HC ने कहा कि ‘बलात्कार एक अपराध है न कि चिकित्सीय स्थिति’, Sec 6 POCSO Act में ट्रायल कोर्ट के फैसले को रखा बरकरार

Bombey High Court Nagpur

बॉम्बे हाई कोर्ट नागपुर बेंच ने अपनी चार साल की भतीजी के साथ बलात्कार के आरोपी एक व्यक्ति की सजा को बरकरार रखते हुए माना है कि बलात्कार एक कानूनी शब्द है और पीड़िता का इलाज करने वाले चिकित्सा अधिकारी द्वारा किया जाने वाला निदान नहीं है। न्यायमूर्ति एस अनिल किलोर की खंडपीठ ने कहा … Read more

निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले हाईकोर्ट ने लगाई रोक, जाने पूरा मामला ?

इलाहाबाद हाईकोर्ट

उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान पर रोक हाईकोर्ट ने तारीखों के ऐलान पर लगाई रोक मंगलवार को होगी जनहित याचिका पर फिर से सुनवाई सुनवाई पूरी होने के बाद ही तारीखों पर किसी फैसले का एलान संभव उत्तर प्रदेश प्रदेश के निकाय चुनाव को लेकर आज की सबसे बड़ी खबर सामने … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर की अमेज़न प्राइम वीडियो के इंडिया हेड की अग्रिम जमानत !

वेब सीरीज ‘तांडव’ को लेकर दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में अमेजन प्राइम वीडियो की भारत प्रमुख अपर्णा पुरोहित को उच्चतम न्यायालय ने अग्रिम जमानत दे दी है। उन पर उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों, हिंदू देवताओं को चित्रित करने और वेब श्रृंखला में प्रधानमंत्री की भूमिका निभाने वाले एक चरित्र के नकारात्मक चित्रण को अनुचित … Read more

अगर आरोपी पूर्व में ही किसी अन्य आपराधिक मामले में हिरासत में है तो अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई योग्य नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट

allahabad high court

इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने एक मामले में सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि अगर आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई योग्य नहीं है यदि वह समान या अलग-अलग अपराध के लिए किसी अन्य आपराधिक मामले में पहले से ही जेल में है। अग्रिम जमानत अर्जी धारा 438 Cr.P.C. है जो प्रार्थी राजेश कुमार शर्मा द्वारा … Read more

‘मैं भगवान नहीं, शैतान बन गया हूं!’- मामले के सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति ने ऐसा क्यों कहा ?

कलकत्ता उच्च न्यायलय के न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एक के बाद एक फैसले सुनाया है और CBI जांच का आदेश दिया था। नतीजतन, वह नौकरी चाहने वालों के लिए ‘मसीहा’ बन गए हैं, लेकिन सोमवार को न्यायाधीश ने हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा, ‘मैं भगवान नहीं हूं, मैं शैतान बन … Read more

क्या भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 के तहत ‘मोबाइल फोन स्क्रीनशॉट’ साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य है?

कानून की दो श्रेणियां हैं- मूल और प्रक्रियात्मक- इन श्रेणियों के आधार पर अलग-अलग कोड, अधिनियम और क़ानून बनाए और विभाजित किए जाते हैं, लेकिन साक्ष्य का कानून किसी भी श्रेणी में नहीं आता है क्योंकि यह अधिकारों और प्रक्रियाओं दोनों से संबंधित है। “कानून” शब्द का प्रयोग विभिन्न अर्थों में किया जाता है। अपने … Read more

एनसीएलटी ने इस्पात निर्माता रिफॉर्म फेरो के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही की मांग वाली एसबीआई की याचिका को किया स्वीकार

दिवालियापन अदालत ने कोलकाता स्थित इस्पात निर्माता रिफॉर्म फेरो कास्ट के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने की भारतीय स्टेट बैंक की याचिका को स्वीकार कर लिया है और अरुण कुमार गुप्ता को अपना अंतरिम समाधान पेशेवर नियुक्त किया है। राज्य के स्वामित्व वाले ऋणदाता एसबीआई ने लगभग 267 करोड़ रुपये के बकाए पर चूक के … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालयों में तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति को आसान बनाने का दिया सुझाव

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि उच्च न्यायालयों में तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति को सरल बनाने की आवश्यकता है और अटार्नी जनरल आर वेंकटरामन के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद पी दातार से विचार-मंथन करने और तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित कम बोझिल प्रक्रिया का पता लगाने के लिए कहा। उच्च न्यायालयों में। न्यायमूर्ति संजय … Read more

कॉलेजियम प्रणाली: सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2018 से कॉलेजियम बैठको के ब्योरे की मांग करने वाली याचिका को किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 12 दिसंबर, 2018 को आयोजित कॉलेजियम की एक बैठक के विवरण का खुलासा करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता ने सूचना के अधिकार कानून के तहत ब्योरा मांगा था। अदालत ने कहा कि कॉलेजियम बहु-सदस्यीय निकाय है, जिसका अस्थायी निर्णय सार्वजनिक डोमेन में नहीं लाया … Read more

हत्या आरोप की पुष्टि के लिए मर्डर का मकसद साबित होना चाहिए और परिस्थितियों की श्रृंखला पूरी होनी चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

न्यायमूर्ति डॉ. कौशल जयेंद्र ठाकर और न्यायमूर्ति अजय त्यागी की खंडपीठ अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश द्वारा दिए गए फैसले और आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई कर रही थी, जो आईपीसी IPC की धारा 498-A, 306 के तहत दर्ज मामले से उत्पन्न हुई थी, जिसमें अपीलकर्ता को दोषी ठहराया गया था। और … Read more