‘कॉकरोच’ टिप्पणी विवाद: CJI सूर्यकांत बोले- ‘इतना भावुक मत बनिए’, सुप्रीम कोर्ट ने PIL पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार

Like to Share

‘कॉकरोच’ टिप्पणी विवाद: CJI सूर्यकांत बोले- ‘इतना भावुक मत बनिए’, सुप्रीम कोर्ट ने PIL पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट में ‘कॉकरोच’ टिप्पणी विवाद को लेकर दाखिल जनहित याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई से इनकार। CJI सूर्यकांत ने कहा- “इतना भावुक मत बनिए।” अदालत ने कहा कि मामले में कोई अत्यावश्यकता नहीं है। जानिए पूरा मामला।


Supreme Court of India में मुख्य न्यायाधीश Surya Kant ने सोमवार को उस समय अहम टिप्पणी की, जब वकीलों की ओर से “कॉकरोच” टिप्पणी विवाद को लेकर तत्काल सुनवाई की मांग की गई। CJI सूर्यकांत ने कहा, “इतना भावुक मत बनिए”, और स्पष्ट किया कि मामले में कोई ऐसी असाधारण तात्कालिकता नहीं है, जिस पर तुरंत सुनवाई की आवश्यकता हो।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति Joymalya Bagchi और न्यायमूर्ति Vipul M. Pancholi की पीठ ने जनहित याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि मामले की सुनवाई नियमानुसार उचित समय पर की जाएगी।


अदालत में क्या हुआ?

सुनवाई के दौरान दो अलग-अलग अधिवक्ताओं ने मामले का उल्लेख किया। एक याचिका में मांग की गई कि अदालत की कार्यवाही के दौरान न्यायाधीशों की मौखिक टिप्पणियों का “व्यावसायिक इस्तेमाल” रोका जाए। साथ ही कथित फर्जी कानून डिग्रियों और फर्जी वकीलों के मुद्दे पर Central Bureau of Investigation (CBI) जांच की मांग की गई।

दूसरी जनहित याचिका में “Cockroach Janata Party” नामक सोशल मीडिया अभियान और उससे जुड़ी गतिविधियों की जांच की मांग उठाई गई। यह व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान हाल ही में CJI की “कॉकरोच” संबंधी मौखिक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर सामने आया था।

Must Read -  Law की छात्रा का यौन उत्पीड़न, हाईकोर्ट ने आरोपित अधिवक्ता को जारी की नोटिस, BCI ने लगाई प्रैक्टिस पर रोक

जब अधिवक्ता एन.के. गोस्वामी ने कहा कि यह अभियान न्यायपालिका की छवि धूमिल कर रहा है, तब CJI सूर्यकांत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “Don’t take it so sentimentally” यानी “इतना भावुक मत बनिए।”


क्या है ‘कॉकरोच’ टिप्पणी विवाद?

विवाद की शुरुआत उस मौखिक टिप्पणी से हुई थी, जो CJI सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान की थी। यह मामला वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम दिए जाने से जुड़ा था। सुनवाई के दौरान CJI ने कथित फर्जी डिग्रीधारी वकीलों और पेशेवर संस्थानों में बढ़ती अव्यवस्था पर चिंता व्यक्त की थी।

उन्होंने कहा था कि “हजारों लोग काली कोट पहनकर घूम रहे हैं, जिनकी डिग्रियों पर गंभीर संदेह है।” इसी क्रम में उन्होंने टिप्पणी की थी कि कुछ बेरोजगार युवा मीडिया, सोशल मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर व्यवस्था पर हमला करने लगते हैं।

CJI ने कहा था:

“समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी मौजूद हैं जो सिस्टम पर हमला करते हैं… कुछ युवा कॉकरोच की तरह हैं, जिन्हें रोजगार नहीं मिलता और फिर वे सोशल मीडिया, मीडिया या एक्टिविज्म के जरिए हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।”

इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर “Cockroach Janata Party” नाम से व्यंग्यात्मक अभियान शुरू हो गया, जिसे लेकर कई प्रतिक्रियाएं सामने आईं।


CJI ने बाद में दी थी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी को “गलत तरीके से पेश” किया गया। उन्होंने कहा था कि उनका इशारा बेरोजगार युवाओं की ओर नहीं, बल्कि फर्जी और बोगस डिग्री लेकर पेशों में प्रवेश करने वाले लोगों की ओर था।

Must Read -  पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय कॉलेजियम ने 2 साल बाद 15 जिला न्यायाधीशों की पदोन्नति की सिफारिश की

उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें इस बात से पीड़ा हुई कि अदालत की मौखिक टिप्पणियों को संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत किया गया।


याचिका में क्या मांगें उठीं?

अधिवक्ता राजा चौधरी द्वारा दाखिल याचिका में कथित फर्जी वकीलों और धोखाधड़ी से प्राप्त कानून डिग्रियों की CBI जांच की मांग की गई है। साथ ही अदालत की मौखिक टिप्पणियों के “मॉनिटाइजेशन” और सोशल मीडिया पर व्यावसायिक प्रसार के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि अदालत की मौखिक टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है, जिससे न्यायपालिका की संस्थागत गरिमा प्रभावित हो रही है।


फिलहाल सुप्रीम कोर्ट का रुख

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इन याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता का परीक्षण उचित समय पर किया जाएगा, लेकिन अभी किसी आपात हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।


Tags

#SupremeCourt #CJISuryaKant #CockroachRemark #Judiciary #FakeLawDegrees #CBIProbe #PIL #SupremeCourtNews #LegalNews #JudicialProceedings #Lawyers #SocialMediaControversy #IndiaNews #CourtroomRemarks #HindiLegalNews

Leave a Comment