सुप्रीम कोर्ट ने NCPRC को POCSO अधिनियम मामलों में सहायता व्यक्तियों के लिए मॉडल दिशानिर्देश विकसित करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत अपराधों के पीड़ितों के लिए सहायता व्यक्तियों के संबंध में दिशानिर्देश बनाने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की … Read more

जघन्य अपराधी बनने वाले शिक्षक को नहीं दी जानी चाहिए अग्रिम जमानत: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट: धारा 148 के तहत 20% मुआवजा जमा करना अनिवार्य नहीं, न्यायालय के पास विवेकाधिकार

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक अग्रिम जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि हमारे समाज में, “एक शिक्षक अपने छात्रों के भविष्य को आकार देने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है” और शिक्षक के इस आचरण से निश्चित रूप से लोगों के मन में डर का माहौल पैदा होगा। समाज और ऐसे अपराधी को बख्शा … Read more

सेम सेक्स मैरिज को मान्यता नहीं, ऐसे जोड़े नहीं ले सकेंगे बच्चे गोद, अधिकारों पर कमेटी… पढ़ें शीर्ष कोर्ट का पूरा फैसला

Same Sex Marriage Supreme Court

मुख्य न्यायाधीश डॉ डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच में शामिल सभी न्यायमूर्ति गन इस बात पर सहमत रहे कि समलैंगिक जोड़ों के लिए विवाह करने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है. सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एसके कौल ने अपने फैसले में कहा कि समलैंगिक जोड़ों को गोद ले सकते … Read more

पति द्वारा अपनी पत्नी की पीठ पीछे उसकी जानकारी के बिना की बातचीत रिकॉर्ड, जो उसके निजता के अधिकार का उल्लंघन है-HC

Chatis Hc Org

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट Chatisgarh High Court ने कहा कि संबंधित व्यक्ति की जानकारी के बिना मोबाइल पर बातचीत रिकॉर्ड करना उसकी निजता के अधिकार का उल्लंघन है. यह टिप्पणी हाईकोर्ट एक फैसले के दौरान की. दरअसल, एक महिला और उसके पति के बीच मामले की सुनवाई चल रही थी, जिसमें महिला के पति ने उसकी बातचीत … Read more

CrPC Sec 164 के तहत गवाह/पीड़ित का बयान दूसरी बार दर्ज करने के लिए आवेदन दायर करने से IO को रोकने वाला कोई कानून नहीं है: इलाहाबाद HC

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि कानून में ऐसा कुछ भी नहीं है जो आईओ को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत गवाह/पीड़ित का बयान दूसरी बार या इसी तरह दर्ज करने के लिए आवेदन देने से रोक सके। कुछ अच्छे कारणों से, CrPC Sec 164 के तहत बयान एक से … Read more

HC ने कहा की FIR को क्लेम पिटीशन की तरह ही माना जायेगा, मोटर वाहन मामलों में 6 महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने पर कोई लिमिटेशन लागू नहीं

मद्रास हाईकोर्ट का फैसला: हिंदू और ईसाई के बीच हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह वैध नहीं

मद्रास उच्च न्यायलय ने मोटर दुर्घटनाओं से जुड़े दावों को लेकर एक लैंडमार्क निर्णय दिया है। कोर्ट ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत, सीमा अवधि तब किए गए दावों पर लागू नहीं होती है जब पुलिस पहले ही मोटर वाहन अधिनियम की धारा 159 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर चुकी हो। अधिनियम की … Read more

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ज्ञानवापी मामले में सुनवाई के दौरान अहम टिप्‍पणी, कहा कि ये देखना होगा कि 15 अगस्त 1947 को इस जगह का क्या था धार्मिक स्वरूप

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शुक्रवार को ज्ञानवापी मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्‍पणी की है। शीर्ष अदालत ने कहा कि प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट (Places of Worship Act) कहता है कि किसी धार्मिक स्थल का स्वरूप बदला नहीं जा सकता है। और ऐसे में ये देखना होगा कि आजादी के … Read more

Batla House एनकाउंटर 2008: पुलिस इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या के आरोपी आरिज खान को नहीं होगी फांसी, दिल्ली HC ने मौत की सजा को उम्रकैद में बदला

Dhc

Batla House Encounter 2008 : वर्ष 2008 के बटला हाउस एनकाउंटर मामले Batla House Encounter Case में आतंकी आरिज खान Terrorist Ariz Khan को फांसी नहीं होगी। दिल्ली उच्च न्यायलय Delhi High Court ने इस मामले में दोषी आरिज खान की मौत की सजा को उम्रकैद में बदला। इस मामले में निचली अदालत ने आरिज … Read more

SC ने बॉम्बे HC के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार उपाध्याय की नियुक्ति को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता पर लगाया जुर्माना

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाया, जिसने बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार उपाध्याय की नियुक्ति को चुनौती दी थी। न्यायालय के समक्ष जनहित याचिका (पीआईएल) में दावा किया गया कि न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार उपाध्याय को दिलाई गई शपथ दोषपूर्ण थी। शुरुआत में, भारत के … Read more

धारा 141 एनआई एक्ट : कंपनी के मामलों का प्रबंधन मात्र किसी व्यक्ति को इसके आचरण के लिए उत्तरदायी नहीं बनाता: सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि केवल इसलिए कि कोई व्यक्ति कंपनी के मामलों का प्रबंधन कर रहा है, वह कंपनी के व्यवसाय के संचालन का प्रभारी या कंपनी के व्यवसाय के संचालन के लिए कंपनी का जिम्मेदार व्यक्ति नहीं बन जाता है। . अपीलकर्ता ने परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (एनआई अधिनियम) की धारा 141 के … Read more