नाबालिक का जबरन अंडरगारमेंट्स उतारना भी बलात्कार के समान, कलकत्ता उच्च न्यायालय का महत्वपूर्ण निर्णय

कलकत्ता उच्च न्यायलय ने नाबालिक के साथ दुष्कर्म के मामले में एक अहम निर्णय जारी करते हुए कोर्ट ने दोषी को साढ़े पांच साल की कैद की सजा और 3,000 रुपये का जुर्माना बरकरार रखा। मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से नाबालिग लड़की को बहला फुसला कर एकांत स्थान पर ले जाने और उसे … Read more

जमानत ले कर हाई कोर्ट में ट्रायल देखरहे ‘108 करोड़ घोटाले’ के आरोपी को जज ने तत्काल कराया गिरफ्तार, ये था मामला

बेदखली की कार्यवाही शुरू करने से पहले किराएदार से परिसर खाली करने के लिए कहना 'आपराधिक धमकी' का मामला नहीं बनता : कलकत्ता हाईकोर्ट

न्यायमूर्ति तीर्थांकर घोष ने ED एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट की याचिका पर सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों शैलेश कुमारक पांडेय और प्रसेनजीत दास को कोर्ट रूम में बैठे देखा तो उनका पारा चढ़ गया। न्यायमूर्ति तीर्थांकर घोष ने ED एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट को आदेश दिया कि वो दोनों को तत्काल कोर्ट रूम से ही गिरफ्तार करे और दोपहर … Read more

उच्च न्यायालय के पास विशेष तरीके से जांच करने का निर्देश देने की शक्ति नहीं है- सर्वोच्च न्यायालय

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उच्च न्यायालय के पास भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 या 482 के तहत भी एक विशेष तरीके से जांच करने का निर्देश देने की शक्ति नहीं है। न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि क्या जमानत दी जानी है या नहीं, यह … Read more

धारा 300 CrPC की प्रयोज्यता पर अभियुक्त की याचिका पर धारा 227 CrPC के तहत डिस्चार्ज के स्तर पर विचार किया जाना चाहिए: SC

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने कहा कि धारा 300 सीआरपीसी CrPC की प्रयोज्यता पर अभियुक्त की याचिका पर धारा 227 सीआरपीसी CrPC के तहत डिस्चार्ज के स्तर पर विचार किया जाना चाहिए। प्रस्तुत मामले में आरोपी ने ट्रायल कोर्ट के समक्ष धारा 227 सहपठित धारा 300(1) सीआरपीसी के तहत डिस्चार्ज एप्लिकेशन दायर किया था। न्यायमूर्ति … Read more

‘मैं भगवान नहीं, शैतान बन गया हूं!’- मामले के सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति ने ऐसा क्यों कहा ?

कलकत्ता उच्च न्यायलय के न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एक के बाद एक फैसले सुनाया है और CBI जांच का आदेश दिया था। नतीजतन, वह नौकरी चाहने वालों के लिए ‘मसीहा’ बन गए हैं, लेकिन सोमवार को न्यायाधीश ने हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा, ‘मैं भगवान नहीं हूं, मैं शैतान बन … Read more

धारा 438 सीआरपीसी के तहत किशोर / नाबालिग की अग्रिम जमानत याचिका की रखरखाव: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मामले को बड़ी पीठ को भेजा

https://legaltoday.in/courts-decision-said-in-the-interest-of-the-consumer-it-is-not-necessary-for-the-patient-to-be-admitted-in-the-hospital-for-24-hours-for-the-medical-claim/

न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी और न्यायमूर्ति बिवास पटनायक की कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने हाल के एक फैसले में एक बड़ी पीठ को यह कानूनी मुद्दा भेजा कि क्या आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 438 के तहत अग्रिम जमानत के लिए एक किशोर / नाबालिग द्वारा आवेदन किया गया है। अदालत गलत तरीके से … Read more

सहकारी आंदोलन और व्यवसाय की एक प्रणाली दोनों जीवन का एक सिद्धांत: सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता एचसी के आदेश को किया खारिज

CJI U.U Lalit के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट की बेंच न्यायमूर्ति एस. रवींद्र भट्ट और न्यायमूर्ति जे.बी पारदीवाला ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक विवादित आदेश को रद्द करते हुए अपीलकर्ता सोसायटी को पुनर्विकास की अपनी परियोजना के साथ आगे बढ़ने की स्वतंत्रता दी। और आगे कहा, “यह स्पष्ट करने की आवश्यकता नहीं है कि … Read more

[AIIMS Job Scam] मामले की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस ही करेगी,सीबीआई नहीं: कलकत्ता उच्च न्यायालय

बेदखली की कार्यवाही शुरू करने से पहले किराएदार से परिसर खाली करने के लिए कहना 'आपराधिक धमकी' का मामला नहीं बनता : कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हाल ही में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), कल्याणी में कथित अनियमित नियुक्तियों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग वाली एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की पीठ ने राज्य पुलिस को मामले में जांच जारी रखने की … Read more

FAKE Advocate? – HC ने बार काउंसिल से मांगी रिपोर्ट, CID को जांच का आदेश, जांच रजिस्ट्री को निर्देश कि बिना AOR नंबर के फाइलिंग न करे स्वीकार-

बार कौंसिल से शिकायत की गई चूंकि एक व्यक्ति जिसके नाम पर एक रिट याचिका दायर की गई थी, ने शिकायत की थी कि उसने ऐसी रिट याचिका दायर करने के लिए किसी भी व्यक्ति को कभी भी दायर या अधिकृत नहीं किया था और अदालत ने पहले ही DIG (CID) को उस जांच को … Read more

हाई कोर्ट का अहम निर्णय – पालने वाले सौतेले पिता को भी गुजारा भत्ते का हक –

https://legaltoday.in/courts-decision-said-in-the-interest-of-the-consumer-it-is-not-necessary-for-the-patient-to-be-admitted-in-the-hospital-for-24-hours-for-the-medical-claim/

जन्म देने वाली मां दूसरी शादी करने पर भी पुत्र से गुजारा भत्ते का दावा कर सकती है | माता-पिता को गुजारा भत्ता देने का विधिक दायित्व बच्चों के नैतिक दायित्व से उत्पन्न होता है – उच्च न्यायलय कलकत्ता उच्च न्यायलय ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा है कि पाल-पोसकर बड़ा करने पर सौतेले पिता … Read more