अमरपाली-मगध कोयला क्षेत्र वसूली मामला: NIA कोर्ट ने 12 दोषियों को सुनाई सजा

NIA Court

झारखंड के अमरपाली-मगध कोयला खनन क्षेत्र में प्रतिबंधित TPC के लिए लेवी वसूली और जबरन वसूली मामले में रांची की विशेष NIA कोर्ट ने 12 दोषियों को 5 से 10 साल तक की सजा सुनाई। 12 दोषियों को सुनाई गई सजा झारखंड के रांची स्थित विशेष NIA कोर्ट ने मंगलवार को अमरपाली-मगध कोयला खनन क्षेत्रों … Read more

‘कुछ जज राजा से भी ज्यादा वफादार’ – जमानत, FIR और जेल पर जस्टिस भुइयां की बड़ी टिप्पणी

SC-j bhuiya

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि कुछ जज ‘राजा से ज्यादा वफादार’ बनने की कोशिश में योग्य मामलों में भी जमानत नहीं देते, जिससे लोग महीनों जेल में रहते हैं। उन्होंने FIR के अंधाधुंध पंजीकरण और लंबित मामलों पर भी चिंता जताई। ‘राजा से ज्यादा वफादार’ टिप्पणी से न्यायपालिका पर सवाल सुप्रीम … Read more

Patiala House Court की विशेष NIA अदालत का फैसला: आतंकी साजिश में दो दोषियों को 15 साल की सज़ा

Court Room

पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष NIA अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा आतंकी बहादुर अली को पनाह और लॉजिस्टिक सहायता देने के मामले में दो दोषियों को 15 वर्ष की सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई। अदालत ने कहा कि अभियोजन ने आरोप संदेह से परे साबित किए। ⚖️ Patiala House Court की विशेष NIA अदालत का फैसला: आतंकी … Read more

सुप्रीम कोर्ट: गैर-प्रतिबंधित संगठन से जुड़ाव पर आरोपी को जमानत, 5.5 साल से लंबित ट्रायल पर चिंता

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट: गैर-प्रतिबंधित संगठन से जुड़ाव पर आरोपी को जमानत, 5.5 साल से लंबित ट्रायल पर चिंता Supreme Court: Bail granted to accused for his association with non-banned organisation, concern over trial pending for 5.5 years सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गैर-प्रतिबंधित संगठन से जुड़ाव मात्र अपराध नहीं है और इसी आधार पर आरोपी सलीम … Read more

धारा 124 A और Unlawful Activities (Prevention) Act के कुछ हिस्से को खत्म करे सुप्रीम कोर्ट – जस्टिस नरीमन

जस्टिस नरीमन ने कहा कि Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) अंग्रेजों का कानून है, क्योंकि इसमें कोई अग्रिम जमानत नहीं है और इसमें न्यूनतम 5 साल की कैद है. यह कानून अभी भी समीक्षा के दायरे में नहीं है. देशद्रोह कानून के साथ इस पर भी विचार किया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट SUPREME COURT के … Read more