सुप्रीम कोर्ट ने चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज करने में देरी पर लगाई रोक, क्योंकि आरोपी द्वारा बनाए गए डर के कारण गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता है-

न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा है कि चश्मदीदों के बयान दर्ज करने में देरी, आरोपी द्वारा पैदा किए गए डर के कारण, उनकी गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता है। मछली-विक्रेता की हत्या करने वाले 5 गुंडों की सजा … Read more

अस्थायी नियुक्ति को स्थायी बनाया जा सकता है परन्तु एक बार चयन प्रक्रिया से गुजरने के बाद: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि एक बार इस योजना के तहत चयन प्रक्रिया से गुजरने के बाद, इस तथ्य की परवाह किए बिना कि कोई पद अस्थायी है या स्थायी, एक नियुक्ति मूल है और सक्षम प्राधिकारी द्वारा पद को स्थायी रूप से स्वीकृत किए जाने पर इसे स्थायी बनाया जा सकता … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट की अवमानना ​​के मामले में एडवोकेट महमूद प्राचा को दोषी ठहराने वाले कैट के आदेश को किया रद्द –

महमूद प्राचा को कैट ने 2020 में अनियंत्रित और अवमाननापूर्ण व्यवहार के लिए दोषी ठहराया था। शीर्ष अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होते हुए प्राचा ने कहा कि वह अवमानना ​​के दोषी नहीं हैं और वह कोई माफी नहीं मांगेंगे। शीर्ष अदालत के न्यायमूर्ति केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की बेंच ने … Read more

शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच समझौते के आधार पर जघन्य और गंभीर अपराधों को रद्द नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि जघन्य या गंभीर अपराध, जो प्रकृति में निजी नहीं हैं और जिनका समाज पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, अपराधी और शिकायतकर्ता और/या पीड़ित के बीच समझौते के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता … Read more

SC ने हाई कोर्ट के निष्कर्षों को माना अतार्किक, कहा ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए HC को मजबूत और ठोस कारण बताना चाहिए-

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऐसे मामले में जहां अभियोजन पक्ष के गवाहों की गवाही के बीच स्पष्ट विरोधाभासों के कारण बरी कर दिया गया है, ऐसे फैसले को पलटने के लिए कोर्ट को मजबूत और ठोस कारण बताना चाहिए। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम की खंडपीठ ने इस प्रकार कहा, “पीडब्ल्यू1 … Read more

इलाहाबाद, उड़ीसा, गौहाटी, तेलंगाना, हिमांचल प्रदेश, कर्नाटक समेत देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में 8 न्यायाधीशों और 18 अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति-

कानून और न्याय मंत्रालय ने विभिन्न उच्च न्यायालयों में 18 अतिरिक्त न्यायाधीशों और 8 न्यायाधीशों की नियुक्ति को अधिसूचित किया है। नियुक्तियों का विवरण उच्च न्यायलय वार निम्न है- हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय- • न्यायिक अधिकारी सुशील कुकरेजा हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त• न्यायिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह हिमाचल प्रदेश उच्च … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने चेक पर फ़र्ज़ी हस्ताक्षर मामले में, हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए कहा की, दिया निर्णय तथ्यों और क़ानून से परे है –

उच्चतम न्यायलय Supreme Court ने गुरुवार को चेक पर फ़र्ज़ी हस्ताक्षर Fake Signature on Cheque मामले में हाईकोर्ट के निर्णय को ये कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि हाई कोर्ट ने इस आदेश द्वारा तथ्यों या कानून को देखे बिना अंतिम रिपोर्ट को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना ने … Read more

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दोषसिद्धि के खिलाफ लंबित अपील के बजाय जमानत याचिका पर बहस करने के अधिवक्ताओं के इस प्रैक्टिस पर, की निंदा-

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अधिवक्ताओं की उस प्रथा का खंडन किया है जहां वे अदालत से जमानत अर्जी पर सुनवाई करने का आग्रह करते हैं, भले ही दोषसिद्धि के खिलाफ अपील अंतिम निपटान के लिए तैयार हो। न्यायमूर्ति डॉ कौशल जयेंद्र ठाकर और न्यायमूर्ति अजय त्यागी की खंडपीठ ने इस प्रकार कहा, “मामला अंतिम निपटान … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने IPC U/S 307 की सजा को खारिज करते हुए कहा: अदालतें अभियुक्त के बचाव को सरसरी तौर पर स्वीकार/अस्वीकार नहीं कर सकतीं –

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि निचली अदालतों को किसी आरोपी व्यक्ति के बचाव पर सावधानी से विचार करना चाहिए और आगे कहा कि इस तरह के बचाव की स्वीकृति या अस्वीकृति सरसरी तौर पर नहीं की जानी चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा- “…आरोपियों के बचाव पर विचार करना नीचे की अदालतों का गंभीर कर्तव्य … Read more

सुप्रीम कोर्ट में नहीं बची उम्मीद, चुनिंदा जजों को ही दिए जाते हैं संवेदनशील मामले – कपिल सिब्बल

सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल के टिप्पणी, ‘सुप्रीम कोर्ट से कोई उम्मीद नजर नहीं आती’ के बाद अखिल भारतीय बार एसोसिएशन द्वारा जारी बयान सामने आया है। जिसमे बार ऐसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आदिश सी अग्रवाल ने कहा है कि उनका बयान स्पष्ट रूप से न्यायलय की अवमानना है। उन्होंने कहा, सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्ब्ल सुप्रीम … Read more