सुप्रीम कोर्ट पीठ करेगी केदारनाथ सिंह के केस फैसले की समीक्षा, 10 मई को होगी देशद्रोह कानून पर सुनवाई-

1962 में केदारनाथ बनाम बिहार राज्य केस में सुप्रीम कोर्ट ने देश द्रोह पर एक महत्वपूर्ण फैसला दिया था. देशद्रोह कानून Sedition Law की वैधता का मामला 7 जजों की संविधान पीठ को भेजा जाए या नहीं. भारतीय दंड संहिता Indian Penal Code की धारा 124ए के तहत लिखित या मौखिक शब्दों, चिन्हों, प्रत्यक्ष या … Read more

न्यायाधीश का निर्णय संदेह से परे होना चाहिए, क्योंकि आदेश पारित करने की आड़ में वादी को अनुचित लाभ पहुंचाना न्यायिक बेईमानी – सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court से कहा

सर्वोच्च न्यायलय में न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी ने आगरा में तैनात पूर्व जज मुजफ्फर हुसैन ने भूमि अधिग्रहण मामले में वादियों को अधिक मुआवजा देकर गंभीर कदाचार के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायलय के निर्णय को बरकरार रखते हुए कहा कि जज के जजमेंट में अगर बेइमानी हो तो यह न्यायिक कदाचार … Read more

गोहाटी हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि: जिस व्यक्ति ने एक बार ‘भारतीय नागरिकता’ साबित कर दी है, तो उसे विदेशी घोषित नहीं कर सकते-

CONTROVERSY ON INDIAN CITIZENSHIP – एक व्यक्ति जिसने विदेशी ट्रिब्यूनल (FT) में साबित कर दिया है कि वह एक भारतीय नागरिक Indian Citizen है तो उससे उसकी नागरिकता के बारे में फिर से सवाल नहीं किया जा सकता है, गुवाहाटी उच्च न्यायालय Gowahati High Court ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट Supreme Court के दिशानिर्देश … Read more

जमानत पर मिलते ही ‘भैय्या इज बैक’ ‘वेलकम जानेमन’ का पोस्टर लगाना छात्र नेता को पड़ा भारी, सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त की जमानत-

Bhaiya is Back Poster, Welcome to Role Janeman Case – जमानत पर छूटे बलात्कार आरोपी छात्र नेता Rape Accused Student Leader को भौकाल बनाना भारी पड़ा गया। जमानत पर जेल से छूटने के बाद आरोपी छात्र नेता ने ‘भैय्या इज बैक’ लिखा पोस्टर लगवा दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इसी आधार पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट … Read more

किसी भी व्यक्ति को FIR दर्ज किये बिना मौखिक रूप से थाने नहीं बुलाया जा सकता: लखनऊ खंडपीठ, इलाहाबाद हाईकोर्ट

न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा प्रथम और न्यायमूर्ति मनीष माथुर की इलाहाबाद हाई कोर्ट लखनऊ खंडपीठ Lucknow bench Allahabad high Court ने बुधवार को निर्देश दिया कि यदि किसी पुलिस स्टेशन में शिकायत की जाती है जिसमें जांच की आवश्यकता होती है और आरोपी की उपस्थिति होती है, तो आपराधिक प्रक्रिया संहिता Cr.P.C. के प्रावधानों के … Read more

पति पर मायके में रहने के लिए दबाव बनाना क्रूरता की श्रेणी में आता है, हाई कोर्ट ने दिया तलाक़-

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट Chhattisgarh High Court ने एक मामले की सुनवाई के दौरान पत्नी की मनमानी और जिद पर जमकर फटकार लगाई है। जानकारी के अनुसार, शादी के तीन महीने ससुराल में रहने के बाद एक पत्नी अपने मायके चली गई थी। जब उसका पति उसे लेने गया तो उसने वापस आने से इनकार कर … Read more

सुप्रीम कोर्ट का 20 साल की कानूनी लड़ाई में निर्णय, कहा गलती से हुए अतिरिक्त भुगतान को सेवानिवृत्ति के बाद वसूलना गलत और अनुचित-

सुप्रीम कोर्ट Supreme court ने करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स Pensioners को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी कर्मचारी को किया गया अतिरिक्त भुगतान उसकी सेवानिवृत्ति के बाद इस आधार पर नहीं वसूला जा सकता कि उक्त भुगतान किसी गलती के कारण हो गया था। क्या है मामला- इस मामले में, शिक्षक … Read more

मरीज़ों के हक़ में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ‘डॉक्टर’ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत आते है – जानिए विस्तार से

देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court ने शुक्रवार को दिए एक फैसले से यह साफ हो गया है कि स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ कंजूमर कोर्ट Consumer Court में शिकायत की जा सकती है। इससे आम लोगों को उन प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ शिकायत करने में सुविधा होगी, जो पैसे तो खूब वसूलते हैं, लेकिन इलाज … Read more

हाई कोर्ट ने कहा: FIR को उसके मरने से पहले दिए गए बयान के रूप में माना जा सकता है क्योंकि मृतिका ने एफआईआर स्वयं दर्ज करवाई थी-

वास्तविक जीवन में पत्नी अपने पति को किसी और के साथ नहीं देख सकती, हाई कोर्ट ने कहा- इलाहाबाद उच्च न्यायलय Allahabad High Court ने एक महिला की आत्महत्या के मामले में पति की याचिका को खारिज कर दिया। पति ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने के लिए याचिका दायर की थी। उसने … Read more

मुस्लिम पुरुष की दूसरी शादी शरीयत के खिलाफ लेनी चाहिए मौजूदा पत्नी से इजाजत – हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

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मुस्लिम पर्सनल लॉ MUSLIM PERSONAL LAW के मुताबिक, एक मुस्लिम पुरुष मौजूदा पत्नी को तलाक दिए बिना या मौजूदा विवाह को भंग किए बिना दूसरी मुस्लिम लड़की से विवाह कर सकता है। यह कानून भारत में भी लागू है। इसके लिए आपको पहली पत्नी से इज़ाज़त लेने की ज़रूरत नहीं हैं, हालाँकि सामान्य क़ानून के … Read more