दिल्ली उच्च न्यायलय ने निचली अदालत के निर्णय को बरकरार रखा कहा: चेक बाउंस मामले में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे-

निचली अदालत (Lower Court) के फैसले को बरकरार रखते हुए चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने सख्त आदेश दिया है। न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर (Hon’ble Justice Rajnish Batnagar) की पीठ ने कहा कि यदि नोटिस जारी करने और अवसर देने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया तो गंभीर … Read more

हाईकोर्ट: तथ्य छिपाकर अपील दाखिल करने पर वकील पर लगाया रुपया एक लाख का जुर्माना-

Madhya Pradesh High Court मध्यप्रदेश उच्च न्यायलय ने तथ्य छिपाकर अपील दायर करने पर टीकमगढ़ निवासी अधिवक्ता निर्मल लोहिया पर रूपये एक लाख का जुर्माना लगाया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमठ एवं न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कौरव की खंडपीठ ने मध्य प्रदेश राज्य बार कौंसिल को अधिवक्ता के खिलाफ व्यावसायिक कदाचरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। … Read more

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि: जमानती अपराधों के मामलों में नहीं दी जा सकती है अग्रिम जमानत-

कोर्ट ने कहा कि याची पर गैर-जमानती अपराध करने का आरोप होना चाहिए, जो पहले से मौजूद तथ्यों से उपजा हुआ हो। याचिकाकर्ता के मन में उचित आशंका या विश्वास होना चाहिए कि उसे इस तरह के आरोप के आधार पर गिरफ्तार किया जाएगा। इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने फैसला सुनाया कि जमानती अपराध के मामलों … Read more

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा: लोग वीआईपी संस्कृति से ‘हाताश’ हो गए हैं, खासतौर पर मंदिरों में, श्रद्धालुओं को होती है परेशानी, जिससे वो दुखी होकर कोसते हैं-

न्यायमूर्ति ने सुनवाई के दौरान कहा कि भगवान अकेले “VIP” हैं। परिवार के सदस्यों के लिए होनी चाहिए लेकिन उनके रिश्तेदारों के लिए नहीं। कुछ लोग विशेष दर्शन के हकदार हैं इसका कोई तर्क नहीं हो सकता। मंदिर परिसरों को बंद करने से श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। वीआईपी धार्मिक पाप करता है, जिसे भगवान … Read more

POCSO आरोपी मुवक्किलों को झूठे बयान देने की सलाह पर आरोपी ‘वकील’ के खिलाफ केस रद्द करने से हाई कोर्ट का इनकार, छह महीने कारावास की सजा बरकरार-

जबलपुर बेंच – मध्य प्रदेश हाई कोर्ट Jabalpur Bench Madhya Pradesh High Court ने हाल ही में एक वकील द्वारा दायर एक पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया, जिस पर बलात्कार के आरोपी मुवक्किलों और अभियोक्ता को पुलिस और अदालतों से भौतिक तथ्यों को छिपाने की सलाह देने का आरोप लगाया गया था। विशेष न्यायाधीश … Read more

सुप्रीम कोर्ट: कोर्ट द्वारा आरोपी के बरी होने का ये अर्थ नहीं कि नियोक्ता आप पर अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं कर सकता-

शीर्ष अदालत ने 29 नवंबर, 2017 को कर्नाटक उच्च न्यायलय की कलबुर्गी पीठ के एक फैसले के खिलाफ कर्नाटक सरकार द्वारा अपील को स्वीकार करते हुए यह टिप्पणी की। कर्नाटक उच्च न्यायलय ने बीजापुर जिले के एक ग्राम लेखाकार उमेश की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के फैसले को रद्द कर दिया था। उस पर रिश्वत लेने का … Read more

एक गलत आदेश देने मात्रा से न्यायिक अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं, केवल संदेह “कदाचार” का गठन नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट

राजस्थान उच्च न्यायालय ने घूसखोरी के मामले में एक अभियुक्त को जमानत मंजूर करने के लिए एक न्यायिक अधिकारी (Judicial officer) को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। शीर्ष न्यायालय (Supreme Court) ने अपने फैसले में कहा कि महज संदेह के आधार पर कदाचार स्थापित नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही इसने राजस्थान हाई … Read more

काम करने के दौरान तनाव के कारण हुई मौत पर एम्लॉयर को मुआयजा देना ही पड़ेगा: बॉम्बे हाईकोर्ट

Bombay High Court बॉम्बे उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक नियोक्ता (Employer) को एक ट्रक ड्राइवर के परिजनों को Compensation मुआवजा देने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि काम करने के दौरान तनाव के कारण अंततः ट्रक ड्राइवर की मृत्यु हो गई। न्यायमूर्ति एनजे जमादार ने कहा कि मृतक ड्राइवर को पड़े दिल … Read more

महिला के अंडरपैंट पर पुरुष अंग को रगड़ना भी रेप के समान, हाई कोर्ट ने दिया फैसला-

मेघालय हाई कोर्ट (Meghalaya High Court) की बेंच ने कहा कि अंडरपैंट पहनी महिला के प्राइवेट पार्ट के ऊपर पुरुष के अंग की कोई भी हरकत उसे सजा दिलाने के लिए काफी है। खासकर महिला के प्राइवेट पार्ट पर कुछ भी रगड़ना आईपीसी की धारा 375 (बी) के तहत पेनिट्रेशन के समान माना जाएगा। भले … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि: आप के साथ गलत होता रहा और आप दो वर्षो तक चुप्प रही, बलात्कारी के अग्रिम जमानत के खिलाफ शिकायतकर्ता की चुनौती खारिज की-

supreme court शीर्ष अदालत ने 23 वर्षीय महिला से बलात्कार के आरोपी व्यक्ति को अग्रिम जमानत देने के मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी। मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति एनवी रमाना, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ के समक्ष अधिवक्ता प्रशांत शुक्ला ने सुनवाई के दौरान … Read more