दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई है कि लोग तथाकथित तांत्रिकों/बाबाओं के पास अपनी समस्या समाधान के लिए जाते हैं, 6 दिव्यांग लड़कियों का यौन शोषण मामले में HC की टिप्पणी

मुस्लिम पुरुष को एक से ज्यादा शादियों का रजिस्ट्रेशन नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज

बॉम्बे हाई कोर्ट ने पिछले महीने पारित अपने फैसले में 45 वर्षीय व्यक्ति को सुनाई गई उम्रकैद की सजा बरकरार रखा। खंडपीठ ने कहा कि यह अंधविश्वास का विचित्र मामला है और आरोपी किसी भी नरमी का हकदार नहीं है। दरअसल आरोपी ने खुद को तांत्रिक बाबा बताकर छह बौद्धिक रूप से दिव्यांग लड़कियों का … Read more

आगरा में पुलिस दबिश के दौरान अधिवक्ता सुनील शर्मा की आठवीं मंजिल से गिरकर मौत, हंगामे की आशंका पर पुलिस फोर्स तैनात, जांच जारी…

आगरा के सिकंदरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित मंगलम आधार अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 801 में वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील शर्मा जो युवा अधिवक्ता संघ के संरक्षक हैं का निवास था। उनके खिलाफ केके नगर निवासी मनोज कुमार शर्मा ने दो फरवरी को थाना न्यू आगरा में बंधक बनाकर बैनामा कराने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। … Read more

नाबालिग से बलात्कार मामले में मेडिकल आधार पर सजा निलंबित करने की स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम बापू की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम बापू के राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जबकि उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की छूट दी और उच्च न्यायालय से लंबित अपील में सुनवाई में तेजी लाने को कहा। याचिका चिकित्सा आधार पर दायर की गई … Read more

यदि भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 63 के तहत अनिवार्य आवश्यकताओं को साक्ष्य अधिनियम, 1872 धारा 68 के संदर्भ में जोड़े गए, तो इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए : SC

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 63 के तहत निर्धारित अनिवार्य आवश्यकताओं को साक्ष्य अधिनियम की धारा 68 के संदर्भ में साक्ष्य जोड़कर उचित रूप से संतुष्ट किया जाता है, तो वसीयत को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। संपत्ति के मूल मालिक की दो पत्नियां थीं। बेटी ने … Read more

‘गरीब याचिकाकर्ता महंगे न्याय व्यवस्था का बोझ नहीं झेल पाएगा’, SC ने कहा कि संविधानिक अदालतों को निचली अदालत में लंबित मामले के लिए एक निश्चित समयसीमा तय नहीं करना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक मामले की सुनवाई में कहा कि सिविल और क्रिमिनल मामलों में निचली अदालत या हाईकोर्ट की ओर से लगाई गई स्थगन (STAY ORDER) खुद-ब-खुद रद्द नहीं हो सकती। चीफ जस्टिस डॉ डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली वाली पांच जजों की बेंच सुप्रीम कोर्ट के 2018 के उस फैसले … Read more

कानूनी सेवाओं के लिए घंटे के हिसाब से बिलिंग एक गलत, कानूनी पेशा समाज की सेवा के लिए है न कि एक मशीन जो एटीएम की तरह व्यवहार करती है

केरल उच्च न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि कानूनी पेशा समाज की सेवा करता है और इसे केवल वित्तीय लाभ के साधन के रूप में देखने के प्रति आगाह किया। न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन ने टिप्पणी की कि कानूनी सेवाओं के लिए घंटे के हिसाब से बिलिंग की धारणा एक गलतफहमी है और केरल … Read more

क्या वकील सेवाओं को उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के अंतर्गत शामिल किया जाना चाहिए? SC ने मामले की समीक्षा की

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष हाल ही में हुई सुनवाई में, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के दायरे में वकील सेवाओं को शामिल करने के संबंध में एक महत्वपूर्ण बहस सामने आई। यह चर्चा 2007 में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा दिए गए एक फैसले से शुरू हुई, जिसने फैसला सुनाया कि वकीलों द्वारा प्रदान की … Read more

[NI Act] HC Explains : ईमेल या व्हाट्सएप के माध्यम से चेक जारीकर्ता को भेजा गया डिमांड नोटिस धारा 138 के तहत वैध है, निर्णय पढ़ें…..

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत कार्यवाही को रद्द करने की मांग करते हुए दायर एक याचिका में कहा कि परक्राम्य लिखत (NI Act) की धारा 138 के तहत ‘ईमेल या व्हाट्सएप’ के माध्यम से चेक जारी करने वाले को भेजा गया डिमांड नोटिस अनादर का कारण बनता है। … Read more

SC ने ED द्वारा जिला कलेक्टरों को जारी किए गए समन पर रोक लगाने वाले HC के अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी, कहा कि समन को चुनौती देने वाली राज्य की रिट याचिका गलत है

सुप्रीम कोर्ट ने अवैध रेत खनन के संबंध में तमिलनाडु के कुछ जिलों के जिला कलेक्टरों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जारी समन के संचालन और निष्पादन पर मद्रास उच्च न्यायालय के अंतरिम स्थगन आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि समन को चुनौती देने वाली मद्रास उच्च न्यायालय … Read more

अवैध संरचनाओं का निर्माण करना धर्म का प्रचार करने का तरीका नहीं है: SC ने चेन्नई में अवैध मस्जिद को गिराने के HC के आदेश में हस्तक्षेप करने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा पारित एक आदेश को बरकरार रखते हुए माना है कि उच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों में कोई हस्तक्षेप नहीं है और सुनवाई के दौरान कहा कि अवैध संरचनाओं का निर्माण करना धर्म का प्रचार करने का तरीका नहीं है। 22 नवंबर, 2023 को मद्रास उच्च न्यायालय ने माना … Read more