सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उच्च न्यायालयों को Article 226 रिट पेटिशन का निपटारा करते समय चुनौती देने के आधार पर अपना दिमाग लगाना चाहिए-

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार 13 .01.2022 को उड़ीसा हाईकोर्ट Orissa High Court के आदेश का विरोध करने वाली एक विशेष अनुमति याचिका Special leave Petition पर विचार करते हुए कहा कि, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 Article 226 of Indian Constitution के तहत दायर याचिका Petition पर विचार करते हुए हाईकोर्ट को याचिका में दी … Read more

सुप्रीम कोर्ट: बीमा करने के बाद हेल्‍थ इंश्योरेंस क्‍लेम खारिज नहीं कर पाएगी बीमा कंपनी, जानें क्या है पूरा मामला-

हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी (Health Insurance Policy) देकर किसी बहाने से क्लेम रिजेक्ट (Claim Reject) करना, अब ऐसा नहीं चलेगा. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इस मामले पर एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है. इससे हेल्‍थ इंश्योरेंस क्‍लेम (health insurance claim) को दावे को लेकर लोगों की परेशानी घटेगी. Supreme Court उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि … Read more

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: सहायक के तौर पर काम कर रहे कर्मचारी का बीमा क्लेम ठुकराना गलत, हाई कोर्ट का आदेश रद्द-

शीर्ष अदालत राजस्थान उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 की धारा 30 के तहत बीमा कंपनी की अपील को मंजूरी दी गई थी। इस मामले में मृतक तेज सिंह को नियोक्ता द्वारा एक हेल्पर के रूप में काम पर रखा गया था, … Read more

सुप्रीम कोर्ट पंहुचा शवों के अंतिम संस्कार का मामला, जानिए क्‍या है इस धर्म में शवों के अंतिम संस्‍कार का तरीका?

अंतिम संस्‍कार के तरीके पर सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिका  केंद्र सरकार ने तरीके पर रोक लगाने की मांग  पारसी धर्म में शव का खास तरीके से होता है अंतिम संस्‍कार हर धर्म-संप्रदाय में शादी-ब्‍याह से लेकर अंतिम संस्‍कार तक के अपने तरीके और रस्‍मो-रिवाज होते हैं. जैसे हिंदू और सिख धर्म के अनुयायी शव … Read more

POCSO COURT का त्वरित निर्णय, 90 दिनों में 3 साल की बच्ची से रेप और हत्या के दोषी को सजाए मौत-

कचरे वाले ने हैवानियत की सारी हदें पार कर 7 साल की बच्ची से किया दुष्कर्म, कोर्ट ने हैवान मान दिया तीन बार मृत्यदंड की सजा

कोर्ट में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश वर्मा और शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता ने न्यायालय के समक्ष देशभर के कई चर्चित मामलों की रूलिंग पेश की- Fatehpur POCSO COURT Death Sentence: शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता ने बताया कि खागा कोतवाली क्षेत्र के सुजरही गांव में 15 अक्टूबर 2021 की दोपहर 3 साल की बच्ची की रेप … Read more

सुप्रीम कोर्ट: संविधान पीठ का महत्वपूर्ण निर्णय, अग्रिम जमानत में तय समयसीमा जरूरी नहीं-

जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस इंदिरा बनर्जी, जस्टिस विनीत सरन, जस्टिस एम आर शाह और जस्टिस एस रविंद्र भट की संविधान पीठ ने कहा कि अग्रिम जमानत सामान्य तौर पर तब तक समाप्त नहीं किए जाने की जरूरत है जब तक अदालत द्वारा उसे समन किया जाए या आरोप तय किए जाएं. हालांकि यह अदालत पर निर्भर है … Read more

रेस्तरां द्वारा ग्राहक पर जबरन सेवा शुल्क नहीं लगाया जा सकता है, वसूले गए शुल्क को मुआवजे की राशि के साथ वापस करने का निर्देश-

कोलकाता उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा सेवा शुल्क Service Charge के भुगतान पर जोर देने वाला रेस्तरां का कार्य अवैध, दुर्भावनापूर्ण और कानून के विपरीत- Calcutta State Commision कोलकाता उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (आयोग) ने हाल ही में एक रेस्तरां को ग्राहक से वसूले गए सेवा शुल्क को मुआवजे की राशि … Read more

शीर्ष अदालत ने पटना उच्च न्यायलय के निर्णय को ठहराया सही, केंद्र और राज्य सरकार का बचा करीब तीन हजार करोड़ राजस्व-

सर्वोच्च अदालत द्वारा पटना उच्च न्यायलय के उस निर्णय पर अपनी मुहर लगा दी है, जिससे केंद्र व राज्य सरकार को तकरीबन तीन हज़ार करोड़ रुपए से अधिक की राजस्व की बचत हुई है। विगत 4 जनवरी, 2022 को शीर्ष अदालत ने पटना उच्च न्यायलय द्वारा 22 अप्रैल, 2019 को सुनाए गए एक अहम निर्णय … Read more

COVID के कारण देरी: उच्च न्यायलय ने विज्ञापित आयु सीमा से अधिक आयु होने के बाद भी लॉ स्नातक को जज भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने की दी अनुमति –

मुस्लिम पुरुष को एक से ज्यादा शादियों का रजिस्ट्रेशन नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज

Bombay High Court बॉम्बे उच्च न्ययालय ने मुंबई के एक लॉ स्नातक Law Graduate को अंतरिम राहत देते हुए निर्धारित विज्ञापित आयु सीमा से अधिक आयु होने के बाद भी सिविल जज (जूनियर डिवीजन) / न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) Civil Judge (Junior Division)/Judicial Magistrate (First Class) के पद के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया में … Read more

वकीलों पर छापेमारी: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा क्या लोग वकीलों के पास नहीं जा सकते? और वर्दीधारी व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर मुहर लगा देंगे?

सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को उनके कानूनी अधिकारों का प्रयोग करने से रोकने और स्थानीय अदालत के अधिकार क्षेत्र के अभियुक्त को बाहर ले जाने की हालिया प्रवृत्ति की निंदा की। “वकीलों पर छापेमारी की यह नई प्रवृत्ति वास्तव में क्या है? और आरोपियों को अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर ले जाना?” AIADMK के … Read more