जयगुरुदेव संस्था ‘संपत्तियों और धन प्रबंधन’ के लिए ‘रिसीवर’ की नियुक्ति की मांग वाली अपील खारिज – इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक की पेंशन में 10% कटौती को रद्द किया, कहा – "यह कदाचार नहीं है"

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गुरुवार को जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया, जिसमें मथुरा में अपनी संपत्तियों और धन के प्रबंधन के लिए एक रिसीवर की नियुक्ति की मांग की गई थी। अपील में मथुरा के सिविल जज (वरिष्ठ डिवीजन) के निर्णय को चुनौती दी गई थी, जिसमें इस नियुक्ति … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा की एकपक्षीय अनुशासनात्मक जांच कार्यवाही में भी आरोपों को साबित करने के लिए गवाहों के साक्ष्य रिकॉर्ड करना अनिवार्य

सर्वोच्च न्यायालय Supreme Court ने माना कि एकपक्षीय जांच कार्यवाही Ex party investigation में भी आरोपों को साबित करने के लिए गवाहों के साक्ष्य दर्ज करना अनिवार्य है। वर्तमान अपील इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ पीठ द्वारा 30 जुलाई, 2018 को पारित निर्णय से उत्पन्न हुई है, जिसमें प्रतिवादियों द्वारा प्रस्तुत रिट याचिका को स्वीकार किया … Read more

मुस्लिम कर्मचारी की एक से अधिक पत्नी, किसे मिलेगा पेंशन? इलाहाबाद हाई कोर्ट का अहम फैसला

तत्काल प्रभाव से यूपी लोक सेवा अधिकरण

मुस्लिमों समाज में एक से अधिक निकाह करने की परंपरा है. अब एक से अधिक निकाह होंगे, तो संपत्तियों के बंटवारे या फिर शौहर की पेंशन पर विवाद होना तो लाजिमी है. पेंशन विवाद से सम्बंधित ऐसा ही एक मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट की दहलीज पर पहुंचा. इस पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट … Read more

बहराइच हिंसा मामले में ध्वस्तीकरण नोटिस मामले में 27 नवंबर तक अतिक्रमणकर्ताओं को राहत – इलाहाबाद हाई कोर्ट

Bahraich Case Lkohc

उत्तर प्रदेश राज्य में जिला बहराइच Bahraich में मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई हिंसा के बाद जारी ध्वस्तीकरण नोटिसों पर हाईकोर्ट ने राहत दी है। दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट Allahabad High Court की लखनऊ खंडपीठ ने अगली सुनवाई 27 नवंबर 2024 को नियत की है। इस मामले में राज्य सरकार … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दूसरे धर्म की नाबालिग लड़की का अपहरण और बलात्कार करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक की पेंशन में 10% कटौती को रद्द किया, कहा – "यह कदाचार नहीं है"

पीड़िता उसकी कंपनी में शामिल होने और वैवाहिक कर्तव्यों का पालन करने को तैयार इलाहाबाद उच्च न्यायालय Allahabad High Court ने बजरंग दल के एक सदस्य द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर हिंदू नाबालिग लड़की का अपहरण करने और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी जावेद आलम को जमानत दे दी है। … Read more

वकील अपने मुवक्किल के साथ अपनी पहचान नहीं बना सकता साथ ही जांच एजेंसियों से सीधे बातचीत नहीं कर सकता – इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कोई भी वकील जांच अधिकारी व अन्य जांच एजेंसियों से सीधे बातचीत नहीं कर सकता है, जब तक कि अदालत ऐसा आदेश न दे। न्यायमूर्ति समित गोपाल ने यह टिप्पणी कर SVOGL ऑयल गैस एंड एनर्जी लिमिटेड के संयुक्त प्रबंध निदेशक आरोपी पदम सिंघी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत … Read more

अपील में 3107 दिनों की देरी, जो अपीलकर्ता के लापरवाही के कारण हुआ, हाई कोर्ट ने मनगढ़ंत कहानी के लिए अपील को किया खारिज

इलाहाबाद उच्च न्यायलय Allahabad High Court ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 Moter Vehicle Act 1988 की धारा 173 के तहत प्रथम अपील आदेश (एफएएफओ) को 3107 दिनों की देरी से खारिज कर दिया, क्योंकि अपीलकर्ता, परिवहन कंपनी का एकमात्र मालिक, मामले की स्थिति के बारे में पूछताछ करने में विफल रहा। न्यायमूर्ति रजनीश कुमार ने … Read more

जमानत याचिका की सुनवाई में एक दिन की भी देरी, ‘मौलिक अधिकारों’ का उल्लंघन – SUPREME COURT

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2023 से लंबित एक ज़मानत याचिका पर बार-बार स्थगन के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय की आलोचना की। न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक वर्ष से अधिक समय तक जमानत याचिकाएं लंबित रहने की प्रथा पर असंतोष व्यक्त किया। न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने जमानत याचिकाओं … Read more

12 साल के एक लडके और नौ साल की लड़की के बीच हुई शादी को “अमान्य” घोषित – इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पारिवारिक न्यायालय के एक फैसले के खिलाफ अपील स्वीकार करते हुए 2004 में 12 साल के एक लडके और नौ साल की लड़की के बीच हुई शादी को “अमान्य” घोषित कर दिया है। साथ ही न्यायालय ने व्यक्ति को अपनी “पत्नी” को 25 लाख रुपये देने का आदेश दिया है। कोर्ट … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी मदरसा बोर्ड एक्ट – 2004 को संवैधानिक घोषित किया, हाई कोर्ट का निर्णय निरस्त

Supreme court of india

सर्वोच्च न्यायालय ने दोहराया है कि संविधान के मूल ढांचे के उल्लंघन के लिए किसी क़ानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती नहीं दी जा सकती। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 2004 को इस आधार पर असंवैधानिक माना है कि यह धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत और संविधान के अनुच्छेद 14 और 21ए … Read more