सावधान कहीं आप ‘सेक्सटॉर्शन’ के शिकार तो नहीं, ये क्या है? और कैसे होता है? किन धाराओं के तहत और कैसे होगी दर्ज शिकायत, जाने विस्तार से

जिस प्रकार से देश और दुनिया में इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफार्म ने काफी लोकप्रियता हासिल की है. समाज के लिए इसके फायदे तो बेशुमार हैं, पर इसके नुकसान भी हैं. जहां व्हाट्सएप, फेसबुक, ऑनलाइन चैटिंग साइट्स, फेस बुक मैसेंजर, अन्य सोशल मीडिया साइट्स और इंस्टाग्राम, हमें लोगों से अधिक जुड़ाव महसूस कराते हैं, वहीं … Read more

Parole vs Bail: पैरोल और बेल दोनों शब्दों में क्या है अंतर, आखिर इसके क्या है कानूनी दांव पेंच

HIGHLIGHTS Parole vs Bail–  पैरोल और बेल आपराधिक न्याय प्रणाली का एक अहम हिस्सा है। आपने अकसर इन दोनों शब्दों के बारे में काफी सुना होगा। जब कोई व्यक्ति किसी मामले में गिरफ्तार हो जाता है तो उसे बेल और पैरोल मिलता है। ऐसे कई कानून की प्रणाली है, उनके बारे में जानना बेहद जरूरी … Read more

आखिर ‘1976 आपातकाल’ में हुए 42 वें संविधान संशोधन को ‘मिनी कांस्टिट्यूशन’ क्यों कहा जाता है-

संविधान की प्रस्तावना को उसकी आत्मा कहा जाता है. इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहते हुए 1976 में 42वां संविधान संशोधन किया गया. देश में उस समय आपातकाल लगा हुआ था . इसी दौरान संविधान की प्रस्तावना में 3 नए शब्द समाजवादी ,धर्मनिरपेक्ष और अखंडता को जोड़ा गया. संविधान की प्रस्तावना को उसकी आत्मा कहा जाता … Read more

क्या भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 के तहत ‘मोबाइल फोन स्क्रीनशॉट’ साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य है?

कानून की दो श्रेणियां हैं- मूल और प्रक्रियात्मक- इन श्रेणियों के आधार पर अलग-अलग कोड, अधिनियम और क़ानून बनाए और विभाजित किए जाते हैं, लेकिन साक्ष्य का कानून किसी भी श्रेणी में नहीं आता है क्योंकि यह अधिकारों और प्रक्रियाओं दोनों से संबंधित है। “कानून” शब्द का प्रयोग विभिन्न अर्थों में किया जाता है। अपने … Read more

“Arrest Should Be The Last Option For The Police”, Allahabad High Court Said & Grants Anticipatory Bail To Applicant

The Allahabad High Court recently, granted bail to the applicants without expressing any opinion on the merits of the case and considering the nature of accusation and also the second surge in the cases of novel coronavirus and possibility of further surge of the pandemic, the applicants were directed to be released on anticipatory bail … Read more

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गर्भपात कानून पर ‘सुप्रीम निर्णय’, क्या ‘लिव इन रिलेशनशिप’ जैसे ही हमारी सामाजिक व्यवस्था में बदलाव होगा-

अभी हाल में ही अमेरिका में गर्भपात के अधिकार को पलटा है और हम अब उसी अमेरिका के ख़त्म कानूनों के तरफ बढ़ रहे है। इसमें तनिक भी संशय नहीं होना चाहिए कि परिवर्तित सामाजिक व्यवस्था में हर स्त्री का अधिकार है कि वह अपनी गर्भावस्था के संबंध में स्वयं निर्णय ले। किन्तु भारत के … Read more

जनहित याचिका का समर्थन केवल अखबारों की रिपोर्ट नया ट्रेंड खतरनाक प्रवृत्ति, क्या ये प्रचार पाने का तरीका मात्रा है-

PIL में जिन रिपोर्टों का सहारा लिया गया उन में ईसाई उत्पीड़न के रूप में आरोपित अधिकांश घटनाएं या तो झूठी थीं या गलत तरीके से पेश की गई थीं। PIL में जिन मुद्दों को उठाया जाता है वो सिर्फ प्रचार प्रदान करने वाले मुद्दों होते है जिससे याचिकाकर्ता को प्रसिद्धि प्राप्त हो। PIL याचिकाएं … Read more

संविधान के “अनुच्छेद 21” के तहत ‘निजता के अधिकार’ के इतिहास का विश्लेषण, कैसे, कब और किस प्रकार से जुड़ा ये भारतीय संविधान में –

गोपनीयता और सुरक्षा चिंताओं के बारे में हालिया विवादों ने निजता के अधिकार से संबंधित मुद्दों पर बहस को सबसे आगे ला दिया है। जबकि भारत के संविधान, 1950 ने स्पष्ट रूप से निजता के मौलिक अधिकार को प्रदान नहीं किया, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ में इस अधिकार को … Read more

विधायिका न्यायपालिका के टकराव का चरमोत्कर्ष, जब सदन ने दोनों न्यायमूर्तियों को गिरफ्तार कर विधानसभा के सामने प्रस्तुत करने का दिया आदेश-

विधान सभा स्पीकर ने याचिका से सीधे जुड़े दोनों न्यायमूर्तियों को और एडवोकेट बी सालोमन को हिरासत में लेकर सदन के समक्ष उपस्थित करने के निर्देश दिए- विधायिका और न्यायपालिका के बीच टकराव का यह चरमोत्कर्ष था जब मजबूर होकर उत्तरप्रदेश विधानसभा को दोनों जजों और वकील को हिरासत में सदन के समक्ष उपस्थित किए … Read more

हिन्दू विवाह एक धार्मिक और कानूनी प्रक्रिया, जिसमे तलाक़ और एकल विवाह अग्रेजो ने जोड़ा, जाने तलाक़ कितने प्रकार से संभव है-

अगर आप दूसरी शादी करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको तलाक लेना होगा- Hindu Marriage Act Of 1955 – हमारे देश में हिन्दू विवाह एक धार्मिक और कानूनी प्रक्रिया है. ये Hindu Marriage Act Of 1955 के तहत आता है. अगर आप विवाह (Marriage) के रिश्ते (Relation) से खुश नहीं है और अलग होना … Read more