‘डायन’ बताकर महिला को प्रताड़ित करने के मामले में आरोपी को Gauhati HC से Bail, 72 दिन हिरासत के बाद मिली राहत

Like to Share

Gauhati High Court ने महिला को ‘डायन’ बताकर कथित तौर पर प्रताड़ित करने और नदी पार कराने वाली भीड़ का हिस्सा होने के आरोपी व्यक्ति को जमानत दी। कोर्ट ने 72 दिन की हिरासत और Chargesheet दाखिल होने को ध्यान में रखा।

महिला को ‘डायन’ बताकर भीड़ जुटाने का आरोप

Gauhati High Court ने एक ऐसे मामले में आरोपी व्यक्ति को Bail दी है, जिसमें एक महिला को कथित तौर पर ‘डायन’ बताकर ग्रामीणों की भीड़ द्वारा प्रताड़ित करने, सार्वजनिक रूप से निर्वस्त्र करने और उसे अपना ही मल खाने के लिए मजबूर करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शिकायत के अनुसार महिला और उसके पति को गांव से बाहर निकालने से पहले उन्हें एक नदी पार करने के लिए मजबूर किया गया और बाद में बस स्टैंड तक ले जाया गया।

हालांकि, वर्तमान याचिकाकर्ता के खिलाफ विशिष्ट आरोप यह था कि उसने शिकायतकर्ता महिला की बेटी का हाथ पकड़कर उसे नदी के पार खींचा था।

Justice Sanjeev Kumar Sharma ने 72 दिन की हिरासत को माना महत्वपूर्ण

मामले की सुनवाई Justice Sanjeev Kumar Sharma ने की। 15 सितंबर 2026 के आदेश में अदालत ने ध्यान दिया कि मामले की Investigation पूरी हो चुकी है और Chargesheet भी दाखिल की जा चुकी है।

अदालत ने यह भी दर्ज किया कि याचिकाकर्ता 72 दिनों से अधिक समय तक हिरासत में रह चुका है

इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने माना कि मुकदमे के दौरान आरोपी की आगे की हिरासत आवश्यक नहीं है।

कोर्ट ने कहा:

“Having regard to the materials available on record and also the period of detention undergone, further detention of the petitioner may not be necessary for the purpose of trial.”

अर्थात रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री और आरोपी द्वारा पहले ही बिताई जा चुकी हिरासत की अवधि को देखते हुए, Trial के उद्देश्य से उसकी आगे की हिरासत आवश्यक नहीं हो सकती।

शिकायतकर्ता की मां को ‘डायन’ बताने का आरोप

मामले की Informant पीड़ित महिला की बेटी है। उसने 11 जून को शिकायत दर्ज कराई थी।

Must Read -  कश्मीर में हिंदुओं और सिखों की हत्या मामला, शीर्ष अदालत से स्वतः संज्ञान लेने का अनुरोध-

शिकायत के अनुसार मुख्य आरोपी ने उसकी मां को ‘डायन’ बताकर उसके माता-पिता को अपने साथ ले गया और अन्य ग्रामीणों को भी वहां बुलाया।

आरोप है कि ग्रामीणों की भीड़ ने महिला के साथ मारपीट की, उसे अपना ही मल खाने के लिए मजबूर किया और सार्वजनिक रूप से उसके कपड़े उतार दिए।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि महिला और उसके पति को नदी पार करने के लिए मजबूर किया गया और बाद में उन्हें बस स्टैंड तक ले जाकर गांव से बाहर निकाल दिया गया।

ये सभी घटनाएं शिकायत और अभियोजन पक्ष के आरोपों के रूप में रिकॉर्ड पर हैं; हाईकोर्ट ने जमानत के स्तर पर इन आरोपों की अंतिम सत्यता का निर्धारण नहीं किया।

आरोपी पर क्या था विशिष्ट आरोप?

वर्तमान याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप अन्य आरोपियों की तुलना में विशिष्ट था।

अभियोजन के अनुसार उसने Informant का हाथ पकड़ा और उसे नदी के पार खींचकर ले गया। Witnesses के बयानों में भी इसी आरोप का उल्लेख होने की बात अदालत के समक्ष रखी गई।

यही आरोप वर्तमान Bail Petition के संदर्भ में हाईकोर्ट के सामने था।

जांच पूरी, Chargesheet दाखिल—हाईकोर्ट ने दी जमानत

अदालत ने विशेष रूप से दो परिस्थितियों पर गौर किया—

  • मामले की Investigation पूरी हो चुकी है;
  • Chargesheet पहले ही दाखिल की जा चुकी है

इसके अलावा याचिकाकर्ता 72 दिनों से अधिक समय तक Custody में रह चुका था।

इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने उसकी आगे की हिरासत को Trial के लिए आवश्यक नहीं माना और Bail मंजूर कर दी।

₹50 हजार के Bail Bond पर रिहाई

हाईकोर्ट ने आरोपी को ₹50,000 के Bail Bond और समान राशि के दो Sureties प्रस्तुत करने की शर्त पर जमानत दी।

यह Bond संबंधित Special Judge की संतुष्टि के अनुसार प्रस्तुत किया जाना है।

अदालत ने आरोपी पर Victims और मामले के तथ्यों से परिचित अन्य Witnesses से संपर्क करने या उनसे संपर्क करने का प्रयास करने पर भी रोक लगाई है।

Gauhati HC का आदेश: Bail, आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं

इस मामले में हाईकोर्ट का आदेश मुख्य रूप से आरोपी की हिरासत और Bail के प्रश्न तक सीमित रहा।

Must Read -  अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क क्षेत्र में निर्मित कब्रों, मजारों या मस्जिद सहित सभी अवैध अतिक्रमणों को तीन दिनों के भीतर हटाए - हाई कोर्ट

कोर्ट ने Investigation पूरी होने, Chargesheet दाखिल होने और आरोपी द्वारा 72 दिनों से अधिक समय Custody में बिताए जाने को ध्यान में रखते हुए आगे की हिरासत को आवश्यक नहीं माना।

इसलिए जमानत दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि महिला के साथ कथित अत्याचार के आरोपों को अदालत ने सही या गलत घोषित कर दिया है। उन आरोपों का अंतिम निर्धारण Trial में साक्ष्यों के आधार पर होना है।

फैसले की मुख्य बातें

  • Gauhati High Court ने आरोपी को Bail दी।
  • आरोपी के खिलाफ विशिष्ट आरोप था कि उसने शिकायतकर्ता की बेटी का हाथ पकड़कर उसे नदी पार खींचा।
  • Investigation पूरी हो चुकी थी और Chargesheet दाखिल हो चुकी थी।
  • आरोपी 72 दिनों से अधिक Custody में रह चुका था।
  • कोर्ट ने आगे की हिरासत को Trial के लिए आवश्यक नहीं माना।
  • ₹50,000 का Bail Bond और समान राशि के दो Sureties की शर्त।
  • पीड़ितों और संबंधित Witnesses से संपर्क करने पर रोक।
  • जमानत आदेश में महिला के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों की अंतिम merits determination नहीं की गई।

Tags:
#गौहाटीहाईकोर्ट #डायनप्रथ #विचहंटिंग #महिलाप्रताड़ना #जमानत #बेल #आपराधिकमामला #मानवाधिकार #न्यायिकफैसला #GauhatiHighCourt #WitchHunting #WitchHuntingCase #Bail #CriminalCase #HumanRights #Justice #LegalNews

Leave a Comment