सेवा बर्खास्तगी पर ग्रेच्युटी की जब्ती स्वतः नहीं, प्रभावित पक्ष को कारण बताओ नोटिस देना जरूरी

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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायलय ने एक मामला सुनवाई के दौरान माना कि ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 के अनुसार सेवा से बर्खास्तगी पर ग्रेच्युटी की जब्ती स्वत: नहीं होती है। न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास ने कहा कि प्रभावित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जरूरी है। पीठ सियाराम बसंती द्वारा दायर एक रिट याचिका पर विचार कर रही … Read more

‘अग्रिम जमानत के मामलों में विशिष्ट तारीख नहीं देना, यह कोई प्रक्रिया नहीं है जिसे स्वीकार किया जा सकता है’: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि कोई विशेष तारीख नहीं देना, विशेष रूप से अग्रिम जमानत से संबंधित मामले में, ऐसी प्रक्रिया नहीं है जिसे गिनाया जा सकता है। भारत के तत्कालीन पूर्व मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि अग्रिम जमानत से संबंधित मामले में अनिश्चितकालीन स्थगन, … Read more

NAN scam case : में छत्तीसगढ़ गोवर्नमेंट ने SC से कहा, जमानत के लिए सीएम बघेल ने कभी नहीं की हाई कोर्ट के जज से मुलाकात

एनएएन घोटाले में कुछ आरोपियों को जमानत दिए जाने से दो दिन पूर्व हाई कोर्ट के एक न्यायाधीश ने सीएम से मुलाकात की थी। छत्तीसगढ़ गवर्नमेंट Chatishgarh Government ने गुरुवार को शीर्ष अदालत Supreme Court को बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कभी किसी हाई कोर्ट के न्यायाधीश से मुलाकात नहीं की है। … Read more

छत्तीसगढ़ में छत्तीस हजार करोड़ रूपये घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को किया नोटिस जारी-

करोड़ों के जन वितरण प्रणाली (Public Distribution System ) घोटाले के एक गवाह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में आरोप है कि सरकारी विभाग ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही में व्यवधान डालने के लिए प्रयास कर रहे हैं। न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और … Read more

विधवा बहू ने किया ससुराल पर भरण पोषण का दावा, HC ने कहा ससुर दे बहू को गुजारा भत्ता-

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट Chattisgarh High Court के फैसले के बाद अब विधवा बहू अपने ससुराल वालों से भरण-पोषण को लेकर दावा कर सकती है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए यह फैसला दिया है। न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी की डिवीजन बेंच ने कहा कि अगर पति की मौत के बाद ससुर … Read more

हाई कोर्ट के इतिहास का पहला मामला, जब एक वकील ने दूसरे वकील का फर्जी हस्ताक्षर और शपथ पत्र बनाकर जनहित याचिका दायर की, मुख्य न्यायधीश ने लिया सज्ञान –

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चिरमिरी सिविल कोर्ट के अधिवक्ता सत्येंद्र सिंह ने छत्तीशगढ़ उच्च न्यायलय में याचिका सुनवाई के दौरान शिकायत दर्ज कराई है कि चिरमिरी के वकील राजकुमार गुप्ता व उनके जूनियर ने उनका फर्जी हस्ताक्षर कर जनहित याचिका दायर की है। हाई कोर्ट के इतिहास का यह पहला मामला है जब एक वकील ने दूसरे वकील के … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने हत्या आरोपी को बरी करते हुए कहा ~ इकबालिया बयान कमजोर साक्ष्य है क्योंकि इसे साबित नहीं किया जा सकता-

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने सोमवार को एक्स्ट्रा जुडिशल कन्फेक्शन Extra Judicial confession लेकर बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट और पुलिस के अलावा तीसरे व्यक्ति के सामने जुर्म के संबंध में इकबालिया बयान यानी एक्‍स्‍ट्रा ज्‍यूडिशियल कन्‍फेशन Extra judicial confession काफी नहीं है। अदालत ने कहा कि सह आरोपी के सिर्फ एक्स्ट्रा जुडिशल कन्फेक्शन Extra Judicial … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए हाई कोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए मुख्य आरोपी को किया बरी-

न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी

शीर्ष अदालत कि पीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि आरोपी अदालत के समक्ष निश्चित रूप से दोषी होना चाहिए, न कि दोषी होने की संभावना होनी चाहिए और दोषसिद्धि निश्चित निष्कर्षों पर आधारित होनी चाहिए।  सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा कि किसी आरोपी के खिलाफ किसी ठोस … Read more

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: NI Act, Sec 138 में किसी व्यक्ति को चेक बाउंसिंग के अपराध में केवल इसलिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता है क्योंकि वह उस फर्म का पार्टनर या गांरटर था-

138 ni act

चेक बाउंस Cheque Bouncing के मामलों में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने सुनवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला Landmark Judgment सुनाया कि आपराधिक दायित्व नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट NI Act की धारा 138 किसी व्यक्ति पर सिर्फ इसलिए नहीं लगाया जा सकता है क्योंकि वह एक फर्म में भागीदार है जिसने ऋण लिया था … Read more

पति पर मायके में रहने के लिए दबाव बनाना क्रूरता की श्रेणी में आता है, हाई कोर्ट ने दिया तलाक़-

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट Chhattisgarh High Court ने एक मामले की सुनवाई के दौरान पत्नी की मनमानी और जिद पर जमकर फटकार लगाई है। जानकारी के अनुसार, शादी के तीन महीने ससुराल में रहने के बाद एक पत्नी अपने मायके चली गई थी। जब उसका पति उसे लेने गया तो उसने वापस आने से इनकार कर … Read more