पति द्वारा अपनी पत्नी की पीठ पीछे उसकी जानकारी के बिना की बातचीत रिकॉर्ड, जो उसके निजता के अधिकार का उल्लंघन है-HC

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट Chatisgarh High Court ने कहा कि संबंधित व्यक्ति की जानकारी के बिना मोबाइल पर बातचीत रिकॉर्ड करना उसकी निजता के अधिकार का उल्लंघन है. यह टिप्पणी हाईकोर्ट एक फैसले के दौरान की. दरअसल, एक महिला और उसके पति के बीच मामले की सुनवाई चल रही थी, जिसमें महिला के पति ने उसकी बातचीत … Read more

CrPC Sec 164 के तहत गवाह/पीड़ित का बयान दूसरी बार दर्ज करने के लिए आवेदन दायर करने से IO को रोकने वाला कोई कानून नहीं है: इलाहाबाद HC

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि कानून में ऐसा कुछ भी नहीं है जो आईओ को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत गवाह/पीड़ित का बयान दूसरी बार या इसी तरह दर्ज करने के लिए आवेदन देने से रोक सके। कुछ अच्छे कारणों से, CrPC Sec 164 के तहत बयान एक से … Read more

धारा 141 एनआई एक्ट : कंपनी के मामलों का प्रबंधन मात्र किसी व्यक्ति को इसके आचरण के लिए उत्तरदायी नहीं बनाता: सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि केवल इसलिए कि कोई व्यक्ति कंपनी के मामलों का प्रबंधन कर रहा है, वह कंपनी के व्यवसाय के संचालन का प्रभारी या कंपनी के व्यवसाय के संचालन के लिए कंपनी का जिम्मेदार व्यक्ति नहीं बन जाता है। . अपीलकर्ता ने परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (एनआई अधिनियम) की धारा 141 के … Read more

पार्टीशन सूट : अदालतों को मुकदमे के आंशिक फैसले से बचना चाहिए और एक ही कार्यवाही में सही हक और पार्टियों की हिस्सेदारी तय करनी चाहिए- सुप्रीम कोर्ट

न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने कहा है कि विभाजन के लिए दायर एक मुकदमे में, अदालतों को एक ही कार्यवाही में पार्टियों के सही अधिकार और हिस्सेदारी को व्यापक रूप से स्थगित करने और तय करने का प्रयास करना चाहिए और कार्यवाही की बहुलता या आरोप-प्रत्यारोप से … Read more

शादी का अपूरणीय विच्छेद अनुच्छेद 142 के तहत तलाक का सीधा-सीधा फॉर्मूला नहीं’- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विवाह में रहना एक पवित्र और अमूल्य भावनात्मक जीवन-जाल है

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सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने कहा है कि शादी के अपूरणीय टूटने के आधार पर तलाक हमेशा वांछनीय नहीं होता है, खासकर भारत में। उस संदर्भ में, न्यायालय ने कहा कि “अदालतों में तलाक की कार्यवाही दायर करने की बढ़ती प्रवृत्ति के बावजूद, विवाह की संस्था … Read more

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A भ्रष्ट लोगों के छिपने की छतरी नहीं : आंध्र प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि संपत्ति का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है, 22 साल बाद आया निर्णय-

आंध्र प्रदेश सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू का भ्रष्टाचार के मामलों की जांच से पहले पूर्वानुमति को अनिवार्य बनाने वाले प्रावधान के तहत सुरक्षा का दावा अस्वीकार्य है क्योंकि यह कोई ‘छाता’ नहीं है जिसके नीचे भ्रष्ट लोग छुप सकते हों। इसका उद्देश्य … Read more

उत्तर प्रदेश के वकीलों की उच्चस्तरीय अधिकारियों से वार्ता, सरकार ने वकीलों की सभी माँगो को माना, हड़ताल ख़त्म होगी

उत्तर प्रदेश के वकीलों की प्रदेश सरकार से उच्चस्तरीय वार्ता में सरकार ने वकीलों की सारी माँगो को मान लिया है। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने अपने प्रेस वार्ता में बताया की शासन CO और SO का स्थानातंरण करने, घायलों अधिवक्ताओ को मुवावजा देने,और आगामी विधान सभा सत्र के दौरान अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम एडवोकेट … Read more

राजद्रोह कानून: सुप्रीम कोर्ट ने धारा 124ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को संविधान पीठ के पास भेजा

Sedition Law Hearing: राजद्रोह कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता 124A के तहत राजद्रोह कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को कम से कम पांच जजों की संविधान पीठ के पास भेज दिया है। कोर्ट ने इस आधार … Read more

सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील बाथरूम में मृत पाई गईं

सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाली एक महिला वकील का खून से लथपथ शव उनके घर के बाथरूम में मिला। परिजनों का कहना है कि उसकी हत्या की गयी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घर की तलाशी ली गई है और मामला दर्ज कर लिया गया है। … Read more

ऐतिहासिक फैसला: एलआईसी को पॉलिसी हस्तांतरण और असाइनमेंट पर सेवा शुल्क या शुल्क लगाने का कानूनी अधिकार नहीं

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि संपत्ति का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है, 22 साल बाद आया निर्णय-

सुप्रीम कोर्ट ने जीवन बीमा निगम (LIC) पर महत्वपूर्ण गहरा प्रभाव डालने वाला फैसला सुनाया है। देश के सर्वोच्च न्यायिक प्राधिकरण ने स्पष्ट रूप से फैसला सुनाया है कि एलआईसी के पास पॉलिसी हस्तांतरण और असाइनमेंट के समर्थन के लिए सेवा शुल्क या शुल्क लगाने का कानूनी अधिकार नहीं है। यह ऐतिहासिक निर्णय एलआईसी द्वारा … Read more