सुप्रीम कोर्ट ने जिरह की प्रक्रिया अचानक स्थगित करने का संज्ञान लिया और कहा कि ऐसा करने से न्याय वाधित होता है-
सर्वोच्च अदालत ने जिरह की प्रक्रिया अचानक स्थगित करने का संज्ञान लिया और कहा कि इससे ऐसे हालात पैदा होते हैं जिससे निजी गवाह मुकर जाते हैं। साथ ही कोर्ट ने कहा कि तय समय में आरोपपत्र का संज्ञान नहीं लेने पर जमानत का अधिकार नहीं। Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देशभर … Read more