनुबंध से उत्पन्न होने वाले अधिकारों को लागू करे – SC

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अनुबंध की शर्तों की व्याख्या करते समय यह अदालत का कर्तव्य है कि वह ऐसे किसी भी विवेक के प्रयोग को अस्वीकार करे जो पूरी तरह से अनुबंध के दायरे से बाहर हो। यह देखते हुए कि अनुबंध के पक्षकारों के अधिकार और कर्तव्य … Read more

CrPC u/s 428 के तहत ‘सेट ऑफ’ का लाभ उठाने के लिए, दोषी की हिरासत ‘एक ही मामले’ में होनी चाहिए – सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट की अवमानना ​​​​से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि सीआरपीसी की धारा 428 के तहत सेट ऑफ का लाभ उठाने के लिए दोषी द्वारा हिरासत में लिया जाना उसी मामले में होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट खंडपीठ में न्यायमूर्ति के.एम. जोसेफ और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय ने कहा – “जहां … Read more

SC ने गुजरात HC के जस्टिस विपुल पंचोली के तबादले पर बयान प्रकाशित किया, तबादलों का कोई जिक्र नहीं जिसके कारण विरोध हुआ

Collegium News

“हम यहां न्यायपालिका की स्वतंत्रता की मौत का शोक मनाने आए हैं” सुप्रीम कोर्ट ने अपनी वेबसाइट Supreme Court Website पर एक बयान प्रकाशित किया है कि कॉलेजियम Collegium ने 29 सितंबर, 2022 को हुई अपनी बैठक में गुजरात उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विपुल मनुभाई पंचोली को पटना उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की सिफारिश … Read more

दिल्ली कोर्ट ने रिहायशी क्षेत्रों में चल रही शराब की बिक्री पर रोक लगाने का दिया निर्देश

दिल्ली की एक अदालत ने एक रिहायशी इमारत में स्थित एक दुकान पर कथित तौर पर आम जनता को परेशान करने वाली शराब की बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। यह आदेश बिंदापुर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा अधिवक्ता अभिमन्यु लाल और अधिवक्ता आकाश भट्ट के माध्यम से दायर एक याचिका में पारित किया … Read more

एक शादीसुदा पुरुष जो कमाने में सक्षम है, अपनी पत्नी और बच्चे के गुजारे भत्ते के लिए बाध्य है: HC

जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने "पाकिस्तानी नागरिक" कहकर निर्वासन की कार्रवाई पर लगाई रोक, IRP कांस्टेबल समेत चार याचिकाकर्ताओं को राहत

जम्मू और कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायलय Jammu & Kashmir & Laddakh High Court ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान हाल ही में दोहराया कि एक बार जब कोई व्यक्ति शादी करने और परिवार बढ़ाने का फैसला करता है, तो वह मुड़कर यह नहीं कह सकता है कि वह अपने कानूनी और नैतिक दायित्व … Read more

HC ने शपथ अधिनियम के तहत भगवान के नाम पर की गई शपथ और प्रतिज्ञान के लिए वकील की चुनौती को किया खारिज

Gauhati High Court HAJ AIR FARE RETURN IN 90 DAYS

खंडपीठ ने कहा, “इस तथ्य के संबंध में कोई ठोस या तथ्यात्मक आधार नहीं है कि याचिकाकर्ता को भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत दिए गए किसी भी अधिकार से वंचित किया गया है।” गौहाटी उच्च न्यायालय ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें अदालत के समक्ष भगवान के नाम … Read more

CrPC की ये धारा महिलाओं के साथ भेदभाद करती है, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल PIL पर सरकार को नोटिस –

आज सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन PIL पर सुनवाई की गई जिसमें CrPC की धारा 64 को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि CrPC की धारा 64 महिलाओं के साथ भेदभाव करती है। सुप्रीम कोर्ट Supreme Court में सोमवार को एक जनहित याचिका पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन PIL … Read more

Supreme Court of INDIA: हिंदी में बहस कर रहे शख्स को माननीय न्यायमूर्तियों ने टोका, कहा ‘हमें समझ नहीं आ रहा, आप क्या बोल रहे हैं’-

भारत की उच्चतम अदालत में आज एक अलग ही तरह का वाक्या देखने को मिला जब हिंदी भाषा में बहस कर रहे एक शख्स को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के माननीय दो न्यायमूर्ति ने टोक दिया। मामला देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में आज एक अलग ही तरह का मामला देखने को मिला जहां … Read more

Cheque Bounce Case: Sec 142 NI Act के तहत सीमा अवधि समाप्त होने के बाद अतिरिक्त आरोपी को आरोपित नहीं किया जा सकता है – सुप्रीम कोर्ट

supreme-court-Cheque Bounce Case

सुप्रीम कोर्ट ने एक चेक बाउंस मामले में कहा है कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 142 के तहत संज्ञान लेने के लिए एक बार सीमा अवधि समाप्त हो जाने के बाद एक अतिरिक्त आरोपी को आरोपी के रूप में आरोपित नहीं किया जा सकता है। न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी … Read more

CJI डॉ चंद्रचूड़ ने वकील पर की टिप्पणी, कहा की ‘बिना ब्रीफ वाला वकील, बिना बल्ले के सचिन तेंडुलकर’ जैसा होता है

भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉक्टर डी वाई चंद्रचूड़ ने एक वाद की सुनवाई के दौरान वकीलों के लिए एक बड़ी तल्ख़ टिप्पणी की। उन्होंने पीठ के सामने केस वकीलों को केस की जानकारी न होने पर नसीहत देते हुए कहा कि ‘बिना ब्रीफ वाला वकील, बिना बल्ले के सचिन तेंडुलकर’ की तरह होता है। … Read more