गैर-मान्यता के आधार पर मदरसा बंद करने का कोई अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

allahabad-highcourt-111025

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश मदरसा विनियमन, 2016 में गैर-मान्यता के आधार पर मदरसा बंद करने का कोई प्रावधान नहीं है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा मदरसा सील करने का आदेश रद्द, 24 घंटे में सील खोलने के निर्देश। गैर-मान्यता के आधार पर मदरसा बंद करने का कोई अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद … Read more

धारा 406 और 420 को लेकर पुलिस–मजिस्ट्रेटों में भ्रम चिंताजनक: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशिक्षण पर दिया जोर

Allahabad high court

आईपीसी की धारा 406 और 420 के अपराध एक साथ लगाए जा सकते हैं, जबकि कानूनन यह संभव नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि आईपीसी की धारा 406 और 420 अलग-अलग अपराध हैं और दोनों एक साथ नहीं हो सकते। कोर्ट ने पुलिस व मजिस्ट्रेटों को कानून का समुचित प्रशिक्षण देने की जरूरत बताई। … Read more

तकनीकी खामी से परीक्षा से वंचित छात्रा को राहत: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विशेष परीक्षा कराने का दिया आदेश

allahabad high court

ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी खामी के कारण परीक्षा से रोकी गई छात्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी। अदालत ने विश्वविद्यालय को विशेष परीक्षा आयोजित करने और समयबद्ध परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया। तकनीकी खामी से परीक्षा से वंचित छात्रा को राहत: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विशेष परीक्षा कराने का दिया आदेश प्रयागराज इलाहाबाद … Read more

कोडीन कफ सिरप मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लाइसेंसधारकों को राहत दी, NDPS के तहत FIR पर सवाल

CodeineCoughSyrup

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोडीन युक्त कफ सिरप मामलों में बड़ी राहत देते हुए NDPS एक्ट के तहत दर्ज FIRs पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि कोडीन कफ सिरप को स्वतः ‘निर्मित मादक पदार्थ’ नहीं माना जा सकता और 17 दिसंबर को अगली सुनवाई तय की। कोडीन कफ सिरप मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लाइसेंसधारकों को … Read more

अच्छी नौकरीपेशा पत्नी को मेंटेनेंस नहीं—इलाहाबाद हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला

इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि यदि पत्नी अच्छी नौकरी करती है और अपनी ज़रूरतें खुद पूरी कर सकती है, तो वह CrPC धारा 125 के तहत मेंटेनेंस की हकदार नहीं है। कोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द करते हुए कहा कि पत्नी ने आय और योग्यता छुपाई, इसलिए वह गुज़ारा … Read more

उत्तर प्रदेश में तीन हजार अधिवक्ताओं पर आपराधिक मुकदमे: इलाहाबाद हाईकोर्ट गंभीर

allahabad-highcourt-111025

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से राज्यभर में चल रहे लगभग तीन हजार अधिवक्ताओं के खिलाफ आपराधिक मामलों का विस्तृत ब्यौरा मांगा। कोर्ट ने वकालत के पेशे पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव पर चिंता जताई और सभी रजिस्टर्ड वकीलों से जुड़े लंबित मामलों की सूची प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि अधिवक्ता … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद HC की स्तन दबाना, पायजामा-स्ट्रिंग तोड़ना ‘रेप प्रयास नहीं’ वाली टिप्पणी पर लगाई रोक, ट्रायल गंभीर धाराओं में जारी रखने का निर्देश

supreme-court-and-allahabad-hc-

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की उस टिप्पणी को स्थगित रखा है जिसमें स्तन दबाने, पायजामा की डोरी तोड़ने और culvert के नीचे घसीटने जैसी हरकतों को बलात्कार/बलात्कार के प्रयास के लिए अपर्याप्त माना गया था। सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रायल को IPC और POCSO की गंभीर धाराओं के तहत चलाने का निर्देश दिया और … Read more

नेहा सिंह राठौर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज: लखनऊ बेंच इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला

LKO HC

लखनऊ बेंच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री मोदी पर कथित अशोभनीय टिप्पणी मामले में भोजपुरी गायिका नेहा सिंह राठौर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की। हज़रतगंज थाने में दर्ज FIR पहलगाम आतंकी हमले पर उनकी टिप्पणी से जुड़ी है। अदालत ने आरोपों को गंभीर बताते हुए राहत देने से इनकार किया। नेहा सिंह राठौर की अग्रिम … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट: चार्जशीट और संज्ञान रिकॉर्ड पर न हों तो BNSS 528 के तहत FIR क्वैश नहीं

Allahabad High Court Landmark

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि BNSS की धारा 528 (पूर्व धारा 482 CrPC) के तहत FIR तभी क्वैश (FIRQuashing) की जा सकती है जब चार्जशीट व संज्ञान कोर्ट रिकॉर्ड पर हों। Pradnya Pranjal Kulkarni फैसले का हवाला देते हुए कोर्ट ने आवेदन को गैर-रक्षित व अमान्य बताते हुए खारिज कर दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट: चार्जशीट और … Read more

पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति की सज़ा बरकरार: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ‘लास्ट सीन’ और असफल स्पष्टीकरण को माना निर्णायक

LKO HC

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2015 में पत्नी की हत्या के आरोपी पति की उम्रकैद की सज़ा बरकरार रखी। कोर्ट ने कहा कि मृतका का शव पति के साथ ‘लास्ट सीन’ के बाद तुरंत मिला और आरोपी कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं दे सका। धारा 106 साक्ष्य अधिनियम और परिस्थितिजन्य साक्ष्य को आधार बनाकर अपील खारिज की गई। … Read more