न्यायमूर्ति श्री अरुण मिश्रा ने कहा कि देश की एकता, अखंडता, संस्कृति और मूल्य व्यवस्था की रक्षा के लिए आवश्यक है कि हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए-
आज आत्मावलोकन करने का समय है कि हम अपनी स्वतंत्रता के पचहत्तर वर्षों के बाद अपनी संस्कृति को अपनी भाषाओं के माध्यम से जीवित रखने के मामले में कहाँ जा रहे हैं न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, अध्यक्ष, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, एनएचआरसी, भारत ने कहा कि हिंदी भाषा और साहित्य ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में … Read more