कॉलेजियम पर सुप्रीम कोर्ट और सरकार में रार, कानून मंत्री का कहना है की कॉलिजियम सिस्टम हमारे संविधान के प्रति सर्वथा अपिरिचित शब्दावली है

हाल ही में कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कॉलिजियम सिस्टम को एलियन बताया है। बता दें कि कानून मंत्री ने कहा था कि अदालतों या कुछ न्यायाधीशों के फैसले के कारण कोई भी चीज संविधान के प्रति सर्वथा अपरिचित (एलियन) हो सकती है। ऐसे में आप कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि उस फैसले का … Read more

हत्या के केस में – सिर की चोट महत्वपूर्ण, सिर्फ फ्रैक्चर नहीं होने से मामला SEC 302 IPC से बाहर नहीं किया सकता: सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायलय SUPREME COURT ने एक मामले में हत्या के आरोपी को दोषी ठहराते हुए कहा कि केवल यह तथ्य कि कोई फ्रैक्चर नहीं देखा और/ या पाया नहीं गया था, मामले को इंडियन पीनल कोड IPC की धारा 302 से बाहर नहीं कर सकता है, जबकि मौत सिर की चोट के कारण हुई थी। … Read more

‘यह एक गंभीर मुद्दा है’: सुप्रीम कोर्ट ने धोखे से धर्मांतरण के खिलाफ याचिका पर कहा

सुप्रीम कोर्ट ने आज वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका को 5 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया, जिसमें फर्जी धार्मिक धर्मांतरण को नियंत्रित करने के लिए केंद्र को निर्देश देने की मांग की गई थी। अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय आज अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और राज्यों को नोटिस जारी करने … Read more

संविधान दिवस पर PM मोदी ने कहा युवाओ को समझना होगा संविधान तो CJI चंद्रचूड कॉलेजियम मुद्दे को उठाते हुए कहा कि संवैधानिक लोकतंत्र में कोई भी संस्था परिपूर्ण नहीं-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में संविधान दिवस समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ई-कोर्ट (E-Court) परियोजना के तहत विभिन्न नई पहलों का शुभारंभ किया। इसके तहत वर्चुअल जस्टिस क्लॉक, जस्टिस मोबाइल एप 2.0, डिजिटल कोर्ट और एस3डब्ल्यूएएएस (S3waas) वेबसाइट शुरू की गईं। 26 नवंबर 1949 में संविधान सभा द्वारा भारतीय … Read more

धारा 376 आईपीसी: एक बार अदालत अभियोक्त्री के बयान पर विश्वास कर लेती है तो, एफएसएल को जब्त सामान भेजने में विफलता महत्वहीन है- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट

धारा 376 आईपीसी: एक बार अदालत अभियोक्त्री के बयान पर विश्वास कर लेती है तो, एफएसएल को जब्त सामान भेजने में विफलता महत्वहीन है- सुप्रीम कोर्ट बलात्कार के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक बार जब अदालत पीड़िता के बयान पर विश्वास कर लेती है, तो जब्त की गई वस्तुओं को … Read more

[भारतीय संविधान अनुच्छेद 141] उच्च न्यायालयों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे हमारे निर्णयों पर उचित सम्मान के साथ विचार करें: उच्चतम न्यायालय

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यह मानते हुए कि उच्च न्यायालय सर्वोच्च न्यायालय का अधीनस्थ न्यायालय नहीं है, शीर्ष न्यायालय ने हाल ही में एक मामले में अपनी राय दी है। “हालांकि, जब उच्च न्यायालय इस न्यायालय के निर्णयों से निपटता है, जो ‘भारत के संविधान के अनुच्छेद 141′ के तहत सभी के लिए बाध्यकारी हैं, तो यह अपेक्षा की … Read more

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के दो अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी करने की सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम Supreme Court Collegium ने 23 नवंबर को आयोजित अपनी बैठक में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट Chatishgarh High Court में स्थायी न्यायाधीश के रूप में निम्नलिखित अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी। 1. जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास; 2. जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी जस्टिस व्यास ने पं. रविशंकर विश्वविद्यालय, रायपुर में वर्ष 1995 … Read more

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 6 जुडिशल अफसर सहित 2 अधिवक्ताओं को राजस्थान उच्च न्यायलय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट में 6 न्यायिक अधिकारियों और 2 वकीलों को न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। 23 नवंबर, 2022 को हुई बैठक में यह मंजूरी दी गई। न्यायिक अधिकारी- 1. श्री राजेंद्र प्रकाश सोनी, 2. श्री अशोक कुमार जैन, 3. श्री योगेंद्र कुमार पुरोहित, 4. … Read more

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों के 7 न्यायाधीशों के स्थानांतरण की सिफारिश की

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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम Supreme Court Collegium ने गुरुवार को हाईकोर्ट के निम्नलिखित न्यायाधीशों के स्थानांतरण की सिफारिश की। जस्टिस वीएम वेलुमणि (मद्रास हाईकोर्ट से कलकत्ता हाईकोर्ट ) जस्टिस बट्टू देवानंद (आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट से मद्रास हाईकोर्ट) जस्टिस डी रमेश (आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट) जस्टिस ललिता कन्नेगंती (तेलंगाना हाईकोर्ट से कर्नाटक हाईकोर्ट) जस्टिस डी … Read more

“यदि राज्य के पास समय पर निर्देश जारी करने का समय नहीं है, तो हमारे पास राज्य के लिए प्रतीक्षा करने का समय नहीं है”: सुप्रीम कोर्ट ने NDPS आरोपी को जमानत देते हुए कहा-

सुप्रीम कोर्ट ने एनडीपीएस के एक आरोपी को जमानत देते हुए टिप्पणी की है, “यदि राज्य के पास समय पर निर्देश जारी करने का समय नहीं है, तो हमारे पास राज्य का इंतजार करने का समय नहीं है।” न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति अभय एस. ओका की खंडपीठ का बयान प्रतिवादी-ओडिशा राज्य के वकील के … Read more