किसी भी व्यक्ति को FIR दर्ज किये बिना मौखिक रूप से थाने नहीं बुलाया जा सकता: लखनऊ खंडपीठ, इलाहाबाद हाईकोर्ट

न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा प्रथम और न्यायमूर्ति मनीष माथुर की इलाहाबाद हाई कोर्ट लखनऊ खंडपीठ Lucknow bench Allahabad high Court ने बुधवार को निर्देश दिया कि यदि किसी पुलिस स्टेशन में शिकायत की जाती है जिसमें जांच की आवश्यकता होती है और आरोपी की उपस्थिति होती है, तो आपराधिक प्रक्रिया संहिता Cr.P.C. के प्रावधानों के … Read more

सुप्रीम कोर्ट का 20 साल की कानूनी लड़ाई में निर्णय, कहा गलती से हुए अतिरिक्त भुगतान को सेवानिवृत्ति के बाद वसूलना गलत और अनुचित-

सुप्रीम कोर्ट Supreme court ने करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स Pensioners को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी कर्मचारी को किया गया अतिरिक्त भुगतान उसकी सेवानिवृत्ति के बाद इस आधार पर नहीं वसूला जा सकता कि उक्त भुगतान किसी गलती के कारण हो गया था। क्या है मामला- इस मामले में, शिक्षक … Read more

मरीज़ों के हक़ में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ‘डॉक्टर’ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत आते है – जानिए विस्तार से

देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court ने शुक्रवार को दिए एक फैसले से यह साफ हो गया है कि स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ कंजूमर कोर्ट Consumer Court में शिकायत की जा सकती है। इससे आम लोगों को उन प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ शिकायत करने में सुविधा होगी, जो पैसे तो खूब वसूलते हैं, लेकिन इलाज … Read more

हाई कोर्ट ने कहा: FIR को उसके मरने से पहले दिए गए बयान के रूप में माना जा सकता है क्योंकि मृतिका ने एफआईआर स्वयं दर्ज करवाई थी-

वास्तविक जीवन में पत्नी अपने पति को किसी और के साथ नहीं देख सकती, हाई कोर्ट ने कहा- इलाहाबाद उच्च न्यायलय Allahabad High Court ने एक महिला की आत्महत्या के मामले में पति की याचिका को खारिज कर दिया। पति ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने के लिए याचिका दायर की थी। उसने … Read more

मुस्लिम पुरुष की दूसरी शादी शरीयत के खिलाफ लेनी चाहिए मौजूदा पत्नी से इजाजत – हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

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मुस्लिम पर्सनल लॉ MUSLIM PERSONAL LAW के मुताबिक, एक मुस्लिम पुरुष मौजूदा पत्नी को तलाक दिए बिना या मौजूदा विवाह को भंग किए बिना दूसरी मुस्लिम लड़की से विवाह कर सकता है। यह कानून भारत में भी लागू है। इसके लिए आपको पहली पत्नी से इज़ाज़त लेने की ज़रूरत नहीं हैं, हालाँकि सामान्य क़ानून के … Read more

सुप्रीम अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए कहा की, एक ही मुकदमे पर भी लगाया जा सकता है गैंगस्टर एक्‍ट-

UP Gangster Act Verdict – शीर्ष कोर्ट Supreme Court के समक्ष आरोपी-अपीलकर्ता ने तर्क दिया कि केवल एक प्राथमिकी/आरोपपत्र FIR के आधार पर और वह भी एक हत्या के संबंध में, अपीलकर्ता को ‘गैंगस्टर’ और/या ‘गिरोह’ का सदस्य नहीं कहा जा सकता है। दूसरी तरफ इस याचिका का विरोध करते हुए, राज्य सरकार की तरफ … Read more

सोशल मीडिया वीडियो पोस्ट कर जज के जमादार पर रिश्वत का आरोप लगाने वाले अधिवक्ताओं को, हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने किया बाहर –

#ViralVideo #socialMediaPost राजस्थान उच्च न्यायलय जयपुर के एक वकील ने जमादार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इसको लेकर वकील गोवर्धन सिंह ने अपने सोशल मीडिया Social Media पर एक वीडियो Video भी शेयर की है। जिसमें एक व्यक्ति वकील के साथ पैसे का लेनदेन करता दिख रहा है। क्या था मामला- वकील गोवर्धन सिंह … Read more

फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर प्राप्त नौकरी ‘शुरू से ही शून्य’ माना जाएगा, हाईकोर्ट ने दिए अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश-

मद्रास हाई कोर्ट Madras High Court ने अनुसूचित जाति Schedule Cast का फर्जी प्रमाणपत्र Fake Cast Certificate प्रस्तुत करके नौकरी पाने के मामले में एक कर्मचारी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने और उसके पेंशन संबंधी लाभ में 60 फीसदी कटौती करने का निर्देश दिया। आरोपी चेन्नई के पास कलपक्कम स्थित इंदिरा गांधी परमाणु ऊर्जा केंद्र (IGCAR) … Read more

हाई कोर्ट ने कहा कि आपराधिक जांच के दौरान भी उत्तर पुस्तिका की प्रमाणित प्रति RTI के तहत दी जा सकती है-

कर्नाटक हाई कोर्ट Karnataka High Court ने राज्य सूचना आयोग State Information Beuro के एक आदेश को चुनौती देने वाली राज्य की एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें प्राधिकरण को उन आवेदकों की प्रमाणित प्रतियां प्रदान करने का निर्देश दिया गया था जिन्होंने 2013 में सहायक लोक अभियोजक के पद के लिए आवेदन किया … Read more

‘Live-In Relationships’ सवैधानिक अधिकारों में आर्टिकल 21 का ‘बायप्रोडक्ट’ है जो तीव्र कामुक व्यवहार और व्याभिचार को बढ़ावा दे रहा है-

मध्य प्रदेश उच्च न्यायलय इंदौर पीठ Indore Bench of Madhya Pradesh High Court ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ Live-In Relationships संविधान के अनुच्छेद 21 Article 21 of Indian Constitution के तहत मिले अधिकारों का ‘बायप्रोडक्ट’ Byproduct बन गया है। इसकी वजह से यौन अपराधों में वृद्धि हो रही है। … Read more