इलाहाबाद हाई कोर्ट और लखनऊ बेंच के वकील कल रहेंगे न्यायिक कार्यो से विरत-

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और इलाहाबाद हाई कोर्ट के लखनऊ बेंच अवध बार एसोसिएशन लखनऊ ने 10 मई 2022 (मंगलवार) को न्यायिक कार्य से दूर रहने का संकल्प व् आवाह्न किया है। लखनऊ में अवध बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति की एक आकस्मिक बैठक दिनांक 09.05.2022 को अध्यक्ष श्री राकेश कुमार चौधरी … Read more

न्यायाधीश का निर्णय संदेह से परे होना चाहिए, क्योंकि आदेश पारित करने की आड़ में वादी को अनुचित लाभ पहुंचाना न्यायिक बेईमानी – सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court

सर्वोच्च न्यायलय में न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी ने आगरा में तैनात पूर्व जज मुजफ्फर हुसैन ने भूमि अधिग्रहण मामले में वादियों को अधिक मुआवजा देकर गंभीर कदाचार के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायलय के निर्णय को बरकरार रखते हुए कहा कि जज के जजमेंट में अगर बेइमानी हो तो यह न्यायिक कदाचार … Read more

किसी भी व्यक्ति को FIR दर्ज किये बिना मौखिक रूप से थाने नहीं बुलाया जा सकता: लखनऊ खंडपीठ, इलाहाबाद हाईकोर्ट

न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा प्रथम और न्यायमूर्ति मनीष माथुर की इलाहाबाद हाई कोर्ट लखनऊ खंडपीठ Lucknow bench Allahabad high Court ने बुधवार को निर्देश दिया कि यदि किसी पुलिस स्टेशन में शिकायत की जाती है जिसमें जांच की आवश्यकता होती है और आरोपी की उपस्थिति होती है, तो आपराधिक प्रक्रिया संहिता Cr.P.C. के प्रावधानों के … Read more

हाई कोर्ट ने कहा: FIR को उसके मरने से पहले दिए गए बयान के रूप में माना जा सकता है क्योंकि मृतिका ने एफआईआर स्वयं दर्ज करवाई थी-

वास्तविक जीवन में पत्नी अपने पति को किसी और के साथ नहीं देख सकती, हाई कोर्ट ने कहा- इलाहाबाद उच्च न्यायलय Allahabad High Court ने एक महिला की आत्महत्या के मामले में पति की याचिका को खारिज कर दिया। पति ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने के लिए याचिका दायर की थी। उसने … Read more

सुप्रीम अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए कहा की, एक ही मुकदमे पर भी लगाया जा सकता है गैंगस्टर एक्‍ट-

UP Gangster Act Verdict – शीर्ष कोर्ट Supreme Court के समक्ष आरोपी-अपीलकर्ता ने तर्क दिया कि केवल एक प्राथमिकी/आरोपपत्र FIR के आधार पर और वह भी एक हत्या के संबंध में, अपीलकर्ता को ‘गैंगस्टर’ और/या ‘गिरोह’ का सदस्य नहीं कहा जा सकता है। दूसरी तरफ इस याचिका का विरोध करते हुए, राज्य सरकार की तरफ … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने की सख्त कार्रवाई: शादी से पहले पति के खिलाफ रेप का झूठा केस दर्ज कराने वाली महिला पर लगाया 10 हजार का जुर्माना-

इलाहाबाद हाई कोर्ट

दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाकर फर्जी प्राथमिकी दर्ज करवा दी थी। इसके बाद दवाब बनाकर समझौता करके महिला ने उसी युवक से शादी कर ली थी। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए महिला पर लगाया जुरमाना। जांच एजेंसी और कोर्ट दोनों को झूठे मामलों से निपटने में वास्तविक मामलों को परिणाम भुगतना … Read more

जज की पत्नी ने पति पर रिश्वत का आरोप लगाने वाले वकील पर दर्ज कराई FIR, हाई कोर्ट ने एसएसपी को दिया जांच का आदेश-

इलाहाबाद हाई कोर्ट Allahabad High Court ने सोमवार को मुजफ्फर नगर के एसएसपी SSP को व्यक्तिगत रूप से एक न्यायिक अधिकारी की पत्नी द्वारा वकील और दर्ज कराइ गई FIR 2022 का केस क्राइम नंबर 101, धारा 452, 387, 353, 506, 507 आईपीसी, पुलिस स्टेशन सिविल लाइंस के तहत, जिला मुजफ्फरनगर की जांच की निगरानी … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय: नोटिस पर डिजिटल सिग्नेचर करने भर से उसे जारी नहीं माना जा सकता-

Notice जारी होने के लिए पेपर या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से आयकरदाता को नोटिस भेजा जाना जरूरी- इलाहाबाद हाईकोर्ट Allahabad High Court ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि नोटिस Notice पर डिजिटल हस्ताक्षर Digital Signature करने भर से उसे जारी नहीं माना जा सकता। जारी होने के लिए पेपर या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों … Read more

मकान मालिक अपने मकान में कैसे रहे ये कानून नहीं तय करेगा, वो अपने आवासीय आवश्यकताओं का अच्छा न्यायाधीश है: उच्च न्यायलय

किरायेदार पर लगाया डैमेज भुगतान कर मकान खाली करने का आदेश- Landlord Tenant Dispute – इलाहाबाद उच्च न्यायलय Allahabad High Court ने टिप्पणी की है कि किराये के विवादों Rent Dispute में ऐसा कोई कानून नहीं है, जो यह तय करे कि एक मकान मालिक को अपने आवासीय मकान में कैसे रहना चाहिए। कोर्ट ने … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने मर्डर केस में 17 साल जेल काटने के बाद दोषी को पाया नाबालिग, किया रिहा करने का आदेश-

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court के सामने पेश की गई एक रिपोर्ट में कहा गया कि घटना के वक्त दोषी नाबालिग था और उस वक्त उसकी उम्र 17 साल 7 महीने और 23 दिन थी। सुप्रीम कोर्ट ने दोषी को जूवेनाइल Juvenile मानते हुए रिहा करने का निर्देश दिया है। हत्या मामले Murder Case में 17 … Read more