लड़के की उम्र 21 वर्ष नहीं होने पर भी शादी अमान्य नहीं, हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 18 के तहत दंड के लिए उत्तरदायी-

ALLAHABAD HIGH COURT ने कहा कि यदि लड़के की आयु 21 वर्ष से कम है तो शादी शून्य नहीं होगी, बल्कि शून्यकरणीय मानी जाएगी। यह HINDU MARRIAGE ACT 1955 हिंदू विवाह अधिनियम की धारा-18 के तहत दंडनीय हो सकती है, किन्तु शादी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति शमीम … Read more

न्यायाधीश को मुकदमे में पक्षकार बनाये जाने पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पड़ी, लगाया ₹ 5000 का कॉस्ट –

Supreme Court शीर्ष न्यायालय ने हाल ही में अभियुक्तों को दी गई जमानत को चुनौती देने वाली एक रिट याचिका को खारिज कर दिया, और ₹5000 का Cost जुर्माना भी लगाया। न्यायमूर्ति विनीत सरन और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने अपने आदेश में मजिस्ट्रेट को रिट में पक्षकार बनाने को लेकर याचिकाकर्ता के आचरण … Read more

JJ ACT SEC 12 के तहत जुवेनाइल को जमानत देते समय जमानती और गैर-जमानती अपराध में कोई अंतर नहीं: हाईकोर्ट

किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम (Juvenile Justice Act), 2015 की धारा 12 के आलोक में उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, जो स्पष्ट रूप से एक बच्चा है, जमानतदार पेश करने की शर्त या बिना शर्त के जमानत पर रिहा होने का हकदार है या इसको एक … Read more

क्या तलाक़ डिक्री के ख़िलाफ़ लम्बित अपील के दौरान पत्नी धारा CrPC 125 के तहत गुजारा भत्ता माँग सकती है? इलाहाबाद हाई कोर्ट का निर्णय विस्तार से-

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने Criminal Procedure Code सीआरपीसी की धारा 125 के तहत पत्नी के भरण-पोषण के दावे की अनुमति दी, भले ही पारिवारिक न्यायालय के पास पहले से ही तलाक की डिक्री थी, उक्त डिक्री के खिलाफ अपील अदालत के समक्ष लंबित थी और अंतिम रूप प्राप्त कर चुकी थी। जस्टिस आफताब हुसैन रिजवी … Read more

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार: जमानत रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि पति सीमा पर और आप पराए मर्द संग होटल जाती हैं-

न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की बेंच ने कहा, आप (महिला) अपने बच्चों को घर पर छोड़ कर उसके साथ (आरोपी) होटलों में गयीं। Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने Indo-Tibetan Border Police (ITBP) जवान की पत्नी की याचिका पर सुनवाई के बाद कहा कि पति सीमा पर तैनात है और आप होटल में … Read more

नाबालिग बेटी का बाल देखभाल संस्थान में किया गया जबरन धर्म परिवर्तन, मां ने जेजे एक्ट के प्रावधानों को दी चुनौती और माँगा रुपया 5 करोड़ का मुआवजा-

बारामूला सांसद इंजीनियर राशिद को दिल्ली हाईकोर्ट ने दी दो दिन की कस्टडी परोल पर रखी कड़ी शर्तें

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) मॉडल नियम, 2016 बाल कल्याण समितियों की संरचना, कार्य और शक्ति से संबंधित, के विभिन्न प्रावधानों के खिलाफ दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया। एक माँ ने शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट … Read more

HIJAB CONTROVERSY: हाईकोर्ट ने याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा-

HIJAB CONTROVERSY हिजाब विवाद को लेकर कर्नाटक उच्च न्यायलय में पिछले 11 दिनों से सुनवाई चल रही थी। शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को लेकर कई याचिकाएं कोर्ट में दाखिल की गईं। इन सभी याचिकाओं पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी ने कहा … Read more

जिला कचहरी में वकीलों और पुलिसकर्मीयो के बीच भिड़ंत, अधिवक्ताओं ने की कार्रवाई की मांग-

जिला कचहरी मुरादाबाद में बुधवार दोपहर वकीलों और पुलिसकर्मीयो के बीच भिड़ंत हो गया। एक अधिवक्ता ने कटघर थाने के पैरोकार पर केस डायरी से पर्चा निकालने का आरोप लगाकर हंगामा किया। सिपाही ने मोबाइल से वीडियो बनाया तो वकील भड़क गए। वकीलों ने सिपाही को घेरकर धक्कामुक्की कर दी। घटना की सूचना मिलने पर … Read more

POCSO Act में यदि पीड़िता नाबालिग है तो प्रेम प्रसंग जमानत देने का आधार नहीं हो सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लड़की और आरोपी के बीच “प्रेम संबंध” तथा कथित तौर पर “शादी से इनकार” जैसे आधारों का पोक्सो के मामले में जमानत के मुद्दे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह देखने के बाद कि अभियोक्ता नाबालिग है और इस आधार पर कि अभियोक्ता और आरोपी के बीच प्रेम संबंध … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट: Sec 202 CrPC कोई आरोपी यदि मजिस्ट्रेट के क्षेत्राधिकार से बाहर है तो, प्रक्रिया जारी करने से पहले जांच आवश्यक-

Allahabad High Court इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि, धारा 202 (1) सीआरपीसी Cr PC के तहत, यदि कोई आरोपी मजिस्ट्रेट के क्षेत्राधिकार से बाहर रहता है, तो मजिस्ट्रेट को या तो स्वयं मामले की जांच करनी चाहिए या धारा 204 सीआरपीसी के तहत प्रक्रिया जारी करने से पहले जांच का निर्देश देना … Read more