CrPC Sec 482 यौन उत्पीड़न के मामलों में FIR को रद्द करने के लिए पक्षों के बीच समझौता एकमात्र आधार नहीं हो सकता – सुप्रीम कोर्ट

POCSO act

सुप्रीम कोर्ट में राजस्थान उच्च न्यायालय के उस निर्णय के विरुद्ध आपराधिक अपील में जिसमें आरोपी शिक्षक/तीसरे प्रतिवादी के विरुद्ध एफआईआर को यह मानते हुए रद्द कर दिया गया था कि उसके और नाबालिग लड़की/पीड़िता के पिता के बीच समझौता हो गया था। न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार और न्यायमूर्ति संजय कुमार, की खंडपीठ ने माना कि … Read more

Digital Rape को ऑनलाइन सेक्शुअल हैरेसमेंट समझने की गलती मत करिए, जाने विस्तार से

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डिजिटल रेप Digital Rape को ऑनलाइन सेक्शुअल हैरेसमेंट समझने की गलती मत करिएगा. ये ऐसा घृणित अपराध है जिसकी बुरी याद को पीड़िताओं के दिलोदिमाग से निकालना मुश्किल होता है. वहीं डिजिटल रेप के दोषी को उम्र कैद तक की सजा हो सकती है. डिजिटल रेप…..ये शब्द सुनते सबसे पहले इसे हम साइबर क्राइम या … Read more

सावधान कहीं आप ‘सेक्सटॉर्शन’ के शिकार तो नहीं, ये क्या है? और कैसे होता है? किन धाराओं के तहत और कैसे होगी दर्ज शिकायत, जाने विस्तार से

जिस प्रकार से देश और दुनिया में इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफार्म ने काफी लोकप्रियता हासिल की है. समाज के लिए इसके फायदे तो बेशुमार हैं, पर इसके नुकसान भी हैं. जहां व्हाट्सएप, फेसबुक, ऑनलाइन चैटिंग साइट्स, फेस बुक मैसेंजर, अन्य सोशल मीडिया साइट्स और इंस्टाग्राम, हमें लोगों से अधिक जुड़ाव महसूस कराते हैं, वहीं … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम के तहत सुरक्षात्मक घरों में हिरासत में लिए गए यौनकर्मियों को रिहा करने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम Immoral Traffic (Prevention) Act के तहत हिरासत में लिए गए और सुरक्षात्मक घरों में रहने वाले वयस्क यौनकर्मी अपनी मर्जी से बाहर जाने के लिए स्वतंत्र थे। न्यायमूर्ति बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संजय करोल ने देश भर की राज्य सरकारों को … Read more

वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध न मानने वाले कानून की वैधानिकता की जांच होगी, जनवरी के दूसरे हफ्ते में सुनवाई : सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि वह वैवाहिक दुष्कर्म के मुद्दे पर दायर याचिकाओं पर जनवरी के दूसरे हफ्ते से सुनवाई शुरू करेगा। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि वह वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध न मानने वाली भारतीय दंड संहिता की धारा 375 की संवैधानिक वैधता को परखेगा। मुख्य न्यायाधीश डॉक्टर डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली … Read more

केरल सरकार ने यौन उत्पीड़न मामले में सत्र न्यायालय के विवादास्पद आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया-

कन्नूर के एडीएम की कथित अप्राकृतिक मौत के मामले में जांच राज्य से CBI को स्थानांतरित करने से इनकार - केरल उच्च न्यायालय

न्यायाधीश ने 12 अगस्त को यौन शोषण के मामले में उसी आरोपी को जमानत दे दी, यह देखते हुए कि यौन उत्पीड़न के तहत अपराध प्रथम दृष्टया आकर्षित नहीं होता है, जब महिला ने “यौन उत्तेजक पोशाक” पहन रखी थी। केरल सरकार ने एक दलित महिला के यौन शोषण के मामले में सामाजिक कार्यकर्ता और … Read more

POCSO ACT: क्यों कब और कैसे बना बच्चों के यौन संरषण का हथियार, अब होगी फांसी की सजा, जाने विस्तार से-

साक्षी केस SAKSHI CASE के बाद से ही पोक्सो अधिनियम POCSO ACT की नीव पड़ी जब सुप्रीम कोर्ट ने बाल यौन अपराधों से निपटने में भारतीय दण्ड संहिता INDIAN PENAL CODE को अपर्याप्त पाया- सुप्रीम कोर्ट SUPREME COURT ने साक्षी केस Sakshi vs. Union of India: (1999) 6 SCC 591 में बाल यौन शोषण से … Read more

‘वकील का कार्यालय कोर्ट से कम सम्मानित नहीं’, हाई कोर्ट ने यौन दुष्कर्म के आरोपी वकील कि जमानत याचिका किया खारिज-

न्यायमूर्ति समित गोपाल

इलाहाबाद उच्च न्यायालय Allahabad High Court ने सुनवाई को एक वकील को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिस पर उसके तहत विधि की छात्रा का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था । न्यायमूर्ति समित गोपाल ने कहा, “दोनों पक्षों को सुनने और तथ्यों का अवलोकन करने के बाद यह साबित होता है … Read more

POCSO ACT: होठों को चूमना या प्यार से छूना अप्राकृतिक यौनाचार नहीं माना जायेगा – हाईकोर्ट

बंबई उच्च न्यायलय BOMBAY HIGH COURTने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा है कि होठों को चूमना और प्यार से किसी को छूना भारतीय दंड संहिता INDIAN PENAL COURT की धारा 377 के तहत अप्राकृतिक यौनाचार UNNATURAL SEX नहीं है. इस टिप्पणी के साथ अदालत ने एक नाबालिग लड़के के यौन शोषण के मुल्जिम … Read more

‘Live-In Relationships’ सवैधानिक अधिकारों में आर्टिकल 21 का ‘बायप्रोडक्ट’ है जो तीव्र कामुक व्यवहार और व्याभिचार को बढ़ावा दे रहा है-

मध्य प्रदेश उच्च न्यायलय इंदौर पीठ Indore Bench of Madhya Pradesh High Court ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ Live-In Relationships संविधान के अनुच्छेद 21 Article 21 of Indian Constitution के तहत मिले अधिकारों का ‘बायप्रोडक्ट’ Byproduct बन गया है। इसकी वजह से यौन अपराधों में वृद्धि हो रही है। … Read more