सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रवैये पर खेद जताते हुए कहा कि, वकील की गलती के कारण जमानत न देना ‘न्याय का मजाक’-

Supreme Court शीर्ष अदालत ने पहले इन जमानत मामलों को हाईकोर्ट के समक्ष रखने का निर्देश दिया था। High Court हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को ऐसे मामलों को स्वत: संज्ञान मामले के तौर पर पंजीकृत करना चाहिए।  उच्चतम न्यायलय ने वकीलों की गलती के कारण लंबे समय से जेल में बंद लोगों को जमानत नहीं देने … Read more

हाई कोर्ट: बहू अनुकंपा के आधार पर फेयर प्राइस शॉप का आवंटन पाने में पूर्ण रूप से हकदार-

लखनऊ बेंच इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि बहू अनुकंपा के आधार पर उचित दर की दुकान के आवंटन की हकदार है। न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने उच्च न्यायलय द्वारा पूर्व में दिए गए एक फैसले पर भरोसा किया है, जिसमें यह माना गया था कि एक विधवा बहू अनुकंपा के आधार पर … Read more

7800 करोड़ रोटोमैक ग्लोबल कंपनी बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी राहुल कोठारी को हाईकोर्ट ने दी जमानत-

हाईकोर्ट

रोटोमैक ग्लोबल कंपनी द्वारा किये गए बैंक घोटालों के मुख्य आरोपी रोटोमैक ग्लोबल कंपनी कानपुर (Rotomac Global Company Kanpur) के मालिक राहुल कोठारी (Rahul Kothari) को इलाहाबाद उच्च न्यायलय से मिली बड़ी राहत मिली है. जस्टिस ओम प्रकाश सप्तम की एकल पीठ ने आदेश दिया है- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी सशर्त अंतरिम जमानत को मंजूर … Read more

जूनियर वकीलों को रु. 5000/- वजीफा देने की माँग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी बार काउंसिल, भारत सरकार को नोटिस जारी किया –

Lucknow Bench Allahabad high Court लखनऊ बेंच इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आज एक Public Interest Litigation जनहित याचिका में नोटिस जारी किया जिसमें कनिष्ठ वकीलों को वजीफा देने की मांग की गयी है, जिनकी शुरुआती पांच साल तक की प्रैक्टिस है। न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति मोहम्मद फैज आलम खान की बेंच ने यूपी बार … Read more

सुप्रीम कोर्ट: इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि सिविल मामले को आपराधिक रंग देना प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा-

SUPREME COURT सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुकदमे के लंबित रहने के दौरान बिक्री विलेख का निष्पादन ‘लिस पेंडेंस’ के सिद्धांत ( Sale of the property is hit by the Doctrine of ‘Lis Pendens’ ) को आकर्षित कर सकता है। SUPREME COURT शीर्ष अदालत ने ALLAHABAD HIGH COURT इलाहाबाद उच्च न्यायलय के आदेश को पलटते … Read more

Allahabad High Court: Firearms रखने का अधिकार वैधानिक और Article 21 के अनुसार ‘Right to Life’ है, शस्त्र निरसन आदेश रद्द किया जाता है-

Allahabad High Court Lucknow Bench लखनऊ बेंच इलाहाबाद हाई कोर्ट ने Arms License आग्नेयास्त्र लाइसेंस रद्द दिनांक 30.08.2019 करने के आदेश को रद्द कर दिया और कहा कि इस तरह के आदेश को प्राधिकरण की व्यक्तिपरक संतुष्टि दर्ज किए बिना आकस्मिक तरीके से पारित नहीं किया जा सकता है। न्यायमूर्ति मनीष माथुर ने सुधीर केसरवानी … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा प्रत्यावेदन देने से परिसीमा अवधि नहीं बढ़ती-

Supreme Court शीर्ष अदालत ने कहा कि केवल अधिकारियों के पास एक प्रत्यावेदन दाखिल करने से परिसीमा अवधि नहीं बढ़ जाती है। न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की बेंच ने कहा कि यदि रिट याचिकाकर्ता को देरी का दोषी पाया जाता है, तो उच्च न्यायालय को रिट याचिकाकर्ता को एक प्रत्यावेदन दायर करने … Read more

लड़के की उम्र 21 वर्ष नहीं होने पर भी शादी अमान्य नहीं, हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 18 के तहत दंड के लिए उत्तरदायी-

ALLAHABAD HIGH COURT ने कहा कि यदि लड़के की आयु 21 वर्ष से कम है तो शादी शून्य नहीं होगी, बल्कि शून्यकरणीय मानी जाएगी। यह HINDU MARRIAGE ACT 1955 हिंदू विवाह अधिनियम की धारा-18 के तहत दंडनीय हो सकती है, किन्तु शादी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति शमीम … Read more

न्यायाधीश को मुकदमे में पक्षकार बनाये जाने पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पड़ी, लगाया ₹ 5000 का कॉस्ट –

Supreme Court शीर्ष न्यायालय ने हाल ही में अभियुक्तों को दी गई जमानत को चुनौती देने वाली एक रिट याचिका को खारिज कर दिया, और ₹5000 का Cost जुर्माना भी लगाया। न्यायमूर्ति विनीत सरन और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने अपने आदेश में मजिस्ट्रेट को रिट में पक्षकार बनाने को लेकर याचिकाकर्ता के आचरण … Read more

क्या तलाक़ डिक्री के ख़िलाफ़ लम्बित अपील के दौरान पत्नी धारा CrPC 125 के तहत गुजारा भत्ता माँग सकती है? इलाहाबाद हाई कोर्ट का निर्णय विस्तार से-

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने Criminal Procedure Code सीआरपीसी की धारा 125 के तहत पत्नी के भरण-पोषण के दावे की अनुमति दी, भले ही पारिवारिक न्यायालय के पास पहले से ही तलाक की डिक्री थी, उक्त डिक्री के खिलाफ अपील अदालत के समक्ष लंबित थी और अंतिम रूप प्राप्त कर चुकी थी। जस्टिस आफताब हुसैन रिजवी … Read more