इलाहाबाद हाई कोर्ट: क्या गैर-संज्ञेय अपराधों में मजिस्ट्रेट चार्जशीट का संज्ञान ले सकता है? जानिए विस्तार से-

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने माना है कि Cr.P.C. सीआरपीसी की धारा 2 (डी) के मद्देनजर, जहां गैर-संज्ञेय अपराध शामिल हैं, मजिस्ट्रेट पुलिस द्वारा दायर आरोप पत्र का संज्ञान नहीं ले सकते, इसके बजाय इसे शिकायत के रूप में माना जाना चाहिए। न्यायमूर्ति सैयद आफताफ हुसैन रिजवी ने विमल दुबे और एक अन्य द्वारा Cr.P.C. धारा … Read more

हाई कोर्ट: आरोपी किसी तीसरे पक्ष को आपराधिक कार्यवाही में प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त नहीं कर सकता है, जैसे कि पावर ऑफ अटॉर्नी धारक-

दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्णय दिया है कि आरोपी किसी तीसरे पक्ष को आपराधिक कार्यवाही में प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त नहीं कर सकता है, जैसे कि पावर ऑफ अटॉर्नी धारक। न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने कहा कि आपराधिक मामलों में तीसरे पक्ष की उपस्थिति आपराधिक न्याय प्रणाली के उद्देश्य को विफल कर देगी, क्रिमिनल प्रक्रिया … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने दोहरे हत्याकांड आरोपी की जमानत रद्द करते हुए, पटना हाई कोर्ट को अपराध की गंभीरता को नजरंदाज करने के लिए लगाई फटकार-

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इस फैसले में न तो कारण था और न ही आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि Criminal Background के संबंध में जोरदार दलीलें मानी गईं। उच्चतम न्यायालय ने बिना कोई कारण बताए जमानत Bail देने के लिए पटना हाई कोर्ट को फटकार लगाई और हत्या के … Read more

हाई कोर्ट ने काजी को कहा कि आप अदालत नहीं हैं और नहीं दे सकते तलाक़ पर फैसला-

Madhya Pradesh High Court एमपी हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण में कहा है कि काजी अदालतों की तरह आदेश जारी नहीं कर सकते। एक मुस्लिम दंपति को काजी द्वारा तलाक का फरमान सुनाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसे आदेश की कोई कानूनी मान्यता नहीं है। हालांकि, … Read more

सुप्रीम कोर्ट का बार कौंसिल ऑफ़ इंडिया को निर्देश, कहा वकीलों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रवेश नियंत्रित करें-

उच्चतम न्यायालय ने लॉ स्कूलों LAW Schools पर भी कड़ी जांच पर दिया जोर – Supreme Court शीर्ष अदालत ने बीसीआई (BCI) के वकील से कहा कि पेशे में प्रवेश करने वाले लोगों की गुणवत्ता निर्धारित करने के लिए प्रवेश को नियंत्रित करें। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 22 फरवरी तय की है। सर्वोच्च … Read more

सुप्रीम कोर्ट: उच्च न्यायालय के पास शक्तियां हैं, परंतु बरी करने के फैसले को दोषसिद्धि में नहीं बदल सकता-

Supreme Court of India सुप्रीम कोर्ट मद्रास उच्च न्यायालय Madras High Court के एक आदेश के खिलाफ दायर एक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसे दंड प्रक्रिया संहिता (Criminal Procedure Code) की धारा 401 के तहत अपने पुनरीक्षण अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए प्रथम अपीलीय न्यायालय द्वारा पारित बरी करने के आदेश को … Read more

सुप्रीम कोर्ट: फर्जी दुर्घटना दावा दाखिल करने वाले वकीलों के मामले में चार सप्ताह में आरोप हो तय, जानिए विस्तार से-

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Supreme Court of INDIA शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश में संबंधित अदालत के समक्ष वकीलों Advocates द्वारा फर्जी दुर्घटना दावों Fake Accidental Claims से संबंधित मामलों की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी करने के उद्देश्य से मंगलवार को चार हफ्ते के भीतर आरोप तय करने के निर्देश दिए। जिन मामलों में आरोप-पत्र दाखिल किया जा … Read more

केरल हाई कोर्ट: RSS के किसी भी सदस्य को मानहानि का मुकदमा दर्ज करने का अधिकार-

Kerala High Court केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में RSS आरएसएस के बारे में एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक मानहानिकारक लेख के खिलाफ दायर की गई शिकायत को भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code) की धारा 499 के तहत सुनवाई योग्य माना। शिकायत आरएसएस के राज्य सचिव ने दायर की थी। … Read more

अंतरराष्ट्रीय पशु तस्कर मोहम्मद इनामुल हक को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत, हजारो करोड़ रुपये के मवेशी तस्करी का था मुख्य आरोपी-

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (24 जनवरी 2022) को करोड़ों के पशु तस्करी मामले के मास्टरमाइंड मोहम्मद इनामुल हक (Mohammed Enamul Haque) को जमानत दे दी है। पश्चिम बंगाल में पशुओं की अंतरराष्ट्रीय तस्करी करने वाले इनामुल पर भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम (एमडी इनामुल हक बनाम सीबीआई) से संबंधित कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। … Read more

कलकत्ता उच्च न्यायालय: क्या किशोर अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकते है? विचार करने के लिए बड़ी पीठ को भेजा, जानिए विस्तार से

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को क्रिमिनल प्रोसीजर कोड अंतरगर्त धारा 438 एक किशोर द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका के मुद्दे पर विचार करने के लिए एक बड़ी पीठ को संदर्भित किया। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी और न्यायमूर्ति बिवास पटनायक की खंडपीठ ने निर्णय सुनाया था कि इस तरह का आवेदन विचारणीय है। … Read more