सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से 1984 सिख विरोधी दंगों के मामलों में बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ अपील न करने पर सवाल उठाए

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से 1984 सिख विरोधी दंगों के मामलों में बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ अपील न करने पर सवाल उठाए

सुप्रीम कोर्ट ने आज 1984 सिख विरोधी दंगों के मामलों में बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ अपील दायर न करने को लेकर दिल्ली पुलिस की खिंचाई की और कहा कि अभियोजन को “सिर्फ औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि गंभीरता से किया जाना चाहिए।” न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भूइयां की पीठ ने … Read more

“लास्ट सीं” थ्योरी – साक्ष्य अधिनियम की धारा 27 के अंतर्गत परिस्थितिजन्य साक्ष्य और वसूली के लिए सख्त मानकों को सुदृढ़ करना – सुप्रीम कोर्ट

"लास्ट सीं" थ्योरी - साक्ष्य अधिनियम की धारा 27 के अंतर्गत परिस्थितिजन्य साक्ष्य और वसूली के लिए सख्त मानकों को सुदृढ़ करना - सुप्रीम कोर्ट

“लास्ट सीं” थ्योरी एवं एक्स्ट्रा-जुडिशियल कबूलियों पर कड़ा प्रश्न सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यह निर्णय सुनाया कि आपराधिक मुकदमों में परिस्तिथि-साक्ष्य (circumstantial evidence) का प्रयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए, विशेषकर जब कथित तौर पर भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 27 और “लास्ट सीं” थ्योरी पर निर्भर किया जाता है। यह … Read more

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: गिरफ्तारी के समय आरोपी को तत्काल उस गिरफ्तारी के कारणों की सूचना देना अनिवार्य अन्यथा संविधान के अनुच्छेद 22(1) का उल्लंघन

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में Vihaan Kumar बनाम हरियाणा राज्य मामले में यह स्पष्ट कर दिया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को तत्काल उस गिरफ्तारी के कारणों की सूचना देना अनिवार्य है। यदि गिरफ्तारी के समय आरोपी को उस कारण की जानकारी नहीं दी जाती है, चाहे बाद में रिमांड या चार्जशीट दाखिल की … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने मोटर दुर्घटना मामले में मुआवजे की राशि को बढ़ाया, न्यायसंगत मुआवजा सुनिश्चित करने पर दिया जोर

सुप्रीम कोर्ट ने मोटर दुर्घटना मामले में मुआवजे की राशि को बढ़ाया, न्यायसंगत मुआवजा सुनिश्चित करने पर दिया जोर

सुप्रीम कोर्ट ने एक मोटर दुर्घटना मामले में मुआवजे की राशि को बढ़ाया, जहां याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय द्वारा दी गई अतिरिक्त संकलित राशि पर सहमति व्यक्त की थी। उच्चतम न्यायालय ने पुनः दोहराया कि ऐसे सहमति के बावजूद, 1988 के मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजा प्रदान करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने POCSO मामले में वैज्ञानिक विशेषज्ञों की जांच के लिए ट्रायल कोर्ट को भेजा, मृत्युदंड की सजा पर पुनर्विचार का आदेश

supreme court pocso

supreme court pocso: सुप्रीम कोर्ट ने 2012 के “यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा अधिनियम” (POCSO एक्ट) के तहत एक मामले को उचित वैज्ञानिक विशेषज्ञों की जांच के लिए ट्रायल कोर्ट को पुनः भेजा है। यह मामला मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के उस निर्णय को चुनौती देने वाला था, जिसमें आरोपियों की अपीलों को खारिज कर … Read more

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट में सशरीर रात 9:00 बजे उपस्थित होने का आदेश

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट में सशरीर रात 9:00 बजे उपस्थित होने का आदेश

रिटायर्ड सिविल सर्जन दीनानाथ पांडेय की पेंशन से काटी गई राशि के भुगतान को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को शुक्रवार रात नौ बजे न्यायाधीश आनंद सेन की अदालत में उपस्थित होना पड़ा। दरअसल, इस मामले में कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव के … Read more

कचरे वाले ने हैवानियत की सारी हदें पार कर 7 साल की बच्ची से किया दुष्कर्म, कोर्ट ने हैवान मान दिया तीन बार मृत्यदंड की सजा

कचरे वाले ने हैवानियत की सारी हदें पार कर 7 साल की बच्ची से किया दुष्कर्म, कोर्ट ने हैवान मान दिया तीन बार मृत्यदंड की सजा

आज के समय में अपराधी मानसिकता वाले व्यक्तियों ने अमानवीयता की सभी सीमाएँ लांघ दी हैं। पहले भी यौन उत्पीड़न जैसे अपराध होते थे, लेकिन समाज के भय के कारण लोग अपनी पीड़ा को छुपा लेते थे। अब लोगों का न्याय प्रणाली में विश्वास जागृत हो चुका है। न्यायालय भी प्रयासरत है कि ऐसे अपराधियों … Read more

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 11 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार के आरोपी व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज की, कहा- “भारत में नाबालिग लड़की, यौन हिंसा की शिकार, किसी को झूठे फंसाने के बजाय चुपचाप सहन करेगी”

इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक आरोपी व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज कर दी, जिस पर 11 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हमारे देश में, यौन हिंसा की शिकार नाबालिग लड़की किसी को झूठे फंसाने के बजाय चुपचाप सहन करेगी। हाई कोर्ट बीएनएस (भारतीय … Read more

सुप्रीम कोर्ट का सख्त दिशानिर्देश : आपराधिक मामलों में न्यायालयों को न्यायेतर स्वीकारोक्ति का किस प्रकार से मूल्यांकन करना चाहिए

INDIAN_SUPREME_COURT

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने रामू अप्पा महापात्र बनाम महाराष्ट्र राज्य (2025 INSC 147) मामले में यह स्पष्ट किया है कि आपराधिक मामलों में अदालतों को अतिरिक्त-न्यायिक स्वीकारोक्तियों (Extra-Judicial Confessions) का मूल्यांकन किस प्रकार करना चाहिए। यह मामला क्रिमिनल अपील नंबर 608/2013 से उत्पन्न हुआ, जिसमें सेशंस कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा दोषसिद्धि को चुनौती … Read more

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: आपराधिक मुकदमे में “बेनिफिट ऑफ डाउट” पर बरी होने का अर्थ यह नहीं कि विभागीय जांच में भी कर्मचारी दोष मुक्त पाया जाए

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: आपराधिक मुकदमे में "बेनिफिट ऑफ डाउट" पर बरी होने का अर्थ यह नहीं कि विभागीय जांच में भी कर्मचारी दोष मुक्त पाया जाए

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: “बेनिफिट ऑफ डाउट” से लेकर विभागीय जांच तक – प्रमाण मानक में नयी दिशा सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में यह स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के आरोप में अभियुक्त कर्मचारी को दंड प्रक्रिया में “बेनिफिट ऑफ डाउट” पर यदि बरी कर दिया जाता है, तो उसका यह नतीजा विभागीय … Read more