हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट निर्णय का हवाला देते हुए कहा: सात साल से कम सजा मामलों में पुलिस जल्‍दबाजी में गिरफ्तारी न करें-

उच्च न्यायालय High Court द्वारा प्रस्तुत मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पुलिस को ऐसे मामलों में आरोपितों को गिरफ्तार करने में जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में आरोपितों को जमानत दी जा सकती है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट Punjab And Haryana High Court ने पुलिस Police को … Read more

हाई कोर्ट ने चेक बाउंसिंग मामले में अवैध रूप से हथकड़ी लगाने के लिए विधि छात्र को ₹2 लाख का मुआवजा देने का दिया निर्देश-

आरोपी विधि छात्र ने पुलिस की इस हरकत के लिए 25 लाख रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था- कर्नाटक हाई कोर्ट धारवाड़ पीठ Karnataka High Court Dharwad Bench ने पुलिस द्वारा एक आरोपी विधि छात्र Accused Law Student को हथकड़ी लगाने और कथित तौर से सार्वजनिक रूप से … Read more

दुष्‍कर्म के मामले में पटना उच्च न्यायलय का लैंडमार्क जजमेंट, कहा यदि पीड़िता द्वारा विरोध नहीं तो भी यह उसकी सहमति नहीं-

पटना उच्च न्यायलय Patna High Court ने दुष्‍कर्म के ही एक मामले में सुनवाई के दौरान एक विशेष टिप्पणी Special Comment की है, जिसके ऐसे मामलों में दूरगामी परिणाम होंगे। हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर दुष्‍कर्म पीड़िता Rape Victim वारदात के दौरान प्रतिरोध नहीं करती है तो इसका अर्थ यह नहीं लेना चाहिए कि … Read more

महिला का विवाह प्रलोभन उपरांत यौन संबंध स्थापित करना और संबंध तोड़ देना, क्या यह बलात्कार नहीं होगा? ‘जेंडर न्यूट्रल’ पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका –

यौन उत्पीड़न (354A-354D), रेप (धारा 376), आपराधिक धमकी (धारा 506), महिलाओं के मर्यादा का अपमान (धारा 509), धारा 420 और महिलाओं के प्रति क्रूरता (498A)– महिलाओं Women के खिलाफ यौन अपराधों से संबंधित भारतीय दंड संहिता INDIAN PENAL CODE के किये गए प्रावधानों पर वर्तमान समयास्थिति में पुनर्विचार और संशोधन के निर्देश की मांग करते … Read more

अगर गाली गलौज एकांत में हुआ हो तो एस सी एस टी एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही नहीं बनती है – हाई कोर्ट

कर्नाटक उच्च न्यायलय Karnataka High Court ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत एक आरोपी के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही को यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि शिकायतकर्ता के साथ उसने कथित दुर्व्यवहार एक अपार्टमेंट के बेसमेंट तल में किया गया था, जो सार्वजनिक रूप … Read more

एनडीपीएस एक्‍ट की धारा 67 के तहत दर्ज इकबालिया बयान स्वीकारने योग्य नहीं है – सुप्रीम कोर्ट

शीर्ष अदालत Supreme Court ने पुनः दोहराया कि एनडीपीएस एक्ट NDPS Act की धारा 67 Sec 67 के तहत दर्ज इकबालिया बयान एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध के मुकदमे में अस्वीकार्य रहेगा। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो Narcotics Control Beuro की ओर से दायर एक … Read more

CrPC u/s 438 में प्रतिबंध नहीं है कि देश से बाहर रहने वाला व्यक्ति अग्रिम जमानत के लिए आवेदन नहीं कर सकता – हाई कोर्ट

कोर्ट ने कहा की मेरे विचार से देश के बाहर रहने वाले व्यक्ति द्वारा भी गिरफ्तारी पूर्व जमानत के लिए आवेदन दायर किया जा सकता है- केरल हाई कोर्ट Kerala High Court ने फिल्म अभिनेता विजय बाबू को बलात्कार के एक मामले में अंतरिम अग्रिम जमानत Anticipatory Bail देते हुए कहा कि विदेश में रहने … Read more

ऋण चुकाने के बाद उधारकर्ता के मकान के ‘टाइटल डीड’ को बैंक सिर्फ इसलिए नहीं रख सकता क्योकि उसने दूसरा लोन ले रखा है – हाई कोर्ट

बॉम्बे उच्च न्यायलय नागपुर बेंच , नागपुर Bombay High Court NAGPUR BENCH, NAGPUR ने बैंक लोन Bank Loan सम्बन्धित एक मामले में सुनवाई करते हुए निर्णय दिया कि एक बैंक किसी अन्य ऋण के लंबित होने के कारण उक्त दस्तावेजों पर एक सामान्य ग्रहणाधिकार का हवाला देकर ऋण चुकाने के बाद एक उधारकर्ता के घर … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने केस सुनवाई के क्रम में जमानत रद्द करने के लिए कुछ उदाहरणात्मक स्थितियां को बताया-

शीर्ष अदालत Supreme Court में एक जमानत पर सुनवाई के दौरान सीजेआई न्यायमूर्ति एन.वी. रमना, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली ने कुछ उदाहरणात्मक स्थितियों का उल्लेख किया जहां जमानत रद्द की जा सकती है। सर्वोच्च अदालत ने अपील की अनुमति देते हुए उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द कर दिया था और दूसरे … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने POCSO ACT Sec 23 के तहत अपराध की जांच के लिए कोर्ट की अनुमति की आवश्यकता है या नहीं, इस पर सुनाया विभाजित फैसला-

कोर्ट के आदेश में लिखा, “चूंकि बेंच सहमत नहीं हो पाई है, रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह मामले को एक उपयुक्त बेंच के समक्ष असाइनमेंट के लिए भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश के समक्ष पेश करे।” न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी की खंडपीठ ने पीड़ित की पहचान का खुलासा करने … Read more