सुप्रीम कोर्ट ने चेक पर फ़र्ज़ी हस्ताक्षर मामले में, हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए कहा की, दिया निर्णय तथ्यों और क़ानून से परे है –

उच्चतम न्यायलय Supreme Court ने गुरुवार को चेक पर फ़र्ज़ी हस्ताक्षर Fake Signature on Cheque मामले में हाईकोर्ट के निर्णय को ये कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि हाई कोर्ट ने इस आदेश द्वारा तथ्यों या कानून को देखे बिना अंतिम रिपोर्ट को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना ने … Read more

पत्नी के गरीब परिवार सदस्यों से अमीरों द्वारा दहेज मांग के मामले बड़े पैमाने पर हैं, HC ने दहेज हत्या मामले में बरी आदेश को खारिज किया-

दहेज हत्या के एक मामले में आरोपी तीन लोगों को बरी करने को चुनौती देने वाली एक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह टिप्पणी की पत्नी के गरीब परिवार के सदस्यों से अमीर व्यक्तियों द्वारा दहेज की मांग के मामले बड़े पैमाने पर हैं। बॉम्बे उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ ने देखा … Read more

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दोषसिद्धि के खिलाफ लंबित अपील के बजाय जमानत याचिका पर बहस करने के अधिवक्ताओं के इस प्रैक्टिस पर, की निंदा-

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अधिवक्ताओं की उस प्रथा का खंडन किया है जहां वे अदालत से जमानत अर्जी पर सुनवाई करने का आग्रह करते हैं, भले ही दोषसिद्धि के खिलाफ अपील अंतिम निपटान के लिए तैयार हो। न्यायमूर्ति डॉ कौशल जयेंद्र ठाकर और न्यायमूर्ति अजय त्यागी की खंडपीठ ने इस प्रकार कहा, “मामला अंतिम निपटान … Read more

हाई कोर्ट ने फर्जी अधिवक्ता की फोटो समाचार पत्र में प्रकाशित कर तत्काल गिरफ्तार करने का दिया निर्देश-

फर्जी वकील केस की सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा – “नौकरी के रैकेट और झूठे दस्तावेजों के निर्माण की प्रकृति के मामले आजकल बढ़ रहे हैं और अपराधों में शामिल ऐसे व्यक्तियों को लोहे के हाथों से कुचल दिया जाना चाहिए और उन्हें मुक्त होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” मद्रास उच्च न्यायालय ने … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने IPC U/S 307 की सजा को खारिज करते हुए कहा: अदालतें अभियुक्त के बचाव को सरसरी तौर पर स्वीकार/अस्वीकार नहीं कर सकतीं –

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि निचली अदालतों को किसी आरोपी व्यक्ति के बचाव पर सावधानी से विचार करना चाहिए और आगे कहा कि इस तरह के बचाव की स्वीकृति या अस्वीकृति सरसरी तौर पर नहीं की जानी चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा- “…आरोपियों के बचाव पर विचार करना नीचे की अदालतों का गंभीर कर्तव्य … Read more

सुप्रीम कोर्ट का हाई कोर्ट को सलाह: न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अति उत्साह में नहीं होनी चाहिए, ये न्यायपालिका के लिए हितकारी नहीं-

पीठ ने कहा, “यदि आप ड्रॉप नहीं करना चाहते हैं, तो हम इसकी गहराई से जांच करेंगे- सुप्रीम कोर्ट Supreme Court न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की बेंच ने पटना उच्च न्यायलय को सलाह देते हुए कहा कि जब तक भ्रष्टाचार का आरोप नहीं हो, किसी भी न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ अति … Read more

पूर्व मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा नियुक्ति केस में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से 10 लाख रुपये जुर्माना वसूलने का दिल्ली पुलिस कमिश्नर को दिया आदेश-

कोर्ट ने कहा, “कमिश्नर तुरंत ऐसा करेंगे और उसके बाद तीन महीने की अवधि के भीतर अनुपालन की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेंगे।” पूर्व मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा नियुक्ति केस: सर्वोच्च न्यायलय Supreme Court ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर Delhi Police Commissioner को पूर्व मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा Former Chief Justice Dipak Misra की नियुक्ति को चुनौती … Read more

HC ने याचि को राज्य सरकार द्वारा 4 वर्ष अवैध रूप से जेल में रखने के लिए 3 लाख का मुवायजा देने को कहा-

हाई कोर्ट ने रजिस्ट्रार विजिलेंस को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, छिंदवाड़ा की अदालत द्वारा रिलीज वारंट जारी करने में हुई देरी की जांच करने और चूक के लिए किसी भी व्यक्ति को जिम्मेदार पाए जाने पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के जबलपुर बेंच Madhya Pradesh High Court Jabalp ने हाल … Read more

अगर कर्मचारी की प्रमोशन किसी गलत बयानी पर आधारित नहीं थी तो पेंशन से कोई रिकवरी नहीं की जा सकती: HC

जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने "पाकिस्तानी नागरिक" कहकर निर्वासन की कार्रवाई पर लगाई रोक, IRP कांस्टेबल समेत चार याचिकाकर्ताओं को राहत

जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट Jammu & Kashmir & Laddakh High Court की एक खंडपीठ द्वारा दिये अपने निर्णय में कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से उसकी पदोन्नति की मांग के तथ्य के संबंध में किसी भी गलत बयानी के अभाव में, उसके सेवानिवृत्ति लाभ से कोई वसूली नहीं की जा सकती है या … Read more

HC ने वर्चुअल मोड में पावर ऑफ़ अटोर्नी के माध्यम से विवाह को दी मंजूरी, कहा अगर सीता की स्वर्ण प्रतिमा उनकी शारीरिक उपस्थिति का विकल्प हो सकती है तो आभासी तरीके से विवाह क्यों नहीं-

मद्रास हाईकोर्ट Madras High Court के मदुराई बेंच ने अपने समक्ष आये एक याचिका में अद्भुत्त निर्णय सुनाया कि, अगर सीता की स्वर्ण प्रतिमा उनकी शारीरिक उपस्थिति का विकल्प हो सकती है, तो आभासी उपस्थिति vertual mode के माध्यम से विवाह को पंजीकृत क्यों नहीं किया जा सकता है। न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन की बेंच ने … Read more